CG Fake Transfer Order Case : छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में फर्जी ट्रांसफर ऑर्डर मामले में पहले से जेल में बंद कृष्णा अवस्थी और उनके बेटे प्रणव अवस्थी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। सिटी कोतवाली पुलिस ने अब दोनों के खिलाफ नौकरी दिलाने के नाम पर कथित तौर पर 6 लाख रुपये लेने के आरोप में एक और FIR दर्ज की है। शिकायत ओड़ान निवासी जीवन लाल कमल की ओर से की गई है।
जिला अस्पताल में वार्ड बॉय की नौकरी का दिया भरोसा
शिकायतकर्ता जीवन लाल कमल का आरोप है कि कृष्णा अवस्थी ने अपनी पहुंच का हवाला देते हुए छह लोगों को जिला अस्पताल में वार्ड बॉय की नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। कथित तौर पर नौकरी लगवाने के बदले कुल 6 लाख रुपये लिए गए। शिकायत के अनुसार, कृष्णा अवस्थी ने अपने बेटे प्रणव अवस्थी का मोबाइल नंबर देकर आगे की प्रक्रिया के लिए उससे संपर्क करने को कहा था।
कलेक्ट्रेट कैंटीन के पास जमा कराए गए दस्तावेज
शिकायत में बताया गया कि नौकरी की उम्मीद रखने वाले लोगों को लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय परिसर में कैंटीन के पास प्रणव अवस्थी से संपर्क किया गया। इस दौरान उम्मीदवारों की 10वीं की अंकसूची, पासपोर्ट साइज फोटो और बैंक पासबुक सहित अन्य दस्तावेज जमा कराए गए। कथित तौर पर कागज पर नाम, गांव और पता लिखवाने के साथ हस्ताक्षर भी कराए गए।
24 अगस्त को ज्वाइनिंग लेटर देने का किया दावा
शिकायत के मुताबिक, दस्तावेज लेने के बाद आरोपियों की ओर से भरोसा दिलाया गया कि 24 अगस्त 2026 को संबंधित लोगों को नौकरी के ज्वाइनिंग लेटर दे दिए जाएंगे। नौकरी मिलने की उम्मीद में शिकायतकर्ता और अन्य लोगों ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दस्तावेज उपलब्ध कराए और रकम भी दी। हालांकि तय तारीख आने के बाद भी किसी को नौकरी नहीं मिली।
नौकरी नहीं मिली तो वापस मांगी रकम
24 अगस्त की तारीख निकलने के बाद जब ज्वाइनिंग लेटर नहीं मिला तो शिकायतकर्ता ने कथित तौर पर दी गई रकम वापस मांगनी शुरू की। आरोप है कि इसके बावजूद उसे लगातार नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया जाता रहा। काफी समय तक मामला आगे नहीं बढ़ने पर आखिरकार शिकायतकर्ता ने पुलिस से संपर्क किया और पूरे मामले की जानकारी दी।
सिटी कोतवाली पुलिस ने दर्ज की नई FIR
शिकायत के आधार पर सिटी कोतवाली पुलिस ने कृष्णा अवस्थी और प्रणव अवस्थी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने FIR क्रमांक 0747 दर्ज की है। मामले की जांच भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 318(4) और 3(5) के तहत की जा रही है। जांच की जिम्मेदारी ASI सुनील खुटे को सौंपी गई है।
नौकरी के नाम पर पहले भी सामने आए हैं आरोप
कृष्णा अवस्थी और प्रणव अवस्थी के खिलाफ नौकरी दिलाने के नाम पर कथित धोखाधड़ी का यह पहला मामला नहीं बताया जा रहा है। इससे पहले भी सरकारी नौकरी और ट्रांसफर के नाम पर रकम लेने से जुड़े आरोप सामने आ चुके हैं। हालांकि इन मामलों में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
शराब दुकान में नौकरी के नाम पर भी केस
प्रणव अवस्थी के खिलाफ शराब दुकान में नौकरी दिलाने के नाम पर कथित तौर पर 50 हजार रुपये लेने की FIR दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है। इसके अलावा कसडोल में डाटा एंट्री ऑपरेटर की नौकरी दिलाने के नाम पर कथित फर्जी नियुक्ति पत्र देने और इसके बदले 2 लाख रुपये लेने का मामला भी सामने आया था।
फर्जी नियुक्ति पत्र देकर रकम लेने का आरोप
कसडोल से जुड़े मामले में हेमंत साहू को 30,700 रुपये मासिक वेतन वाली डाटा एंट्री ऑपरेटर की नौकरी का कथित नियुक्ति पत्र दिए जाने का आरोप है। इसके बदले 2 लाख रुपये लिए जाने की शिकायत सामने आई थी। संबंधित विभाग के महाप्रबंधक ने नियुक्ति पत्र को फर्जी बताते हुए रायपुर के तेलीबांधा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
पुलिस जांच के बाद सामने आएगी पूरे मामले की सच्चाई
बलौदाबाजार में दर्ज नई FIR के बाद पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों, पैसों के लेनदेन, दस्तावेजों और कथित नौकरी के आश्वासन से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि इस मामले में और कितने लोग प्रभावित हुए हैं। फिलहाल आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी और आगे की कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
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