Sleep and Hypertension: आज की व्यस्त जीवनशैली में देर रात तक मोबाइल फोन चलाना, लैपटॉप पर काम करना या मनोरंजन में समय बिताना आम हो गया है। इसका सीधा असर लोगों की नींद की अवधि और गुणवत्ता पर पड़ रहा है। कई लोग मानते हैं कि रोजाना पांच से छह घंटे सोना पर्याप्त है, लेकिन लगातार कम नींद लेना शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अमेय अमोनकर ने अपने यूट्यूब वीडियो में नींद और ब्लड प्रेशर के बीच संबंध को समझाते हुए बताया कि पर्याप्त नींद न लेने से हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन का जोखिम बढ़ सकता है।
गहरी नींद में शरीर करता है आराम
डॉ. अमोनकर के मुताबिक, जब व्यक्ति गहरी नींद में होता है, तब शरीर आराम और रिकवरी की अवस्था में पहुंचता है। इस दौरान दिमाग की गतिविधियां अपेक्षाकृत धीमी होती हैं और हृदय की धड़कन भी कम हो जाती है। साथ ही रक्त वाहिकाओं को आराम मिलता है, जिससे हृदय पर पड़ने वाला दबाव कम होता है। इस प्रक्रिया के कारण नींद के दौरान ब्लड प्रेशर स्वाभाविक रूप से नीचे आने में मदद मिलती है। इसलिए अच्छी नींद शरीर के सामान्य कामकाज के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
नींद पूरी न होने पर शरीर रहता है अलर्ट
जब व्यक्ति लगातार पर्याप्त नींद नहीं लेता, तो शरीर को आवश्यक आराम और रिकवरी का समय नहीं मिल पाता। ऐसी स्थिति में शरीर लंबे समय तक अलर्ट मोड में रह सकता है। इसके कारण तनाव से जुड़े हार्मोन कॉर्टिसोल का स्तर बढ़ने की संभावना रहती है। इसके साथ ही हार्ट रेट सामान्य से अधिक रह सकता है और सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम सक्रिय बना रह सकता है। लंबे समय तक ऐसा होने पर ब्लड प्रेशर प्रभावित हो सकता है और हाइपरटेंशन का जोखिम बढ़ सकता है।
छह घंटे से कम नींद पर बढ़ सकता है जोखिम
डॉ. अमोनकर के अनुसार, नियमित तौर पर छह घंटे से कम नींद लेने वाले लोगों में हाई ब्लड प्रेशर का खतरा अधिक हो सकता है। उनके बताए आंकड़ों के मुताबिक यह जोखिम करीब 30 से 40 प्रतिशत तक हो सकता है। हालांकि, नींद और स्वास्थ्य पर प्रभाव व्यक्ति की उम्र, जीवनशैली और अन्य परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। लगातार नींद की कमी होने पर शरीर के नर्वस सिस्टम को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता, जिसका असर ब्लड प्रेशर नियंत्रण पर पड़ सकता है।
सिर्फ खान-पान पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं
ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के लिए संतुलित आहार और नियमित शारीरिक गतिविधि महत्वपूर्ण हैं, लेकिन नींद की भूमिका को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। विशेषज्ञ के मुताबिक, अगर शरीर को पर्याप्त आराम नहीं मिल रहा है, तो केवल डाइट में सुधार करने से समस्या पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो सकती। नींद की कमी के कारण कुछ लोगों में सुबह के समय ब्लड प्रेशर सामान्य से अधिक दर्ज किया जा सकता है। इसलिए स्वस्थ जीवनशैली में पर्याप्त नींद को भी प्राथमिकता देना जरूरी है।
अच्छी नींद से मिलती है शरीर को रिकवरी
पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण नींद शरीर को दिनभर की थकान से उबरने का अवसर देती है। इससे हृदय की गतिविधियों को संतुलित रखने, रक्त वाहिकाओं को आराम देने और तनाव कम करने में मदद मिलती है। नियमित अच्छी नींद ब्लड प्रेशर को सामान्य बनाए रखने में भी सहायक हो सकती है। यही वजह है कि नींद को स्वस्थ हृदय और बेहतर जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
हर रात पर्याप्त नींद लेने की कोशिश करें
नींद को बेहतर बनाने के लिए सोने और जागने का समय नियमित रखना, रात में मोबाइल और अन्य स्क्रीन का इस्तेमाल कम करना तथा सोने से पहले अत्यधिक तनाव से बचना उपयोगी हो सकता है। हर व्यक्ति की नींद की जरूरत अलग हो सकती है, इसलिए अपनी दिनचर्या और स्वास्थ्य के अनुसार पर्याप्त आराम लेना जरूरी है। यदि लगातार ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ रहता है या नींद से जुड़ी परेशानी बनी रहती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।
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