Krishna Janmashtami Live, कृष्ण जन्माष्टमी, Janmashtami 2026, जन्माष्टमी 2026, Mathura News, मथुरा न्यूज़, Krishna Janmasthan, श्रीकृष्ण जन्मस्थान, Radhe Radhe, Jai Shri Krishna
Krishna Janmashtami Live, कृष्ण जन्माष्टमी, Janmashtami 2026, जन्माष्टमी 2026, Mathura News, मथुरा न्यूज़, Krishna Janmasthan, श्रीकृष्ण जन्मस्थान, Radhe Radhe, Jai Shri Krishna

Krishna Janmashtami Live:


Krishna Janmashtami 2026: शुक्रवार की रात घड़ी में जैसे ही 12 बजे, देशभर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशियां छा गईं. मंदिरों और घरों में घंटे-घड़ियाल बज उठे और हर तरफ ‘जय कन्हैया लाल की’ और ‘नंद के घर आनंद भयो’ के जयकारे गूंजने लगे. भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव मनाया और एक-दूसरे को जन्माष्टमी की बधाई दी. दिनभर व्रत रखने के बाद श्रद्धालुओं ने मध्यरात्रि में विधि-विधान से कान्हा का पूजन किया और सुख-समृद्धि की कामना की.

पहली बार जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित ड्रोन शो ने श्रद्धालुओं को रोमांचित कर दिया। आकाश में जब कन्हैया की लीलाएं साकार हुईं तो हजारों लोगों की निगाहें आसमान पर टिक गईं। कृष्ण जन्मोत्सव के उल्लास से सराबोर मथुरा में इस अद्भुत आयोजन ने उत्सव में चार चांद लगा दिए।
-1788545954758.webp)
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर मंगला आरती के दौरान 31 किलो का विशेष ‘पाग केक’ अर्पित किया जाएगा। यह केक आगरा में 20 कारीगरों ने 12 घंटे में तैयार किया है।


ब्रज में इस बार नटवर नागर के 5253वें जन्मोत्सव को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। भक्त उस पावन क्षण का इंतजार कर रहे हैं, जब रात के 12 बजते ही भगवान कृष्ण के जन्म का उत्सव शुरू होगा। परंपरा के अनुसार कान्हा के चल विग्रह को कमल पुष्प पर विराजमान कराकर विधि-विधान से अभिषेक कराया जाएगा। इस दौरान मंदिर परिसर जयकारों और घंटियों से गूंज उठेंगे।
जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा और वृंदावन के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगातार पहुंच रही है। कृष्ण जन्मभूमि के साथ इस्कॉन मंदिर और प्रेम मंदिर में भी भक्तों का सैलाब उमड़ा हुआ है। दूर-दराज से आए श्रद्धालु भगवान कृष्ण के दर्शन और जन्मोत्सव के दिव्य क्षण का साक्षी बनने के लिए घंटों कतार में खड़े दिखाई दे रहे हैं।
ब्रजभूमि में बारिश ने मौसम को जरूर चुनौतीपूर्ण बनाया है, लेकिन श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। मूसलाधार बारिश के बावजूद भक्त कृष्ण जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए मंदिरों की ओर बढ़ते रहे। भगवान कृष्ण से जुड़े गोवर्धन प्रसंग को याद करते हुए श्रद्धालुओं की अटूट आस्था देखने को मिल रही है। मान्यता है कि कृष्ण ने इंद्र के प्रकोप से ब्रजवासियों की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत उठाया था।

जन्माष्टमी के लिए मथुरा और वृंदावन के मंदिरों को आकर्षक रंगीन रोशनी और सजावट से सजाया गया है। कृष्ण की नगरी का स्वरूप इस समय बेहद भव्य नजर आ रहा है। प्रमुख मार्गों और चौराहों पर भी सजावट की गई है। इसके अलावा कई स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया जा रहा है, जहां भक्त प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान के गेट नंबर तीन से श्रद्धालुओं का प्रवेश लगातार जारी है। अपने आराध्य की एक झलक पाने के लिए बड़ी संख्या में भक्त कतार में खड़े हैं। इस बीच बारिश की फुहारों के बावजूद श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था के बीच मंदिर परिसर में भक्तों की आवाजाही बनी हुई है।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर चंद्रोदय मंदिर में भी विशेष धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। शाम के समय वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच ठाकुर श्रीश्री वृंदावन चंद्र का महाभिषेक शुरू हुआ। इसके साथ ही ढोल, मृदंग, झांझ और मंजीरे की धुन पर हरिनाम संकीर्तन गूंज उठा। मंदिर परिसर में श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए।

वृंदावन का प्रसिद्ध प्रेम मंदिर जन्माष्टमी पर श्रद्धालुओं से भर गया है। सफेद संगमरमर से बने मंदिर पर पड़ती रंग-बिरंगी रोशनी इसकी सुंदरता को और बढ़ा रही है। मंदिर परिसर और आसपास बड़ी संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं। कृष्ण भक्ति में डूबे श्रद्धालुओं के कारण पूरे क्षेत्र में उत्सव और आध्यात्मिक ऊर्जा का माहौल बना हुआ है।

प्राचीन ठाकुर श्री केशवदेव जी महाराज मंदिर में भी जन्माष्टमी का उल्लास चरम पर है। झांझ, मृदंग और हरिनाम संकीर्तन की मधुर ध्वनि के बीच श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए। विशेष रूप से महिला श्रद्धालुओं ने संकीर्तन के दौरान उत्साहपूर्वक भाग लिया और कृष्ण नाम का जाप किया। मंदिर परिसर लगातार भक्ति संगीत से गूंजता रहा।

जन्माष्टमी के अवसर पर वृंदावन के छोटे-बड़े मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है। मंदिरों को आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया गया है और जगह-जगह कृष्ण भक्ति से जुड़े कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। मथुरा-वृंदावन में चारों ओर राधे-राधे और जय श्रीकृष्ण के जयकारे सुनाई दे रहे हैं। देर रात कृष्ण जन्म के साथ यह उत्सव अपने चरम पर पहुंचेगा।
Read More : Nepal Flood: भीषण बाढ़ के बाद 275 भारतीय अब भी लापता, सरकार तलाश में जुटी, राहत अभियान जारी


© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company.
Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.
