PPF Vs SSY: बेटी की उच्च शिक्षा, शादी या भविष्य की दूसरी बड़ी जरूरतों के लिए समय रहते निवेश शुरू करना माता-पिता के लिए महत्वपूर्ण फैसला होता है। सरकार समर्थित पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) सुरक्षित बचत के लोकप्रिय विकल्प हैं। हालांकि दोनों योजनाओं के उद्देश्य, ब्याज दर, अवधि और निकासी के नियम अलग हैं। इसलिए निवेश से पहले इनकी विशेषताओं को समझना जरूरी है।
SSY में ब्याज ज्यादा, लेकिन निकासी के नियम सख्त
मौजूदा जानकारी के अनुसार, सुकन्या समृद्धि योजना पर 8.2 प्रतिशत ब्याज मिल रहा है, जबकि PPF की ब्याज दर 7.1 प्रतिशत है। SSY खासतौर पर बेटियों के भविष्य के लिए बनाई गई योजना है। इसका खाता 10 वर्ष से कम उम्र की बच्ची के नाम पर खोला जा सकता है। खाता खुलने की तारीख से 21 वर्ष बाद यह मैच्योर होता है, जबकि इसमें अधिकतम 15 वर्ष तक निवेश करना होता है।
पढ़ाई के लिए SSY से सीमित निकासी की सुविधा
सुकन्या समृद्धि योजना में जरूरत पड़ने पर कभी भी पूरी रकम निकालने की सुविधा नहीं होती। बेटी के 18 वर्ष की उम्र पूरी करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए पिछले वित्तीय वर्ष के अंत में उपलब्ध राशि का अधिकतम 50 प्रतिशत निकाला जा सकता है। निर्धारित शर्तों के अनुसार यह राशि एक बार में या किस्तों में ली जा सकती है।
शादी और विशेष परिस्थितियों में खाता बंद करने का विकल्प
बेटी के 18 वर्ष की होने के बाद उसकी शादी की स्थिति में SSY खाता समय से पहले बंद किया जा सकता है। इसके अलावा खाताधारक की मृत्यु या कुछ गंभीर वित्तीय परिस्थितियों में भी निर्धारित नियमों के तहत खाता बंद करने की अनुमति हो सकती है।
PPF में निवेश की अवधि और निकासी में ज्यादा लचीलापन
पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी PPF की शुरुआती अवधि 15 वर्ष होती है। इसके बाद इसे पांच-पांच वर्ष के ब्लॉक में आगे बढ़ाया जा सकता है। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद इसमें आंशिक निकासी और लोन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होती हैं। यही वजह है कि यह उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है जो लंबी अवधि में सुरक्षित निवेश के साथ अपेक्षाकृत अधिक लचीलापन चाहते हैं।
गंभीर जरूरतों में PPF से समयपूर्व निकासी संभव
नियमों के तहत खाता खोलने वाले वर्ष के अंत से पांच वर्ष पूरे होने के बाद कुछ विशेष परिस्थितियों में PPF खाता समय से पहले बंद किया जा सकता है। इनमें खाताधारक, जीवनसाथी, बच्चों या आश्रित माता-पिता की गंभीर बीमारी का इलाज, खाताधारक या बच्चों की उच्च शिक्षा और निवास स्थिति में बदलाव जैसी परिस्थितियां शामिल हो सकती हैं।
हर महीने ₹5000 निवेश करने पर PPF का अनुमानित रिटर्न
अगर कोई निवेशक PPF में हर महीने ₹5,000, यानी सालाना ₹60,000 जमा करता है, तो 15 वर्षों में कुल निवेश ₹9 लाख होगा। 7.1 प्रतिशत की मौजूदा ब्याज दर को आधार मानने पर लगभग ₹7.27 लाख ब्याज बन सकता है। इस हिसाब से 15 वर्ष बाद कुल रकम करीब ₹16.27 लाख हो सकती है। वास्तविक राशि ब्याज दरों में बदलाव के अनुसार अलग हो सकती है।
SSY में ₹5000 मासिक निवेश का बड़ा फायदा
SSY में भी हर महीने ₹5,000 निवेश करने पर 15 वर्षों में कुल जमा ₹9 लाख होगी। हालांकि योजना 21 वर्ष में मैच्योर होती है और निवेश केवल शुरुआती 15 वर्षों तक करना होता है। इसके बाद बची छह वर्षों की अवधि में जमा रकम पर ब्याज मिलता रहता है। दिए गए अनुमान के मुताबिक 21 वर्ष में कुल मैच्योरिटी राशि करीब ₹27.71 लाख से अधिक हो सकती है।
बेटी के लिए SSY या लचीले निवेश के लिए PPF?
अगर आपका मुख्य उद्देश्य बेटी के भविष्य के लिए एक अलग और बड़ा फंड तैयार करना है, तो मौजूदा ब्याज दर के आधार पर SSY ज्यादा रिटर्न देने वाला विकल्प नजर आता है। वहीं, अगर आपको निवेश में ज्यादा लचीलापन, लोन और निर्धारित परिस्थितियों में निकासी जैसी सुविधाएं चाहिए, तो PPF बेहतर विकल्प हो सकता है। अंतिम चुनाव बच्ची की उम्र, लक्ष्य, निवेश अवधि और आपकी वित्तीय जरूरतों पर निर्भर करेगा।
निवेश से पहले नियमों और ब्याज दरों की जांच करें
PPF और SSY दोनों सरकारी समर्थित बचत योजनाएं हैं, लेकिन ब्याज दरें समय-समय पर बदल सकती हैं। इसलिए निवेश करने से पहले मौजूदा नियम, ब्याज दर, टैक्स व्यवस्था और निकासी की शर्तों की पुष्टि करना जरूरी है। किसी भी योजना में पैसा लगाने से पहले अपनी वित्तीय स्थिति के अनुसार योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह लेना उचित रहेगा।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। निवेश से पहले संबंधित योजना के आधिकारिक नियमों की जांच करें और आवश्यकता होने पर वित्तीय विशेषज्ञ की सलाह लें।
Read More : Bluetooth Security: हमेशा ON रखने से क्या हैक हो सकता है स्मार्टफोन? जानें Bluetooth Hacking का सच