Student Union Election: पश्चिम बंगाल के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में लंबे समय से लंबित छात्र संघ चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने संकेत दिया कि राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में जल्द छात्र संसद के चुनाव कराए जा सकते हैं। जादवपुर विश्वविद्यालय के बाहर एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि चुनाव होने के बाद कॉलेज और विश्वविद्यालय परिसरों की राजनीतिक तस्वीर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
करीब 15 साल से नियमित चुनाव नहीं होने का दावा
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल के अधिकांश उच्च शिक्षण संस्थानों में पिछले करीब 15 वर्षों से नियमित छात्र संघ चुनाव नहीं कराए गए हैं। उनके मुताबिक, सरकार अब इस प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों को लोकतांत्रिक तरीके से अपने प्रतिनिधि चुनने का अधिकार और अवसर मिलना चाहिए। चुनाव की बहाली से परिसरों में छात्र राजनीति को नया आधार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
ABVP की जीत को लेकर सुवेंदु अधिकारी ने जताया भरोसा
छात्र संघ चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री ने संभावित राजनीतिक परिणामों पर भी खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने दावा किया कि चुनाव होने के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी ABVP कई कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में मजबूत प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि ABVP चुनावों में जीत हासिल करेगी और राज्य के विभिन्न परिसरों में भगवा झंडा दिखाई देगा। इस बयान के बाद पश्चिम बंगाल की छात्र राजनीति में सियासी बहस और तेज होने की संभावना है।
जादवपुर विश्वविद्यालय को लेकर भी मुख्यमंत्री का सख्त रुख
जादवपुर विश्वविद्यालय में छात्र संगठनों के बीच सामने आए विवादों और कथित झड़पों को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों की पहचान राजनीतिक हिंसा और अराजकता से नहीं, बल्कि शिक्षा, शोध और सकारात्मक विचारों से होनी चाहिए। उन्होंने जादवपुर विश्वविद्यालय में कथित राष्ट्रविरोधी गतिविधियों पर भी चिंता जताई और कार्रवाई की बात कही। उनके बयान से विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्र संगठनों के बीच नई बहस छिड़ सकती है।
हॉस्टलों में निगरानी बढ़ाने का भी संकेत
मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के छात्रावासों से जुड़ी कथित शिकायतों को लेकर भी सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए। उन्होंने नशीली दवाओं के इस्तेमाल और पूर्व छात्रों द्वारा हॉस्टल पर कब्जे जैसी शिकायतों की निगरानी की जरूरत बताई। इसके लिए ड्रोन जैसी तकनीक के इस्तेमाल का भी उल्लेख किया गया। हालांकि, ऐसी निगरानी व्यवस्था किस स्तर पर लागू होगी और इसके लिए क्या नियम होंगे, इस संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
विपक्ष ने सरकार से मांगी चुनाव की स्पष्ट तारीख
पश्चिम बंगाल में छात्र संघ चुनाव कराने की मांग लंबे समय से विपक्षी दलों और विभिन्न छात्र संगठनों की ओर से की जाती रही है। अब मुख्यमंत्री के बयान के बाद विपक्ष ने सरकार से चुनाव की स्पष्ट समयसीमा बताने की मांग की है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि केवल चुनाव कराने की घोषणा पर्याप्त नहीं है। सरकार को तारीख, चुनाव प्रक्रिया और सभी संस्थानों में इसे लागू करने की विस्तृत जानकारी भी सार्वजनिक करनी चाहिए।
कई परिसरों में पहले से जारी है राजनीतिक तनाव
जादवपुर विश्वविद्यालय सहित राज्य के कई शिक्षण संस्थानों में पिछले कुछ समय से छात्र संगठनों के बीच राजनीतिक मतभेद और टकराव देखने को मिले हैं। ऐसे समय में छात्र संघ चुनाव कराने की संभावित घोषणा काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि चुनाव होते हैं तो ABVP, SFI और अन्य छात्र संगठनों के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल सकता है। इससे कॉलेज और विश्वविद्यालय राज्य की राजनीति के महत्वपूर्ण केंद्र बन सकते हैं।
चुनाव की घोषणा के साथ सामने आए कई सवाल
मुख्यमंत्री के बयान के बाद छात्र संगठनों में चुनावी तैयारियां शुरू होने की संभावना है। हालांकि अभी चुनाव की आधिकारिक तारीख, नियम, सीटों की संरचना और सभी संस्थानों में चुनाव कराने की प्रक्रिया स्पष्ट नहीं हुई है। ऐसे में फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकार अपनी घोषणा को कब तक अमल में लाती है। छात्र समुदाय भी अब आधिकारिक अधिसूचना और चुनाव कार्यक्रम का इंतजार कर रहा है।
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