Suvendu Adhikari News: पश्चिम बंगाल में अवैध नशीली दवाओं की तस्करी और कारोबार के खिलाफ मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सख्त संदेश दिया है। दक्षिण दिनाजपुर जिले के बालुरघाट में उन्होंने जब्त की गई करीब दो लाख प्रतिबंधित कफ सिरप की बोतलों को रोड रोलर चलाकर नष्ट किया। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर की गई, जहां बड़ी संख्या में कफ सिरप की बोतलें कतार में रखी गई थीं।
रोड रोलर चलाकर नष्ट की गईं कफ सिरप की बोतलें
सुवेंदु अधिकारी ने खुद रोड रोलर चलाकर जब्त कफ सिरप की बोतलों को नष्ट किया। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय मंत्री और बालुरघाट से सांसद सुकांत मजूमदार भी मौजूद रहे। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री शरद्वत मुखोपाध्याय समेत अन्य अधिकारी और नेता भी कार्यक्रम में उपस्थित थे। बोतलों को इस तरह सार्वजनिक रूप से नष्ट करने का उद्देश्य नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ कड़ा संदेश देना बताया गया।
युवाओं को नशे से दूर रखने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्रवाई का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य देश और राज्य के युवाओं को नशे की लत से बाहर निकालना है। उन्होंने नशीले पदार्थों के कारण युवाओं के भविष्य पर पड़ने वाले प्रभाव को गंभीर चिंता का विषय बताया। अधिकारी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाकर युवाओं को सुरक्षित और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराना है।
नशामुक्त भारत अभियान का किया समर्थन
सुवेंदु अधिकारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नशामुक्त भारत’ अभियान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने के लिए केंद्र और राज्य की एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। उन्होंने भरोसा जताया कि पश्चिम बंगाल को नशे के अवैध कारोबार से मुक्त बनाने के लिए सरकार लगातार कार्रवाई जारी रखेगी।
चार महीनों में संयुक्त अभियान से बड़ी बरामदगी
मुख्यमंत्री के मुताबिक, पिछले करीब चार महीनों के दौरान सीमा सुरक्षा बल यानी BSF और राज्य पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए हैं। इनमें फेंसिडिल जैसी प्रतिबंधित कफ सिरप की बड़ी खेप भी शामिल थी। अधिकारियों के अनुसार, जब्त की गई कफ सिरप की खेप कथित तौर पर बांग्लादेश में तस्करी के लिए ले जाई जानी थी।
BSF और पुलिस के बीच बेहतर हुआ तालमेल
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि पहले दक्षिण दिनाजपुर क्षेत्र में BSF और राज्य पुलिस के बीच समन्वय की कमी थी। उनके अनुसार, पिछले चार महीनों में दोनों एजेंसियों ने मिलकर अभियान चलाया है, जिसके परिणामस्वरूप सीमा क्षेत्र में नशीले पदार्थों की बरामदगी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि बेहतर समन्वय से अवैध तस्करी पर प्रभावी तरीके से लगाम लगाई जा सकती है।
तस्करों को दी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
मुख्यमंत्री ने अवैध कफ सिरप और नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों को भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को लंबे समय तक जेल की सजा भुगतनी पड़ सकती है। सरकार ने संकेत दिया कि सीमा क्षेत्र में निगरानी और संयुक्त अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
बालुरघाट में मेडिकल कॉलेज का बड़ा ऐलान
नशे के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बालुरघाट के लिए एक महत्वपूर्ण विकास योजना की घोषणा भी की। उन्होंने शहर में नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना का ऐलान किया। इस घोषणा से क्षेत्र में उच्चस्तरीय चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद बढ़ी है।
विकास और नशामुक्ति दोनों पर सरकार का फोकस
बालुरघाट दौरे के दौरान नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ विकास से जुड़ी योजनाओं पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री का संदेश साफ रहा कि सरकार एक ओर अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी पर शिकंजा कसना चाहती है, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर भी ध्यान दे रही है। आने वाले दिनों में BSF और पुलिस के संयुक्त अभियानों को और तेज किए जाने की संभावना है।
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