Ambedkar Statue Controversy : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर स्थित अंबेडकर चौक पर शुक्रवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के साथ छेड़छाड़ किए जाने का मामला सामने आया। प्रतिमा के गले में कपड़े का फंदा और सिर पर पॉलीथिन बंधी हुई मिली। इसके अलावा प्रतिमा के आसपास ताश के पत्ते और सिगरेट के पैकेट भी लटकाए गए थे। सुबह स्थानीय लोगों की नजर जब इस पर पड़ी तो मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही लोगों में बढ़ा आक्रोश
प्रतिमा के साथ इस तरह की हरकत की जानकारी आसपास के इलाके में तेजी से फैल गई। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग अंबेडकर चौक पर पहुंचने लगे। लोगों ने घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि महापुरुष की प्रतिमा के साथ किसी भी तरह का अपमानजनक व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने और जल्द दोषियों का पता लगाने की मांग की।
बहुजन समाज से जुड़े लोग भी मौके पर पहुंचे
घटना की सूचना मिलने के बाद बहुजन समाज से जुड़े कई लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रतिमा की स्थिति देखकर नाराजगी जाहिर की और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। लोगों का कहना है कि इस तरह की घटना सामाजिक भावनाओं को आहत कर सकती है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो इससे शहर का माहौल भी प्रभावित होने की आशंका है।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शुरू की जांच
मामले की सूचना मिलते ही सिविल लाइन पुलिस की टीम अंबेडकर चौक पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने प्रतिमा और उसके आसपास के क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण किया। मौके पर मौजूद लोगों से भी घटना के संबंध में जानकारी जुटाई गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्रतिमा के साथ छेड़छाड़ किस समय की गई और उस दौरान वहां कौन-कौन लोग मौजूद थे।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
घटना की जांच के दौरान पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि कैमरों में कैद गतिविधियों से संदिग्ध लोगों की पहचान करने में मदद मिल सकती है। पुलिस घटनास्थल के आसपास आने-जाने वाले लोगों और स्थानीय निवासियों से भी जानकारी जुटा रही है, ताकि घटना की कड़ियों को जोड़ा जा सके।
अभी तक सामने नहीं आया घटना के पीछे का मकसद
पुलिस जांच में अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि प्रतिमा के साथ छेड़छाड़ किसने की और इसके पीछे उसका मकसद क्या था। क्या यह किसी शरारत का हिस्सा था या जानबूझकर सामाजिक तनाव पैदा करने की कोशिश, इसका पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। पुलिस फिलहाल सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की पड़ताल कर रही है।
दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की उठी मांग
बहुजन समाज और स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से आरोपियों की जल्द पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई व्यक्ति इस तरह की हरकत करने की हिम्मत न कर सके। साथ ही लोगों ने प्रशासन से प्रतिमा स्थल की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग भी की।
कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
घटना को लेकर नाराज लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जा सकता है। हालांकि लोगों ने शहर में शांति और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की अपील भी की है। उनका कहना है कि पुलिस को निष्पक्ष तरीके से जांच कर वास्तविक दोषियों तक पहुंचना चाहिए, जिससे किसी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई न हो।
पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की
फिलहाल सिविल लाइन पुलिस सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी और अन्य तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। पुलिस की कोशिश है कि घटना में शामिल लोगों की पहचान जल्द की जाए और पूरे मामले का सच सामने लाया जाए। प्रशासन की ओर से लोगों से संयम बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा नहीं करने की अपील की गई है।
जांच के बाद ही साफ होगी पूरी तस्वीर
अंबेडकर चौक की इस घटना के बाद शहर में चर्चा का माहौल है। फिलहाल किसी आरोपी की पहचान या गिरफ्तारी की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस जांच के नतीजों के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि प्रतिमा के साथ छेड़छाड़ कब और किसने की थी। प्रशासन के सामने अब मामले को जल्द सुलझाने के साथ शहर में शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की चुनौती है।
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