BRICS Summit 2026: संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस इस महीने नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। भारत इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और इसी क्रम में 12 और 13 सितंबर को राजधानी स्थित भारत मंडपम में सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस बैठक में दुनिया की प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं और विकासशील देशों के नेताओं की भागीदारी होगी।
ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होंगे सदस्य और साझेदार देश
विदेश मंत्रालय के अनुसार, शिखर सम्मेलन में ब्रिक्स के सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों के साथ साझेदार देशों के नेता भी हिस्सा लेंगे। इसके अलावा विशेष आमंत्रित देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी भी रहेगी। सम्मेलन को वैश्विक दक्षिण से जुड़े मुद्दों, आर्थिक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुपक्षीय साझेदारी को मजबूत करने के महत्वपूर्ण मंच के रूप में देखा जा रहा है।
संयुक्त राष्ट्र ने गुटेरेस की भागीदारी के संकेत दिए
संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में गुटेरेस की भारत यात्रा से जुड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने अभी इस संबंध में औपचारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन महासचिव के करीब दस दिन बाद नई दिल्ली में होने वाली ब्रिक्स बैठक में भाग लेने की उम्मीद है। इससे सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र की भागीदारी को लेकर महत्व बढ़ गया है।
इस वर्ष ब्रिक्स का खास विषय तय किया गया
2026 में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का विषय ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण’ रखा गया है। इस थीम के माध्यम से बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने, आर्थिक मजबूती विकसित करने और स्थायी विकास को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। सम्मेलन के दौरान इन प्राथमिकताओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
भारत में हुए 350 से अधिक कार्यक्रम
विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान देश के 25 से ज्यादा शहरों में 350 से अधिक बैठकें और उच्चस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य ब्रिक्स देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना और संगठन के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाना रहा है। इससे भारत की अध्यक्षता के दौरान ब्रिक्स गतिविधियों का व्यापक विस्तार भी देखने को मिला है।
तीन प्रमुख स्तंभों पर केंद्रित रहा सहयोग
भारत की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रमों को ब्रिक्स सहयोग के तीन प्रमुख स्तंभों के आधार पर आगे बढ़ाया गया। इनमें राजनीतिक एवं सुरक्षा सहयोग, आर्थिक एवं वित्तीय सहयोग तथा सांस्कृतिक और लोगों के बीच संपर्क शामिल हैं। इन क्षेत्रों में आयोजित बैठकों के जरिए सदस्य और साझेदार देशों के बीच संवाद को मजबूत करने का प्रयास किया गया है।
भारत ब्रिक्स का संस्थापक सदस्य है
भारत ब्रिक्स के संस्थापक सदस्यों में शामिल है। इससे पहले भारत 2012, 2016 और 2021 में ब्रिक्स की अध्यक्षता कर चुका है। अब 1 जनवरी 2026 से भारत ने चौथी बार इस संगठन की अध्यक्षता संभाली है। ऐसे में इस वर्ष होने वाला शिखर सम्मेलन भारत के लिए कूटनीतिक और रणनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ब्रिक्स की स्थापना के 20 साल पूरे
इस वर्ष ब्रिक्स अपनी स्थापना की 20वीं वर्षगांठ भी मना रहा है। दो दशक के दौरान संगठन ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और बहुपक्षीय सहयोग के क्षेत्र में अपनी भूमिका का विस्तार किया है। नई दिल्ली में होने वाला 18वां शिखर सम्मेलन इस महत्वपूर्ण पड़ाव के दौरान आयोजित हो रहा है, जिससे इसकी विशेष अहमियत बढ़ जाती है।
गुटेरेस की मौजूदगी से बढ़ेगा सम्मेलन का महत्व
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की संभावित भागीदारी से वैश्विक मंच पर बैठक की अहमियत और बढ़ सकती है। भारत की अध्यक्षता में आयोजित यह सम्मेलन सदस्य देशों के बीच रणनीतिक सहयोग के साथ-साथ व्यापक अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर संवाद का अवसर प्रदान करेगा। अब सभी की नजर 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक पर है।
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