Inflation News : आम लोगों के घरेलू बजट पर महंगाई का नया दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी के दाम बढ़ने से रोजाना सफर महंगा होने की आशंका है, वहीं महाराष्ट्र में दूध की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी की तैयारी है। इसका असर केवल ईंधन और दूध तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि परिवहन लागत बढ़ने से फल, सब्जियां और अन्य रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम भी प्रभावित हो सकते हैं।
दिल्ली-एनसीआर में CNG की कीमतों में बढ़ोतरी
दिल्ली-एनसीआर के लोगों को सीएनजी की बढ़ी कीमतों का सीधा असर झेलना पड़ेगा। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड यानी IGL ने सीएनजी के दाम में 3.89 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि की है। नई कीमतें शनिवार सुबह 6 बजे से लागू हो गई हैं। पिछले छह महीनों के दौरान यह सीएनजी की कीमतों में पांचवीं बड़ी बढ़ोतरी बताई जा रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान-अमेरिका तनाव को भी इसके पीछे एक प्रमुख वजह माना जा रहा है।
ऑटो और कैब से लेकर मालढुलाई तक असर
सीएनजी महंगी होने का असर निजी वाहन मालिकों के अलावा ऑटो, कैब, स्कूल बस और माल ढोने वाले वाहनों पर भी पड़ सकता है। परिवहन लागत बढ़ने पर वाहन संचालक किराया बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा बाजारों तक फल, सब्जियां और किराना पहुंचाने वाले छोटे मालवाहक वाहनों का खर्च भी बढ़ेगा। इसका असर आगे चलकर खुदरा कीमतों में दिखाई दे सकता है।
महाराष्ट्र में दूध के दाम बढ़ने की तैयारी
महाराष्ट्र में घरेलू बजट को एक और बड़ा झटका लग सकता है। यहां 1 सितंबर से दूध की कीमतों में 9 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी की तैयारी है। इससे पहले 11 अगस्त को दूध उत्पादक संघ की ओर से गाय और भैंस के दूध के दाम में 2 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी। इसके बाद दही, मक्खन और पनीर जैसे डेयरी उत्पादों की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिली थी।
दूध महंगा होने से डेयरी उत्पाद भी प्रभावित
दूध की कीमत बढ़ने का सीधा असर सिर्फ चाय या दूध खरीदने वाले परिवारों पर नहीं पड़ेगा। दूध से बनने वाले दही, पनीर, मक्खन, लस्सी और मिठाइयों की लागत भी बढ़ सकती है। महाराष्ट्र में प्रस्तावित बढ़ोतरी के बाद दूध की कीमत करीब 102 रुपये प्रति लीटर तक पहुंचने की बात सामने आई है। ऐसे में डेयरी से जुड़े कारोबारियों के सामने भी लागत का दबाव बढ़ सकता है।
प्याज और गुड़ ने भी बढ़ाई चिंता
ईंधन और दूध के साथ कुछ खाद्य वस्तुओं की कीमतें भी उपभोक्ताओं को परेशान कर रही हैं। महाराष्ट्र और दिल्ली-एनसीआर के कुछ बाजारों में प्याज की खुदरा कीमतें बढ़कर करीब 60 से 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई हैं। वहीं मानसून सीजन के दौरान पंजाब, हरियाणा और मुंबई के बाजारों में गुड़ की कीमतें भी बढ़ी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक गुड़ अब 80 से 100 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है।
त्योहारों से पहले मिठाई और बेकरी उत्पाद हो सकते हैं महंगे
दूध और गुड़ की कीमतों में बढ़ोतरी का असर आने वाले त्योहारी सीजन में मिठाई और बेकरी उत्पादों पर भी पड़ सकता है। हलवाई और बेकरी कारोबारी उत्पादन लागत बढ़ने पर कीमतों में बदलाव कर सकते हैं। केक, बिस्कुट, मिठाई और दूध से तैयार होने वाले दूसरे उत्पादों के लिए उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है।
चीनी की कीमतों में मिली थोड़ी राहत
महंगाई के बीच चीनी की कीमतों में गिरावट उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। सरकारी प्रयासों के बाद मिल स्तर पर चीनी की कीमतों में करीब 20 प्रतिशत तक कमी आने की बात सामने आई है। हालांकि, यह राहत दूध, ईंधन और दूसरी खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतों से बनने वाले अतिरिक्त घरेलू खर्च को कितना संतुलित कर पाएगी, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
आम आदमी के बजट पर पड़ेगा चेन रिएक्शन का असर
CNG और दूध की बढ़ती कीमतें अर्थव्यवस्था में एक तरह का चेन रिएक्शन पैदा कर सकती हैं। परिवहन महंगा होने पर सामान की ढुलाई लागत बढ़ती है और उसका असर खुदरा कीमतों पर पड़ सकता है। दूसरी तरफ दूध महंगा होने से घर के रोजमर्रा के खर्च के साथ डेयरी आधारित खाद्य पदार्थों की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में आम परिवारों को अपने मासिक बजट में अतिरिक्त खर्च के लिए तैयार रहना पड़ सकता है।
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