Janjgir News: जांजगीर में पांच साल की बच्ची की मौत के बाद स्थानीय लोगों में जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर नाराजगी सामने आई है। बर्न यूनिट की सुविधा नहीं होने को लेकर लोगों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। समाजसेवी कृष्णा टंडन के नेतृत्व में स्थानीय नागरिक जिला अस्पताल के सामने टेंट लगाकर बैठ गए और आंदोलन की जगह जनसहयोग अभियान शुरू किया। यहां दान पात्र रखकर लोगों से बर्न यूनिट के लिए आर्थिक सहयोग मांगा गया।
जिला अस्पताल के सामने टेंट लगाकर मांगा चंदा
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उनका उद्देश्य केवल विरोध जताना नहीं, बल्कि प्रशासन और सरकार का ध्यान बर्न यूनिट की आवश्यकता की ओर आकर्षित करना था। इसी वजह से उन्होंने जिला अस्पताल के सामने टेंट लगाकर दान पात्र रखा। लोगों से अपील की गई कि वे अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग दें, ताकि अस्पताल में बर्न यूनिट की सुविधा शुरू कराने की मांग को मजबूती मिल सके।
ढाई घंटे में जुटे 5 हजार 925 रुपये
जनसहयोग अभियान के दौरान स्थानीय लोगों ने अपनी क्षमता के अनुसार राशि दान की। करीब ढाई घंटे में दान पात्र से कुल 5 हजार 925 रुपये एकत्रित हुए। प्रदर्शनकारियों ने बाद में यह राशि जिला प्रशासन को सौंप दी। इसके साथ ही उन्होंने मांग रखी कि जिला अस्पताल में जल्द से जल्द बर्न यूनिट की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।
इलाज के अभाव में बच्ची की मौत का दावा
समाजसेवी कृष्णा टंडन ने कहा कि जिला अस्पताल में बर्न यूनिट नहीं होने के कारण पांच साल की बच्ची की इलाज के अभाव में मौत हो गई। उनके मुताबिक, इसी घटना ने स्थानीय लोगों को जनसहयोग अभियान शुरू करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जमा की गई राशि प्रतीकात्मक रूप से प्रशासन को देकर यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि अस्पताल में बर्न यूनिट की सुविधा जल्द शुरू होनी चाहिए।
मेडिकल कॉलेज निर्माण के बावजूद उठे सवाल
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि जांजगीर में मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन जिला अस्पताल में अभी तक बर्न यूनिट की व्यवस्था नहीं हो पाई है। प्रदर्शनकारियों ने इसे स्वास्थ्य सुविधाओं की बड़ी कमी बताया। उनका कहना है कि गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को तत्काल और विशेषज्ञ उपचार की जरूरत होती है, इसलिए स्थानीय स्तर पर ऐसी सुविधा का होना बेहद जरूरी है।
प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची
जिला अस्पताल के सामने चल रहे जनसहयोग अभियान की जानकारी मिलने के बाद कोतवाली पुलिस और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। तहसीलदार शशि भूषण सोनी ने प्रदर्शन कर रहे नागरिकों से बातचीत की और उनकी समस्याओं तथा मांगों को सुना। प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों से चर्चा के बाद उनकी ओर से उठाई गई मांगों को समझने का प्रयास किया।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया ज्ञापन
बातचीत के दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम प्रशासन को सौंपा। इसमें जिला अस्पताल में बर्न यूनिट शुरू करने समेत अस्पताल की व्यवस्थाओं से जुड़ी समस्याओं को उठाया गया। प्रशासन की ओर से नागरिकों को भरोसा दिलाया गया कि उनकी मांगों और शिकायतों को शासन के संज्ञान में पहुंचाया जाएगा।
तहसीलदार ने बर्न यूनिट की मांग को बताया जायज
तहसीलदार शशि भूषण सोनी ने नागरिकों की बर्न यूनिट की मांग को उचित बताया। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल में ऐसी सुविधा होना जरूरी है। उनके अनुसार, स्थानीय लोगों की मांग को शासन तक पहुंचाया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित स्तर पर जानकारी दी जाएगी। प्रशासन का कहना है कि अस्पताल से जुड़ी अन्य शिकायतों को भी शासन के संज्ञान में लाया गया है।
अस्पताल की अन्य सुविधाओं पर भी सवाल
स्थानीय नागरिकों ने केवल बर्न यूनिट की कमी का मुद्दा नहीं उठाया, बल्कि जिला अस्पताल की अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल खड़े किए। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, अस्पताल की एक्स-रे मशीन और सोनोग्राफी मशीन लंबे समय से खराब पड़ी हैं। इससे मरीजों को जांच के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता प्रभावित होती है।
मेडिकल कॉलेज के रूप में अपग्रेड होने के बाद भी समस्या
जांजगीर जिला अस्पताल को राज्य शासन की ओर से मेडिकल कॉलेज के रूप में अपग्रेड किया गया है। इसके बावजूद अस्पताल में बर्न यूनिट जैसी महत्वपूर्ण सुविधा उपलब्ध नहीं होने को लेकर नागरिकों में नाराजगी है। अब बच्ची की मौत के बाद यह मांग और तेज हो गई है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन और शासन उनकी मांग पर जल्द निर्णय लेकर बर्न यूनिट शुरू करने की दिशा में ठोस कदम उठाएगा।
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