Bangladesh Drone School : बांग्लादेश ने भारत से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा की निगरानी व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। देश ने सिलहट में बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश यानी BGB के मुख्यालय में ‘शिमंतो स्कूल ऑफ सर्विलांस एंड ड्रोन वॉरफेयर’ की शुरुआत की है। इस नए प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने किया। सरकार के अनुसार, स्कूल का मुख्य उद्देश्य सीमा सुरक्षा बल के जवानों को आधुनिक निगरानी तकनीक और ड्रोन संचालन की ट्रेनिंग देना है।
सीमा निगरानी में आधुनिक तकनीक का होगा इस्तेमाल
बांग्लादेश सरकार का कहना है कि नए स्कूल के जरिए सीमा पर निगरानी को ज्यादा प्रभावी बनाने का प्रयास किया जाएगा। खासतौर पर तस्करी, नशीले पदार्थों की आवाजाही और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर नजर रखने में ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, आधुनिक उपकरणों की मदद से उन इलाकों की भी निगरानी आसान हो सकती है जहां पारंपरिक तरीकों से सुरक्षा बलों के लिए पहुंचना या लगातार निगरानी करना मुश्किल होता है।
भारत की सीमा के काफी करीब है ट्रेनिंग सेंटर
यह नया ड्रोन ट्रेनिंग स्कूल सिलहट में स्थित है। बताया गया है कि यह भारत के मेघालय की राजधानी शिलांग से लगभग 115 किलोमीटर दक्षिण में और भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा से करीब 55 किलोमीटर की दूरी पर है। स्थान को देखते हुए यह केंद्र सीमा निगरानी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बांग्लादेश के गृह मंत्री ने कहा कि ड्रोन का इस्तेमाल विशेष रूप से घने जंगलों और दुर्गम क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के लिए किया जा सकता है।
नाइट विजन और थर्मल ड्रोन से रात में भी निगरानी
बांग्लादेश के गृह मंत्री के अनुसार, नाइट विजन और थर्मल तकनीक से लैस ड्रोन दिन के साथ-साथ रात में भी निगरानी करने में सक्षम होंगे। इन तकनीकों का इस्तेमाल सीमा पर संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाने के लिए किया जाएगा। खासकर तस्करी, ड्रग्स की अवैध आवाजाही और हथियारों की तस्करी जैसी गतिविधियों पर नजर रखने में इनका उपयोग किया जा सकता है।
दूसरे देशों की ड्रोन तकनीक भी होगी शामिल
बांग्लादेश ने आने वाले समय में इस ट्रेनिंग स्कूल को और आधुनिक बनाने की योजना भी बताई है। गृह मंत्री के मुताबिक, अगले एक से दो वर्षों में दूसरे देशों में विकसित आधुनिक ड्रोन तकनीकों को भी प्रशिक्षण कार्यक्रम का हिस्सा बनाने पर विचार किया जा रहा है। उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान BGB के जवानों ने ड्रोन के जरिए सीमा निगरानी और विभिन्न अभियानों में तकनीक के इस्तेमाल का प्रदर्शन भी किया।
BGB जवानों को मिलेगी विशेष ट्रेनिंग
बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश के अनुसार, नया स्कूल आधुनिक तकनीक के माध्यम से सीमा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में अहम पहल है। यहां जवानों को ड्रोन संचालन के साथ-साथ निगरानी से जुड़ी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। BGB बांग्लादेश की प्रमुख सीमा सुरक्षा एजेंसी है, जो भारत के साथ लगी लगभग 4,096.7 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा की निगरानी करती है।
भारत-बांग्लादेश सीमा पर पहले से मौजूद चुनौतियां
भारत और बांग्लादेश के बीच सीमा सुरक्षा से जुड़े कई मुद्दे लंबे समय से चर्चा में रहे हैं। भारत ने साझा सीमा के 3,200 किलोमीटर से अधिक हिस्से में बाड़ लगाई है, लेकिन करीब 860 किलोमीटर क्षेत्र अभी भी बिना बाड़ के बताया जाता है। इसमें लगभग 170 किलोमीटर नदी वाला इलाका भी शामिल है, जहां भौगोलिक परिस्थितियों के कारण बाड़ लगाना चुनौतीपूर्ण है।
अवैध आवाजाही और तस्करी पर नजर बढ़ाने की कोशिश
खुले सीमा क्षेत्रों में अवैध आवाजाही, तस्करी और अन्य सुरक्षा चुनौतियों को लेकर दोनों देशों की एजेंसियों के बीच कई बार तनाव की स्थिति सामने आती रही है। ऐसे में बांग्लादेश का नया ड्रोन ट्रेनिंग स्कूल सीमा निगरानी क्षमता बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। आधुनिक ड्रोन और सेंसर आधारित तकनीकों के इस्तेमाल से दुर्गम क्षेत्रों में निगरानी मजबूत करने तथा सीमा पर होने वाली गैरकानूनी गतिविधियों पर नजर रखने की क्षमता बढ़ सकती है।
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