Teachers Day 2026 : शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के कुछ विशेष शिक्षकों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों से बातचीत की और उनके अनुभवों को जाना। प्रधानमंत्री की इस मुलाकात का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया गया है, जिसमें वह शिक्षकों के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा करते नजर आ रहे हैं।
शिक्षकों से बातचीत में पीएम मोदी ने साझा किए अनुभव
मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका से बातचीत करते हुए अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी से जुड़े अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि वह काशी के सांसद हैं और वहां उन्होंने ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान शुरू किया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि अब महिलाएं खुद आगे आकर स्वास्थ्य जांच कराने के लिए सामने आ रही हैं, जो पहले की स्थिति की तुलना में सकारात्मक बदलाव है।
ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग अभियान का किया जिक्र
पीएम मोदी ने बातचीत के दौरान महिलाओं में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि ब्रेस्ट कैंसर की जांच और इसके प्रति जागरूकता फैलाने के अभियान से उन्हें सकारात्मक अनुभव मिला। प्रधानमंत्री ने यह भी याद किया कि एक ही दिन में बड़ी संख्या में लोगों की स्क्रीनिंग किए जाने का विश्व रिकॉर्ड बनना उनके लिए एक उल्लेखनीय अनुभव रहा।प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले महिलाएं स्वास्थ्य जांच के लिए सामने आने में उतनी सक्रिय नहीं थीं, लेकिन अब स्थिति बदल रही है। उनके मुताबिक, महिलाओं का स्वयं आगे बढ़कर स्क्रीनिंग करवाना जागरूकता बढ़ने का संकेत है। शिक्षकों के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने इस बदलाव को अपने अनुभव के तौर पर साझा किया।
पीएम मोदी ने शिक्षिका से मांगा पब्लिक स्पीकिंग का मंत्र
बातचीत का सबसे दिलचस्प हिस्सा तब सामने आया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक शिक्षिका से अपनी पब्लिक स्पीकिंग स्किल बेहतर करने के लिए सलाह मांगी। उन्होंने शिक्षिका से पूछा कि यदि वह उनके विद्यार्थी होते और एक कुशल वक्ता बनना चाहते, तो उन्हें क्या करना चाहिए। प्रधानमंत्री का यह सवाल बातचीत को एक अलग और रोचक दिशा में ले गया।
शिक्षिका ने बताया आत्मविश्वास को सबसे जरूरी
प्रधानमंत्री के सवाल का जवाब देते हुए शिक्षिका ने कहा कि एक अच्छे वक्ता के लिए सबसे पहले आत्मविश्वास जरूरी है। उनके अनुसार आत्मविश्वास लगातार अभ्यास करने से विकसित होता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी व्यक्ति को बेहतर वक्ता बनने के लिए नियमित रूप से बोलने और अपनी प्रस्तुति पर काम करने की जरूरत होती है।शिक्षिका ने बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री से यह भी कहा कि उनका व्यक्तित्व देखकर वह खुद थोड़ी घबरा गई थीं। इसके बावजूद उन्होंने आत्मविश्वास के महत्व पर जोर देते हुए अपनी बात रखी। उनकी प्रतिक्रिया ने बातचीत को सहज और दिलचस्प बना दिया।
शिक्षकों के अनुभवों को महत्व देते हैं पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शिक्षकों से संवाद शिक्षक दिवस के अवसर पर उनके अनुभवों और योगदान को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया। बातचीत में स्वास्थ्य जागरूकता से लेकर पब्लिक स्पीकिंग और आत्मविश्वास जैसे विषयों पर चर्चा हुई। इस दौरान पीएम मोदी ने शिक्षकों से सलाह भी मांगी और उनके विचारों को ध्यान से सुना।
सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ साझा
प्रधानमंत्री की शिक्षकों के साथ इस मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर भी साझा किया गया है। वीडियो में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों के साथ बातचीत करते दिखाई देते हैं। पब्लिक स्पीकिंग को लेकर प्रधानमंत्री द्वारा शिक्षिका से सलाह मांगने वाला हिस्सा लोगों के लिए खास तौर पर चर्चा का विषय बन रहा है।
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