Bart De Wever India Visit: बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर गुरुवार को तीन दिवसीय आधिकारिक भारत यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे। प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है। इस दौरे को भारत और बेल्जियम के बीच लंबे समय से चले आ रहे मजबूत रिश्तों को नई दिशा देने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके साथ बेल्जियम के रक्षा मंत्री थियो फ्रेंकेन सहित एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है।
विदेश मंत्रालय ने किया गर्मजोशी से स्वागत
नई दिल्ली पहुंचने पर भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से बेल्जियम के प्रधानमंत्री का औपचारिक स्वागत किया गया। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने एयरपोर्ट पर उनकी अगवानी की। विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बार्ट डी वेवर का भारत में स्वागत किया। मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा भारत-बेल्जियम की घनिष्ठ और बहुआयामी साझेदारी को और मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
पीएम मोदी के साथ होगी अहम द्विपक्षीय वार्ता
बार्ट डी वेवर अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। दोनों नेताओं के बीच भारत-बेल्जियम संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से बातचीत होने की उम्मीद है। इसके अलावा क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर के उन मुद्दों पर भी चर्चा होगी, जिनमें दोनों देशों के हित जुड़े हुए हैं। बातचीत में व्यापार, निवेश, रक्षा और सुरक्षा सहयोग को विशेष महत्व दिया जा सकता है।
व्यापार और भारत-ईयू संबंधों पर रहेगा फोकस
प्रधानमंत्री डी वेवर की यात्रा के दौरान भारत और यूरोपीय संघ के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर भी जोर रहेगा। वह भारतीय उद्योग परिसंघ यानी सीआईआई की ओर से आयोजित एक व्यापारिक कार्यक्रम में मुख्य भाषण देंगे। यह कार्यक्रम भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते यानी एफटीए की दिशा में चल रही चर्चाओं के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रक्षा और तकनीक में सहयोग बढ़ाने की तैयारी
भारत और बेल्जियम के बीच रक्षा, सुरक्षा, तकनीक और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी बातचीत होगी। दोनों देश व्यापार और निवेश के साथ-साथ आधुनिक तकनीक, ऊर्जा, कनेक्टिविटी और लोगों के बीच संपर्क को मजबूत करने के अवसर तलाश सकते हैं। बेल्जियम के रक्षा मंत्री का प्रतिनिधिमंडल में शामिल होना रक्षा सहयोग के महत्व को भी दर्शाता है।
मुंबई में उद्योग जगत से करेंगे मुलाकात
नई दिल्ली में आधिकारिक कार्यक्रम पूरे करने के बाद बेल्जियम के प्रधानमंत्री मुंबई जाएंगे। वहां वह विभिन्न कारोबारी और औद्योगिक हितधारकों के साथ चर्चा करेंगे। उनके कार्यक्रम में हीरा उद्योग, बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ बातचीत प्रमुख रूप से शामिल है। मुंबई दौरे से व्यापार और निवेश के नए अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
भारत-बेल्जियम रिश्तों का पुराना इतिहास
भारत और बेल्जियम के राजनयिक संबंधों की शुरुआत आजादी के शुरुआती दौर में हुई थी। बेल्जियम सितंबर 1947 में स्वतंत्र भारत के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करने वाले शुरुआती यूरोपीय देशों में शामिल था। दोनों देशों के संबंध कानून के शासन, संघवाद और बहुलवाद जैसे साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित माने जाते हैं।
संयुक्त राष्ट्र में भारत की दावेदारी का समर्थन
बेल्जियम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी का समर्थन भी करता है। ऐसे में बार्ट डी वेवर की भारत यात्रा केवल द्विपक्षीय मुद्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक मंचों पर सहयोग बढ़ाने की दृष्टि से भी अहम मानी जा रही है। दोनों देशों के बीच बढ़ता संवाद भारत-यूरोप संबंधों को और मजबूत करने में मदद कर सकता है।
यात्रा से रिश्तों को मिलेगी नई गति
बार्ट डी वेवर की तीन दिवसीय भारत यात्रा के दौरान राजनीति और कूटनीति के साथ आर्थिक और रणनीतिक सहयोग पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रक्षा, व्यापार, निवेश, तकनीक, नवीकरणीय ऊर्जा और कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने से दोनों देशों के रिश्तों को नई गति मिल सकती है। भारत और बेल्जियम के बीच मजबूत होते संबंध व्यापक भारत-ईयू साझेदारी के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
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