Ayodhya News : अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े ट्रस्ट में महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव किया गया है। राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपनी जिम्मेदारियों में फेरबदल किया है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे गोविंद देव गिरी को अब महासचिव नियुक्त किया गया है। महासचिव बनने के बाद वे ट्रस्ट के प्रमुख और प्रभावशाली न्यासियों में शामिल हो गए हैं।
गोविंद देव गिरी ने बताया अपना लक्ष्य
महासचिव पद की जिम्मेदारी मिलने के बाद गोविंद देव गिरी ने अयोध्या के भविष्य को लेकर अपना विजन साझा किया। उन्होंने कहा कि यह उस सपने की पहली सीढ़ी है, जिसे ट्रस्ट और उससे जुड़े लोग शुरुआत से देखते आए हैं। उनका लक्ष्य अयोध्या को ‘द कल्चरल कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड’ यानी विश्व की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में विकसित करना है। उन्होंने कहा कि अयोध्या को दुनिया की सांस्कृतिक राजधानी बनाने की दिशा में आगे बढ़ना है।
कृष्ण मोहन की जगह नियमित महासचिव की नियुक्ति
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन ने बताया कि वह छह जुलाई से अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनके मुताबिक अब समय आ गया था कि इस पद की जिम्मेदारी किसी नियमित महासचिव को सौंपी जाए। इसी उद्देश्य से उन्होंने गोविंद देव गिरी से महासचिव का दायित्व संभालने का अनुरोध किया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया।
महासचिव के बाद महेश भागचंदका बने कोषाध्यक्ष
गोविंद देव गिरी को महासचिव बनाए जाने के बाद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष पद पर भी बदलाव किया गया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, महेश भागचंदका को अब कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस बदलाव के साथ ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का पुनर्विन्यास हुआ है।
राम मंदिर ट्रस्ट को मिला पहला CEO
ट्रस्ट के कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO के नाम की घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्रा को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला CEO नियुक्त किया गया है। उनके चयन को ट्रस्ट के प्रशासनिक कामकाज को और व्यवस्थित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जितेंद्र मिश्रा की सैन्य पृष्ठभूमि रही महत्वपूर्ण
जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। ट्रस्ट की ओर से बताया गया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना की भूमिका महत्वपूर्ण रही थी और उस समय जितेंद्र मिश्रा कमांडर-इन-चीफ के पद पर थे। सैन्य सेवा के अनुभव को देखते हुए अब उन्हें राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक कामकाज की जिम्मेदारी दी गई है।
तीन नए न्यासियों की भी हुई घोषणा
कृष्ण मोहन ने बताया कि ट्रस्ट की बैठक के बाद तीन नए न्यासियों के नामों की भी घोषणा की गई। इनमें महेश भागचंदका, मदन मोहन पांडे और डॉ. निर्मला यादव शामिल हैं। ट्रस्ट की दूसरी बैठक दोपहर तीन बजे हुई, जिसमें तीनों नए न्यासी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े।
CEO चयन के लिए बनाई गई थी सर्च कमेटी
ट्रस्ट की ओर से CEO के चयन के लिए छह जुलाई 2026 को तीन सदस्यीय सर्च कमेटी का गठन किया गया था। इस समिति में सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल वीके चतुर्वेदी और सेवानिवृत्त न्यूक्लियर साइंटिस्ट डॉ. सुरेश हावरे शामिल थे। समिति की प्रक्रिया के बाद एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्रा को ट्रस्ट का पहला CEO नियुक्त किया गया।
राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासन में नई टीम
गोविंद देव गिरी को महासचिव, महेश भागचंदका कोषाध्यक्ष और जितेंद्र मिश्रा को पहला CEO बनाए जाने के साथ ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में अहम बदलाव हुआ है। इसके अलावा तीन नए न्यासियों की नियुक्ति से ट्रस्ट की संरचना भी विस्तारित हुई है। इन बदलावों के बाद अब अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े कार्यों और भविष्य की योजनाओं को अधिक व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने पर जोर रहेगा।
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