CG Education News : छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा ने विभागीय कामकाज और लंबित प्रक्रियाओं की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में शिक्षकों की भर्ती, पदोन्नति, न्यायालयीन मामलों और कॉलेजों में विद्यार्थियों के प्रवेश से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान 700 सहायक प्राध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी को लेकर मंत्री ने नाराजगी जताई और अधिकारियों को इसे जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
700 सहायक प्राध्यापकों की भर्ती में तेजी के निर्देश
समीक्षा बैठक में 700 सहायक प्राध्यापक पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया की प्रगति की जानकारी ली गई। प्रक्रिया में अपेक्षित तेजी नहीं आने पर मंत्री टंकराम वर्मा ने अधिकारियों से नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग से संबंधित भर्ती प्रक्रियाओं को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाना चाहिए। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी जरूरी औपचारिकताएं तेजी से पूरी कर भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए।
तय समयसीमा में भर्ती प्रक्रिया पूरी करने पर जोर
मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि भर्ती और पदोन्नति से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यों के लिए निर्धारित समयसीमा का पालन किया जाए और जिन मामलों में प्रक्रिया लंबित है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। सरकार का उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
595 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती जल्द होगी
बैठक के दौरान 595 रिक्त प्राध्यापक पदों पर सीधी भर्ती के मुद्दे पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री ने इन पदों की भर्ती प्रक्रिया को जल्द आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। लंबे समय से रिक्त पदों के कारण कॉलेजों में शिक्षकों की कमी की स्थिति पैदा हो सकती है। ऐसे में सरकार इन पदों को भरकर उच्च शिक्षा संस्थानों में शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूत करना चाहती है।
प्राचार्य पदोन्नति प्रक्रिया के लिए 15 सितंबर की समयसीमा
समीक्षा बैठक में स्नातक महाविद्यालयों के प्राचार्य पदों पर पदोन्नति का मुद्दा भी उठा। मंत्री टंकराम वर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पदोन्नति प्रक्रिया को 15 सितंबर तक हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों और अधिकारियों से संबंधित पदोन्नति के मामलों को लंबे समय तक लंबित रखना उचित नहीं है।
न्यायालयीन मामलों के जल्द निराकरण का निर्देश
उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े लंबित न्यायालयीन मामलों की भी बैठक में समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे मामलों की नियमित निगरानी की जाए और आवश्यक कानूनी कार्रवाई समय पर पूरी की जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को 1 अक्टूबर तक लंबित न्यायालयीन मामलों के निराकरण की दिशा में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
कम एडमिशन वाले कॉलेजों पर भी मंत्री नाराज
समीक्षा के दौरान कुछ कॉलेजों में विद्यार्थियों की कम प्रवेश संख्या का मामला भी सामने आया। इस पर मंत्री ने अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली और कम एडमिशन वाले संस्थानों की गंभीरता से समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन कॉलेजों में लगातार कम प्रवेश हो रहा है, वहां इसके कारणों का पता लगाकर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाने चाहिए।
शिक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर सरकार का फोकस
बैठक में भर्ती और पदोन्नति के साथ-साथ कॉलेजों की शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया। शिक्षकों के रिक्त पद भरने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करने से उच्च शिक्षा संस्थानों की कार्यप्रणाली को मजबूती मिलने की उम्मीद है। मंत्री ने अधिकारियों को विभागीय योजनाओं और प्रक्रियाओं की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए।
लंबित काम समय पर पूरा करने की दी हिदायत
मंत्री टंकराम वर्मा ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। भर्ती, पदोन्नति और न्यायालयीन मामलों के लिए तय समयसीमा का पालन करने पर विशेष जोर दिया गया। अब 700 सहायक प्राध्यापक भर्ती, 595 रिक्त पदों की सीधी भर्ती और प्राचार्य पदोन्नति की प्रक्रिया पर विभागीय स्तर पर तेजी से कार्रवाई होने की उम्मीद है।
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