Child Health Campaign 2026: जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश सरकार बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को लेकर विशेष अभियान शुरू करने जा रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सहयोग से प्रदेशभर में स्वास्थ्य एवं पोषण शिविर आयोजित किए जाएंगे। यह विशेष अभियान 29 अगस्त से शुरू होकर 4 सितंबर तक चलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य की स्थिति की जांच करना, पोषण स्तर का आकलन करना और जरूरतमंद बच्चों को समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की होगी स्वास्थ्य जांच
अभियान के तहत प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों और प्राथमिक विद्यालयों में विशेष स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था की जाएगी। यहां बच्चों के स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न पहलुओं का परीक्षण किया जाएगा। अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों की मदद से बच्चों में किसी बीमारी या स्वास्थ्य समस्या के शुरुआती लक्षणों की पहचान करने का प्रयास किया जाएगा। जांच के बाद आवश्यकता पड़ने पर बच्चों को चिकित्सकीय सलाह और जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
पोषण स्तर का भी किया जाएगा आकलन
स्वास्थ्य जांच के साथ बच्चों के पोषण स्तर पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। अभियान के दौरान यह पता लगाने की कोशिश होगी कि कौन से बच्चे पोषण की कमी से प्रभावित हैं और किन बच्चों को अतिरिक्त देखभाल की आवश्यकता है। सरकार का उद्देश्य बच्चों में कुपोषण की समस्या को कम करना और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य प्रदान करना है। साथ ही अभिभावकों को बच्चों के संतुलित और पौष्टिक आहार के महत्व के बारे में जागरूक किया जाएगा।
पौष्टिक भोजन और जागरूकता पर रहेगा जोर
शिविरों में स्वास्थ्य परीक्षण के अलावा बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जाएगा। सरकार चाहती है कि बच्चों को उनकी उम्र और जरूरत के अनुसार पर्याप्त पोषण मिले। परिवारों को भी बच्चों की खान-पान संबंधी आदतों, स्वच्छता और स्वास्थ्य देखभाल के बारे में जानकारी दी जाएगी। इस अभियान को जन्माष्टमी के अवसर पर बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को प्राथमिकता देने वाली पहल के तौर पर देखा जा रहा है।
कृष्ण से जुड़े धार्मिक स्थलों पर होंगे कार्यक्रम
जन्माष्टमी के अवसर पर मध्य प्रदेश सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष कार्यक्रम आयोजित करेगी। भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े प्रमुख स्थलों पर सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन किए जाएंगे। इनमें जानापाव, अमझेरा, उज्जैन का सांदीपनि आश्रम, नारायणा, रायसेन का जामगढ़ और देवास का खातेगांव प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन कार्यक्रमों में प्रदेश के मंत्री, सांसद और विधायक भी हिस्सा लेंगे।
कृष्ण गमन पथ से जुड़ेंगे प्रमुख धार्मिक स्थल
सरकार भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े इन स्थलों को ‘कृष्ण गमन पथ’ के माध्यम से जोड़ने की दिशा में भी काम कर रही है। इसका उद्देश्य धार्मिक महत्व वाले स्थानों को एक पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करना है। इससे श्रद्धालुओं को इन स्थानों की यात्रा करने में सुविधा मिलेगी और प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। स्थानीय स्तर पर रोजगार और पर्यटन से जुड़े कारोबार को भी इसका लाभ मिल सकता है।
श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं की तैयारी
जन्माष्टमी के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के धार्मिक स्थलों पर पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है। सरकार ने संबंधित क्षेत्रों में बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। सरकारी और निजी होटल संचालकों को भी पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। साफ-सफाई, ठहरने और अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की कोशिश की जाएगी।
स्वास्थ्य और पर्यटन दोनों पर सरकार का फोकस
मध्य प्रदेश में जन्माष्टमी के अवसर पर चलने वाली ये पहल दो महत्वपूर्ण क्षेत्रों को एक साथ जोड़ती है। एक तरफ बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और कुपोषण की समस्या पर ध्यान दिया जाएगा, वहीं दूसरी ओर भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े धार्मिक स्थलों को पर्यटन के लिहाज से विकसित करने की कोशिश होगी। सरकार का लक्ष्य है कि जन्माष्टमी केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित न रहे, बल्कि इसके माध्यम से स्वास्थ्य जागरूकता और प्रदेश के धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिले।
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