Bastar Politics : जगदलपुर में छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने आगामी 2028 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर संगठनात्मक प्रशिक्षण अभियान की शुरुआत बस्तर संभाग से की है। पार्टी का उद्देश्य ब्लॉक स्तर पर अपने संगठन को मजबूत करना और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों को आगामी चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार करना है। इसी रणनीति के तहत तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया, जिसमें संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने पर जोर दिया गया।
पांचों संभागों में होंगे प्रशिक्षण शिविर
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने बताया कि संगठन सृजन अभियान के तहत छत्तीसगढ़ के सभी पांचों संभागों में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसकी शुरुआत बस्तर संभाग से हुई है। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों को संगठन विस्तार, जनसंपर्क और राजनीतिक परिस्थितियों से निपटने की रणनीति से अवगत कराया जा रहा है।
58 ब्लॉक अध्यक्ष और 20 मास्टर ट्रेनर शामिल
दीपक बैज के मुताबिक, बस्तर में आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में संभाग के 58 ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों ने हिस्सा लिया। इनके अलावा 20 मास्टर ट्रेनर भी इस कार्यक्रम का हिस्सा रहे। प्रशिक्षण के दौरान संगठन को मजबूत बनाने और कार्यकर्ताओं को ज्यादा सक्रिय करने के तरीकों पर चर्चा हुई। पार्टी का प्रयास है कि प्रशिक्षण लेकर लौटने के बाद ब्लॉक अध्यक्ष अपने क्षेत्रों में ज्यादा प्रभावी ढंग से काम करें।
वरिष्ठ नेताओं ने दिए चुनावी टिप्स
प्रशिक्षण शिविर में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने ब्लॉक अध्यक्षों और मास्टर ट्रेनरों को मार्गदर्शन दिया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, वरिष्ठ नेता टीएस सिंहदेव, मोहन मरकाम और राजेश तिवारी सहित अन्य नेताओं ने संगठन को मजबूत करने, जनता के साथ सीधा संपर्क बढ़ाने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने को लेकर कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
जनता के मुद्दों पर आक्रामक रणनीति का संदेश
दीपक बैज ने कहा कि प्रशिक्षण के बाद ब्लॉक अध्यक्ष नए अंदाज और नए कलेवर के साथ अपने क्षेत्रों में काम करेंगे। उन्होंने संकेत दिया कि कांग्रेस कार्यकर्ता जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे और संगठन की ओर से इन मुद्दों पर ज्यादा आक्रामक तरीके से लड़ाई लड़ी जाएगी। पार्टी का मानना है कि इससे कांग्रेस का जनाधार मजबूत करने में मदद मिलेगी।
बस्तर को बताया सत्ता की कुंजी
पीसीसी चीफ दीपक बैज ने बस्तर को छत्तीसगढ़ की सत्ता की कुंजी बताते हुए कहा कि सरकार बनाने की शुरुआत बस्तर से होती है। उनके मुताबिक, इस बार राजनीतिक बदलाव की शुरुआत भी बस्तर से करने की कोशिश होगी। उन्होंने कहा कि यहां से शुरू होने वाला अभियान रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और सरगुजा जैसे मैदानी क्षेत्रों तक पहुंचाया जाएगा।
मिशन 2028 पर कांग्रेस का पूरा फोकस
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान आगामी विधानसभा चुनाव 2028 को लेकर पार्टी की रणनीति पर विशेष जोर दिया गया। कांग्रेस नेतृत्व का लक्ष्य अभी से संगठन को बूथ और ब्लॉक स्तर तक मजबूत करना है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ब्लॉक अध्यक्ष अपने-अपने क्षेत्रों में लौटकर पार्टी की गतिविधियों को तेज करेंगे और स्थानीय स्तर पर कांग्रेस संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी संभालेंगे।
आम जनता से सीधा संपर्क बढ़ाने की तैयारी
कांग्रेस ने ब्लॉक अध्यक्षों को अपने क्षेत्रों में आम लोगों के बीच पहुंचने और उनकी समस्याओं को समझने पर जोर दिया है। पार्टी की योजना है कि स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर जनता के साथ सीधा संवाद स्थापित किया जाए। इसके जरिए संगठन को केवल चुनाव के समय सक्रिय रखने के बजाय लगातार जमीन पर काम करने वाली इकाई के रूप में मजबूत करने की कोशिश की जाएगी।
बस्तर से शुरू अभियान का असर आगे दिखेगा
कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि बस्तर से शुरू हुआ प्रशिक्षण अभियान आगामी दिनों में प्रदेश के दूसरे संभागों तक पहुंचेगा। पांचों संभागों में प्रशिक्षण पूरा होने के बाद पार्टी के ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी चुनावी रणनीति के मुताबिक काम करेंगे। अब देखना होगा कि संगठन सृजन अभियान के जरिए कांग्रेस 2028 के विधानसभा चुनाव के लिए अपनी जमीनी तैयारी को कितनी मजबूती दे पाती है।
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