SCO Summit Photo Row: किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित 26वें शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO शिखर सम्मेलन के दौरान पाकिस्तान एक ऐसी तस्वीर को लेकर चर्चा में आ गया, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर उसकी जमकर आलोचना होने लगी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के कार्यालय की ओर से सम्मेलन की एक कथित एडिटेड फैमिली फोटो सोशल मीडिया पर साझा की गई। तस्वीर सामने आने के बाद लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर आधिकारिक तस्वीर में बदलाव करने की जरूरत क्यों पड़ी।
एडिटेड तस्वीर में कई नेताओं को किया गया क्रॉप
बताया गया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय से साझा की गई तस्वीर में कई वैश्विक नेताओं को फ्रेम से हटा दिया गया था। तस्वीर को इस तरह एडिट किया गया कि शहबाज शरीफ बीच में प्रमुखता से दिखाई दें। इसी बदलाव को लेकर पाकिस्तान की सोशल मीडिया गतिविधियों पर सवाल उठने लगे। आलोचकों ने इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर अनावश्यक रूप से खुद को प्रमुख दिखाने की कोशिश के तौर पर देखा।
पीएम मोदी और ईरानी राष्ट्रपति भी तस्वीर से हटे
एडिटेड तस्वीर में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान भी नजर नहीं आए। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों नेताओं को फोटो क्रॉप करके हटा दिया गया था। चूंकि तस्वीर SCO जैसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन से जुड़ी थी, इसलिए इसमें किए गए बदलाव को लेकर विवाद और बढ़ गया। सोशल मीडिया यूजर्स ने पाकिस्तान की इस हरकत पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं और आधिकारिक संचार को लेकर सवाल खड़े किए।
सोशल मीडिया पर पाकिस्तान की हुई आलोचना
तस्वीर सामने आने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पाकिस्तान और उसके प्रधानमंत्री कार्यालय को लेकर चर्चा तेज हो गई। यूजर्स ने सवाल उठाया कि जब सम्मेलन में कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और सरकारों के प्रमुख मौजूद थे, तो आधिकारिक तस्वीर को बदलकर किसी एक नेता को केंद्र में दिखाने की कोशिश क्यों की गई। एडिटेड फोटो को लेकर पाकिस्तान का मजाक भी उड़ाया गया और इसे अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल तथा कूटनीतिक प्रस्तुति के लिहाज से अनुचित बताया गया।
बाद में सामने आई असली फैमिली फोटो
विवाद बढ़ने के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खुद सम्मेलन की वास्तविक तस्वीर साझा की। जानकारी के अनुसार, दोपहर 3:32 बजे उन्होंने ऐसी तस्वीर पोस्ट की, जिसमें सभी प्रमुख वैश्विक नेता अपनी मूल स्थिति में दिखाई दे रहे थे। इस तस्वीर में पहले एडिट की गई तस्वीर के विपरीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान समेत अन्य नेता भी मौजूद थे।
असली तस्वीर साझा करने से उठे सवाल
शहबाज शरीफ द्वारा बाद में मूल तस्वीर साझा किए जाने के बाद पहले पोस्ट को लेकर सवाल और ज्यादा बढ़ गए। लोगों ने पूछा कि यदि प्रधानमंत्री के पास वास्तविक और पूरी तस्वीर मौजूद थी, तो उनके कार्यालय से पहले एडिटेड तस्वीर क्यों जारी की गई। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि तस्वीर में बदलाव किस स्तर पर और किस उद्देश्य से किया गया था।
SCO सम्मेलन में जुटे कई देशों के नेता
शंघाई सहयोग संगठन का शिखर सम्मेलन सदस्य देशों के लिए महत्वपूर्ण बहुपक्षीय मंच माना जाता है। इसमें क्षेत्रीय सहयोग, सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होती है। ऐसे मंच पर नेताओं की सामूहिक तस्वीर भी कूटनीतिक महत्व रखती है। इसलिए किसी आधिकारिक फोटो में जानबूझकर बदलाव किए जाने की खबर सामने आने पर उस पर चर्चा होना स्वाभाविक है।
पाकिस्तान की सोशल मीडिया रणनीति पर भी चर्चा
इस पूरे विवाद ने पाकिस्तान सरकार के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल और संचार रणनीति को भी सवालों के घेरे में ला दिया है। एक ओर एडिटेड तस्वीर में शहबाज शरीफ को प्रमुखता से दिखाया गया, वहीं बाद में खुद प्रधानमंत्री ने सभी नेताओं वाली मूल तस्वीर साझा कर दी। इसी विरोधाभास ने सोशल मीडिया पर विवाद को और हवा दी।
एडिटेड फोटो बनी अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय
SCO शिखर सम्मेलन जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन के दौरान सामने आया यह फोटो विवाद अब पाकिस्तान की सोशल मीडिया गतिविधियों से जुड़ी एक चर्चित घटना बन गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से साझा तस्वीर में कथित बदलाव और उसके बाद मूल फोटो पोस्ट किए जाने ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात की है कि आधिकारिक तस्वीर को एडिट करके कुछ नेताओं को हटाने की जरूरत आखिर क्यों पड़ी और इसके पीछे वास्तविक वजह क्या थी।
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