Mumbai News : आगामी गणेशोत्सव को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से संपन्न कराने के लिए महाराष्ट्र में पुलिस और प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुंबई, नवी मुंबई समेत राज्य के कई प्रमुख शहरों में गणेशोत्सव के दौरान तेज आवाज वाले DJ और लेजर लाइट के इस्तेमाल पर सख्ती बरती जाएगी। प्रशासन का कहना है कि त्योहार की खुशी के साथ ध्वनि प्रदूषण और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन करना भी जरूरी है।
मुंबई में DJ को लेकर पुलिस का स्पष्ट रुख
मुंबई पुलिस ने गणेश मंडलों को ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों का पालन करने की स्पष्ट हिदायत दी है। गणेशोत्सव समन्वय समिति के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और राज्य सरकार की ओर से निर्धारित ध्वनि सीमा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। पुलिस प्रशासन ने साफ किया कि मुंबई में पहले भी DJ पर रोक रही है और आगे भी नियमों के मुताबिक ही उत्सव आयोजित किए जाएंगे।
नियम तोड़ने पर दर्ज होगा पुलिस केस
मुंबई पुलिस आयुक्त के मुताबिक, यदि कोई गणेश मंडल या आयोजक निर्धारित ध्वनि सीमा का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ सीधे पुलिस केस दर्ज किया जा सकता है। बैठक में सार्वजनिक गणेश मंडलों को ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कानून और दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई। पुलिस ने मंडलों से अपील की है कि वे उत्सव के दौरान तय नियमों का पालन करें और किसी भी ऐसी गतिविधि से बचें जिससे आसपास के लोगों को परेशानी हो।
गणेश मंडलों ने दिया सहयोग का भरोसा
पुलिस प्रशासन के अनुसार, मुंबई के अधिकांश सार्वजनिक गणेश मंडलों ने नियमों का पालन करने को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है। मंडलों के पदाधिकारियों को ध्वनि सीमा, साउंड सिस्टम और आयोजन से संबंधित नियमों के बारे में जानकारी दी गई है। प्रशासन को उम्मीद है कि गणेश मंडल जिम्मेदारी के साथ उत्सव आयोजित करेंगे और पुलिस को कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करेंगे।
नवी मुंबई में DJ के साथ लेजर लाइट पर भी रोक
नवी मुंबई में प्रशासन ने गणेशोत्सव के दौरान नियमों को लेकर और कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस आयुक्त मिलिंद भारंबे ने सार्वजनिक गणेश मंडलों के लिए DJ के साथ खतरनाक लेजर लाइट के इस्तेमाल पर भी पूर्ण रोक के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का मानना है कि तेज लेजर लाइट से लोगों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। इसलिए उत्सव के दौरान ऐसी गतिविधियों को अनुमति नहीं दी जाएगी।
ज्यादा आवाज पर साउंड सिस्टम की अनुमति रद्द
नवी मुंबई पुलिस ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित सीमा से अधिक आवाज में साउंड सिस्टम चलाने वाले गणेश मंडलों के खिलाफ सख्त कदम उठाया जाएगा। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित मंडल की ध्वनि-वर्धक यानी लाउडस्पीकर या साउंड सिस्टम की अनुमति तत्काल रद्द की जा सकती है। पुलिस का उद्देश्य गणेशोत्सव के दौरान ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित रखना है।
DJ मालिकों पर भी होगी कानूनी कार्रवाई
नियमों को लेकर नवी मुंबई पुलिस ने जिम्मेदारी सिर्फ गणेश मंडलों तक सीमित नहीं रखी है। यदि कोई DJ या साउंड सिस्टम निर्धारित नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है तो संबंधित गणेश मंडल के पदाधिकारियों के साथ-साथ DJ और साउंड सिस्टम के मालिक के खिलाफ भी मामला दर्ज किया जा सकता है। प्रशासन ने आयोजकों को पहले से नियमों की जानकारी देकर कार्रवाई से बचने की अपील की है।
देवेंद्र फडणवीस ने पारंपरिक उत्सव पर दिया जोर
उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी गणेशोत्सव और अन्य त्योहारों को लेकर लोगों से जिम्मेदारी के साथ उत्सव मनाने की अपील की है। पुणे में उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा उचित नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सवों को यथासंभव पारंपरिक तरीके से मनाया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने बदलते समय के साथ विकसित हुई कुछ प्रथाओं को लेकर संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की बात कही।
ध्वनि प्रदूषण के मुद्दे पर भी चर्चा
फडणवीस ने ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ आवाज उठाने वाले पर्यावरण कार्यकर्ता विद्यानंद बापट का भी उल्लेख किया। उन्होंने बापट की भाषा और अपने विचार रखने के तरीके की सराहना की। साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे पर अपनी बात रखते समय व्यापक और सर्वसमावेशी दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है। इसका उद्देश्य यह है कि किसी एक गतिविधि के कारण दूसरे लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो।
महाराष्ट्र में जीरो टॉलरेंस की तैयारी
मुंबई और नवी मुंबई के अलावा नागपुर, सोलापुर और छत्रपति संभाजीनगर जैसे शहरों में भी गणेशोत्सव के दौरान ध्वनि प्रदूषण और सुरक्षा नियमों को लेकर प्रशासन सक्रिय है। पुणे में पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को लेकर उठी आवाज के बाद राज्य के कई हिस्सों में नियमों के पालन पर जोर बढ़ा है। प्रशासन का संदेश स्पष्ट है कि इस बार नियमों के उल्लंघन को हल्के में नहीं लिया जाएगा।
सुरक्षित और शांतिपूर्ण गणेशोत्सव पर जोर
महाराष्ट्र प्रशासन का लक्ष्य गणेशोत्सव को श्रद्धा, परंपरा और उत्साह के साथ सुरक्षित तरीके से आयोजित कराना है। DJ की तेज आवाज, निर्धारित सीमा से अधिक ध्वनि और खतरनाक लेजर लाइट जैसी गतिविधियों पर कार्रवाई के जरिए पुलिस ध्वनि प्रदूषण और सुरक्षा संबंधी जोखिमों को कम करना चाहती है। ऐसे में गणेश मंडलों और आयोजकों के लिए जरूरी है कि वे उत्सव से पहले सभी नियमों की जानकारी लें और उनका पालन सुनिश्चित करें।
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