China Military Purge : चीन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ बड़ी और असाधारण कार्रवाई की है। शुक्रवार को चीन के सर्वोच्च सैन्य निकाय सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (CMC) से दो बेहद वरिष्ठ अधिकारियों को हटा दिया गया। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, दोनों अधिकारियों पर अनुशासन और कानून के गंभीर उल्लंघन से जुड़े आरोप हैं। इस कार्रवाई को चीन की सेना के शीर्ष स्तर पर अब तक के सबसे बड़े घटनाक्रमों में से एक माना जा रहा है।
CMC के दो वरिष्ठ जनरलों पर गिरी गाज
जिन दो अधिकारियों को CMC से हटाया गया है, उनमें जनरल झांग यूशिया और जनरल लियू जेनली शामिल हैं। दोनों ही चीनी सेना के बेहद प्रभावशाली अधिकारियों में गिने जाते थे। उनके खिलाफ हुई कार्रवाई ने चीन के सैन्य और राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। हालांकि, सरकारी बयान में लगाए गए आरोपों की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
झांग यूशिया थे सैन्य आयोग में दूसरे नंबर पर
जनरल झांग यूशिया चीन के सैन्य नेतृत्व में बेहद महत्वपूर्ण स्थान रखते थे। वह सेंट्रल मिलिट्री कमीशन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बाद दूसरे सबसे शक्तिशाली अधिकारी माने जाते थे। इसके अलावा वह चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के पोलित ब्यूरो के सदस्य भी थे। ऐसे वरिष्ठ नेता को अचानक पद से हटाए जाने को चीन की सत्ता और सैन्य व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
लियू जेनली की भी हुई विदाई
जनरल लियू जेनली भी चीनी सेना के शीर्ष अधिकारियों में शामिल थे। वह CMC के वरिष्ठ सदस्य होने के साथ पीएलए के जॉइंट स्टाफ डिपार्टमेंट के चीफ ऑफ स्टाफ की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनके पद को देखते हुए उनकी बर्खास्तगी को भी बेहद गंभीर माना जा रहा है। दोनों अधिकारियों को एक साथ हटाए जाने से चीन के सैन्य नेतृत्व में बड़े बदलाव की चर्चा तेज हो गई है।
शीर्ष सैन्य नेतृत्व में बढ़ी हलचल
झांग यूशिया और लियू जेनली को हटाए जाने के बाद चीन के केंद्रीय सैन्य आयोग की स्थिति को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब चीनी सेना के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों में पहले भी वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई की खबरें सामने आती रही हैं। इससे PLA के शीर्ष नेतृत्व में अस्थिरता और आंतरिक जांच को लेकर अटकलों को बल मिला है।
डोकलाम और गलवान से जुड़े जनरल पर भी कार्रवाई
इसी घटनाक्रम के बीच चीन की शीर्ष राजनीतिक सलाहकार संस्था CPPCC ने जनरल झाओ जोंगकी की सदस्यता भी समाप्त कर दी है। झाओ जोंगकी चीन की वेस्टर्न थिएटर कमांड के प्रमुख रह चुके हैं। इसी कमान की जिम्मेदारी भारत-चीन सीमा से जुड़े महत्वपूर्ण क्षेत्रों की भी है। वह 2017 के डोकलाम गतिरोध और जून 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के समय इस कमान का नेतृत्व कर रहे थे।
सेना में कार्रवाई का सिलसिला जारी
रक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि चीन की सेना में वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला पिछले कुछ समय से जारी है। रॉकेट फोर्स और रक्षा मंत्रालय से जुड़े कई अधिकारियों पर भी जांच, गिरफ्तारी या पद से हटाए जाने की खबरें सामने आती रही हैं। ऐसे में CMC के शीर्ष अधिकारियों पर हुई ताजा कार्रवाई को उसी व्यापक अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।
क्या सेना पर पकड़ और मजबूत कर रहे हैं शी?
इतने वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को हटाए जाने के बाद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सेना पर पकड़ को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। रक्षा विश्लेषकों के अनुसार, कार्रवाई का एक संभावित उद्देश्य PLA में अनुशासन मजबूत करना और नेतृत्व पर केंद्रीय नियंत्रण बढ़ाना हो सकता है। हालांकि, इसे सीधे तौर पर सत्ता संघर्ष का परिणाम बताना अभी जल्दबाजी होगी। फिलहाल चीन की ओर से कार्रवाई के पीछे के विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
भारत-चीन संबंधों के लिहाज से भी अहम घटनाक्रम
चीनी सैन्य नेतृत्व में हुए इस बड़े बदलाव पर भारत की भी नजर रहेगी, खासकर इसलिए क्योंकि कार्रवाई की जद में आए कुछ अधिकारी भारत-चीन सीमा से जुड़े महत्वपूर्ण सैन्य पदों पर रह चुके हैं। डोकलाम और गलवान जैसे घटनाक्रमों में वेस्टर्न थिएटर कमांड की भूमिका रही थी। ऐसे में PLA के शीर्ष नेतृत्व में बदलाव का असर भविष्य में चीन की सीमा नीति और सैन्य रणनीति पर कितना पड़ता है, यह देखने वाली बात होगी।
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