Mohan Bhagwat UK Visit : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत गुरुवार को ब्रिटेन पहुंच गए। यह उनकी तीन देशों की यात्रा का अंतिम पड़ाव है। इससे पहले वह कनाडा और अमेरिका का दौरा पूरा कर चुके हैं। RSS इन दिनों अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर शताब्दी समारोह मना रहा है। इसी सिलसिले में मोहन भागवत विदेशों में संघ के विचार, दर्शन और सामाजिक दृष्टिकोण को लोगों के सामने रख रहे हैं।
लंदन में प्रवासी भारतीयों को संबोधित करने की तैयारी
बताया जा रहा है कि ब्रिटेन प्रवास के दौरान मोहन भागवत प्रवासी भारतीयों के एक बड़े कार्यक्रम को संबोधित कर सकते हैं। सप्ताह के अंत में होने वाले इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोगों के शामिल होने की संभावना है। संघ की ओर से शताब्दी वर्ष के दौरान दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं और भागवत इन आयोजनों के जरिए RSS के विचारों को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत कर रहे हैं।
ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन ने किया स्वागत
ब्रिटेन पहुंचने पर कंजरवेटिव पार्टी के सांसद बॉब ब्लैकमैन ने मोहन भागवत का स्वागत किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि वह RSS प्रमुख के विचार सुनने के लिए उत्सुक हैं। ब्लैकमैन ने कहा कि भागवत से संघ के भविष्य और उसकी दिशा को लेकर उनके विचार सुनना उनके लिए सुखद अनुभव होगा। उनके इस स्वागत संदेश को भागवत के ब्रिटेन दौरे के दौरान मिले राजनीतिक समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है।
न्यूयॉर्क में हुआ था भागवत का कार्यक्रम
ब्रिटेन पहुंचने से पहले मोहन भागवत ने अमेरिका का दौरा किया था। 29 अगस्त को उन्होंने न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में प्रवासी भारतीयों समेत अन्य लोगों को संबोधित किया था। हालांकि, अमेरिका में उनके कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक विरोध भी देखने को मिला। न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने RSS प्रमुख के कार्यक्रम पर आपत्ति जताई थी।
जोहरान ममदानी ने जताया था विरोध
जोहरान ममदानी ने कहा था कि वह ऐसे भारत को जानते हैं जो विविधता और समावेशिता में विश्वास रखता है, लेकिन उनके अनुसार भारत में एक ऐसा आंदोलन उभर रहा है जिसे वह विभाजनकारी मानते हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया था कि क्या उनके कार्यालय के पास किसी निजी कार्यक्रम की अनुमति रद्द करने का अधिकार है। हालांकि, विरोध के बावजूद मोहन भागवत का कार्यक्रम मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित हुआ।
ब्रिटेन में हिंदू संगठनों ने जारी किया संयुक्त बयान
भागवत की ब्रिटेन यात्रा के बीच हिंदू काउंसिल यूके, हिंदू फोरम ऑफ ब्रिटेन, हिंदू स्वयंसेवक संघ यूके और इनसाइट यूके सहित कई संगठनों ने संयुक्त बयान जारी किया। इन संगठनों ने RSS को दुनिया का बड़ा स्वयंसेवी संगठन बताते हुए कहा कि वह चरित्र निर्माण, स्वयंसेवा, नेतृत्व, सामाजिक एकजुटता और वैश्विक भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए काम करता है।
सामाजिक सेवा और पांच प्रमुख बदलावों पर जोर
संयुक्त बयान में RSS के सामाजिक कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि संगठन शिक्षा, समानता, दूर-दराज के क्षेत्रों में सेवा और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत कार्यों में योगदान देता है। संगठनों ने RSS के शताब्दी वर्ष में मोहन भागवत के नेतृत्व में सामाजिक सद्भाव और एकता, परिवार के महत्व, निस्वार्थ सेवा, पर्यावरण संरक्षण तथा नागरिक कर्तव्यों के पालन जैसे पांच क्षेत्रों पर जोर देने का स्वागत किया।
ब्रिटिश-भारतीय मंत्री ने उठाए सवाल
हालांकि, भागवत के ब्रिटेन दौरे को लेकर सवाल भी उठे हैं। ब्रिटिश-भारतीय मंत्री नादिया व्हिटोम ने पिछले सप्ताह संसद में ब्रिटिश गृह कार्यालय से पूछा था कि क्या सरकार ने इस यात्रा का पूरी तरह आकलन किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ब्रिटेन में नफरत फैलाने वाले भाषण देने वाले लोगों और चरमपंथियों को प्रवेश से रोकने की सरकारी प्रतिबद्धता के तहत इस दौरे की समीक्षा की गई है।
गृह कार्यालय ने दिया नियमों का हवाला
इस सवाल के जवाब में मंत्री जार्विस ने कहा कि गृह कार्यालय किसी विशेष मामले पर टिप्पणी नहीं कर सकता। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार सभी प्रकार के खतरों से निपटने और हिंसा या नफरत को बढ़ावा देने वाले विचार फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को देश के आव्रजन नियमों और उनकी शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है।
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