ED Action Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई एक बार फिर चर्चा में है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने मंगलवार सुबह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व निजी सहायक (पीए) के भिलाई स्थित आवास पर छापेमारी की। इसके साथ ही एजेंसी की एक अन्य टीम पूर्व मुख्यमंत्री के पूर्व ओएसडी चेतन बोरघारिया से भी पूछताछ कर रही है। चेतन बोरघारिया वर्तमान में बलरामपुर में अपर कलेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। दोनों कार्रवाइयों के बाद प्रदेश के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है।
केके चंद्रवंशी के भिलाई स्थित घर पहुंची ईडी टीम
जानकारी के मुताबिक, ईडी की टीम मंगलवार सुबह करीब छह बजे भिलाई स्थित केके चंद्रवंशी के आवास पर पहुंची। चंद्रवंशी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पीए रह चुके हैं। एजेंसी की टीम दो से तीन वाहनों में वहां पहुंची और इसके बाद घर के अंदर पूछताछ तथा जांच की कार्रवाई शुरू की गई। सुबह शुरू हुई यह कार्रवाई दोपहर तक जारी रही। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि ईडी की टीम किस विशेष मामले या जांच के सिलसिले में चंद्रवंशी से पूछताछ कर रही है।
पूर्व ओएसडी चेतन बोरघारिया से सर्किट हाउस में पूछताछ
इसी दौरान ईडी की एक अन्य टीम बलरामपुर पहुंची। टीम ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व ओएसडी रह चुके चेतन बोरघारिया को पूछताछ के लिए तलब किया। वर्तमान में वह बलरामपुर अपर कलेक्टर के पद पर पदस्थ हैं। ईडी की टीम उन्हें लेकर बलरामपुर सर्किट हाउस पहुंची, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। इस कार्रवाई को लेकर भी एजेंसी की ओर से अभी कोई आधिकारिक विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
सर्किट हाउस के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
चेतन बोरघारिया से पूछताछ के दौरान बलरामपुर सर्किट हाउस के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है और पूरे परिसर पर निगरानी रखी जा रही है। पूछताछ के दौरान किसी बाहरी व्यक्ति की अनावश्यक आवाजाही को रोकने के लिए भी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। फिलहाल यह जानकारी सामने नहीं आई है कि ईडी की पूछताछ कितने समय तक चलेगी और इसमें किन बिंदुओं पर अधिकारियों से जानकारी ली जा रही है।
कांग्रेस शासनकाल के कथित मामलों की जांच जारी
छत्तीसगढ़ में पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल से जुड़े कथित घोटालों और वित्तीय अनियमितताओं के विभिन्न मामलों की जांच केंद्रीय एजेंसियां कर रही हैं। इसी क्रम में ईडी पहले भी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, उनके बेटे चैतन्य बघेल, पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और सरकार से जुड़े कई लोगों के ठिकानों पर कार्रवाई कर चुकी है। इन मामलों में कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है और कई आरोपी न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं।
पूर्व सीएम से जुड़े लोगों पर पहले भी हुई कार्रवाई
ईडी की ओर से पिछले कुछ समय में पूर्व मुख्यमंत्री के करीबियों और तत्कालीन प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। अलग-अलग मामलों की जांच के दौरान केंद्रीय एजेंसी ने कई स्थानों पर तलाशी और पूछताछ की है। मंगलवार को भिलाई में पूर्व पीए के आवास पर कार्रवाई और बलरामपुर में पूर्व ओएसडी से पूछताछ इसी सिलसिले की कड़ी मानी जा रही है। हालांकि, इन दोनों कार्रवाइयों के पीछे की सटीक वजह अभी आधिकारिक तौर पर स्पष्ट नहीं हुई है।
किस मामले में पूछताछ, फिलहाल जानकारी स्पष्ट नहीं
केके चंद्रवंशी और चेतन बोरघारिया से ईडी की पूछताछ किस मामले को लेकर हो रही है, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। इसी तरह, पूछताछ के दौरान एजेंसी को अब तक क्या जानकारी मिली है, इस बारे में भी कोई स्पष्ट विवरण उपलब्ध नहीं है। इसलिए कार्रवाई के कारणों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ईडी की ओर से सामने आने वाली जानकारी से तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ में राजनीतिक गतिविधियां भी तेज
ईडी की ताजा कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है, जब छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल से जुड़े मामलों को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप लगातार जारी हैं। भिलाई और बलरामपुर में एक साथ हुई कार्रवाई ने इस मुद्दे को फिर चर्चा में ला दिया है। फिलहाल दोनों स्थानों पर जांच और पूछताछ की प्रक्रिया जारी है। अब निगाह इस बात पर है कि केंद्रीय एजेंसी आगे क्या कार्रवाई करती है और इन पूछताछ से जांच में कौन से नए तथ्य सामने आते हैं।
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