Janmashtami 2026 : उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को जन्माष्टमी का पर्व पूरे उत्साह और धार्मिक आस्था के साथ मनाया गया। भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर परिसर को इस बार विशेष रूप से ‘समुद्र मंथन’ की थीम पर सजाया गया। मंदिर की सजावट और धार्मिक आयोजनों को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। पूरे ब्रज क्षेत्र में जन्माष्टमी को लेकर भक्तिमय वातावरण बना हुआ है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर परिसर में की पूजा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा पहुंचे और श्रीकृष्ण जन्मस्थान में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में करीब 45 मिनट बिताए। इस दौरान उन्होंने सबसे पहले गौ पूजन किया। इसके बाद केशव देव मंदिर, योगमाया मंदिर, गर्भगृह और भागवत भवन में दर्शन कर भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद लिया।
कमल का फूल अर्पित कर किया भगवान का पूजन
मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर में पूजा के दौरान कमल का फूल अर्पित किया। इस दौरान मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। जन्माष्टमी के मौके पर मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई थी।
समुद्र मंथन थीम पर सजाया गया पूरा जन्मस्थान
श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा समिति के सचिव कपिल शर्मा के अनुसार, मंदिर के पूरे परिसर को ‘समुद्र मंथन’ की थीम पर सजाया गया है। वहीं मंदिर के अंदरूनी हिस्से को ‘कलहंस राजहंस’ थीम के अनुरूप सजाया गया है। इस विशेष सजावट का उद्देश्य जन्माष्टमी समारोह को धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से आकर्षक बनाना है।
सीएम योगी को भेंट की गई पाञ्चजन्य शंख की प्रतिकृति
मंदिर समिति की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े पवित्र शंख ‘पाञ्चजन्य’ की प्रतिकृति भी भेंट की गई। पाञ्चजन्य को भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े प्रमुख धार्मिक प्रतीकों में माना जाता है। समिति के अनुसार, इसे पंचरत्नी पोशाक में दर्शाए गए पांच बहुमूल्य रत्नों में से एक के रूप में भी प्रस्तुत किया गया है।
लखनऊ के द्वारकाधीश मंदिर पहुंचीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
जन्माष्टमी के अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने लखनऊ के चौक क्षेत्र स्थित श्री द्वारकाधीश मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन कर प्रदेश और देशवासियों की समृद्धि, सुख और खुशहाली की कामना की। राज्यपाल ने मंदिर से जुड़े बच्चों और स्वयंसेवकों से भी बातचीत की।
बच्चों की शिक्षा और सेवा कार्यों की ली जानकारी
राज्यपाल ने मंदिर परिसर में बच्चों और अन्य स्वयंसेवकों से बातचीत के दौरान उनकी दिनचर्या, शिक्षा तथा भगवान की सेवा से जुड़े अनुभवों के बारे में जानकारी ली। जन्माष्टमी के मौके पर मंदिर में श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी भीड़ रही। धार्मिक स्थलों पर सुबह से ही भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था।
वाराणसी में भी जन्माष्टमी को लेकर खास तैयारियां
वाराणसी में भी जन्माष्टमी के लिए प्रमुख मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया है। श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के लिए आधी रात होने वाले विशेष कार्यक्रमों की तैयारी में जुटे हैं। दुर्गाकुंड स्थित इस्कॉन मंदिर में रात 10 बजे से मध्यरात्रि तक विशेष महाभिषेक का आयोजन किया जाएगा।
51 सामग्री से तैयार होगा भगवान श्रीकृष्ण का महाभिषेक
आयोजकों के अनुसार, इस्कॉन मंदिर में होने वाले विशेष महाभिषेक के लिए 51 अलग-अलग सामग्री से मिश्रण तैयार किया गया है। इसमें गंगाजल, दूध, दही तथा फलों और फूलों के रस को शामिल किया गया है। महाभिषेक के बाद बाल स्वरूप भगवान श्रीकृष्ण यानी लड्डू गोपाल को 108 प्रकार के व्यंजनों का विशेष भोग अर्पित किया जाएगा।
प्रदेशभर के मंदिरों में सजाई गईं कृष्ण जन्म की झांकियां
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, कानपुर, मेरठ, गोरखपुर, गाजियाबाद, सहारनपुर और आगरा समेत कई शहरों में जन्माष्टमी को लेकर विशेष आयोजन किए गए हैं। मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से जुड़ी आकर्षक झांकियां सजाई गई हैं। श्रद्धालु सुबह से ही मंदिरों में पहुंचकर दर्शन और पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
आधी रात को होगा भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव
जन्माष्टमी भगवान विष्णु के अवतार माने जाने वाले श्रीकृष्ण के जन्म का प्रमुख हिंदू पर्व है। मान्यता के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद मास की अष्टमी तिथि को मध्यरात्रि में मथुरा की कारागार में हुआ था। इसी कारण मंदिरों में रात 12 बजे विशेष पूजा, आरती और जन्मोत्सव आयोजित किया जाता है।
मथुरा-वृंदावन से अयोध्या तक भक्ति का माहौल
मथुरा-वृंदावन, गोकुल और अयोध्या सहित उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर जन्माष्टमी का उत्सव देर रात तक जारी रहेगा। मंदिरों में भजन-कीर्तन, आरती और विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मथुरा में विशेष सजावट के साथ मुख्यमंत्री की पूजा ने इस बार के जन्माष्टमी समारोह को और खास बना दिया है।
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