Nepal Flood 2026 : नेपाल में 26 अगस्त 2026 को आई विनाशकारी बाढ़ ने बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान किया है। भोटेकोशी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। नेपाल पुलिस के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 1,344 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 4,898 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इस आपदा ने नेपाल के कई जिलों को बुरी तरह प्रभावित किया है।
1,344 शव बरामद, कई की पहचान अब भी बाकी
नेपाल पुलिस के अनुसार, बरामद किए गए 1,344 शवों में 489 पुरुष, 269 महिलाएं, 52 लड़के और 33 लड़कियां शामिल हैं। इसके अलावा 501 शवों के आंशिक अंग भी मिले हैं, लेकिन अभी तक इनकी पहचान नहीं हो सकी है। मृतकों की पहचान के लिए पुलिस और संबंधित एजेंसियां डीएनए जांच समेत अन्य प्रक्रियाओं को तेज कर रही हैं।
4,898 लोगों के लापता होने की जानकारी
पुलिस के मुताबिक, बाढ़ के बाद कुल 4,898 लोगों के लापता होने की सूचना है। इनमें 4,250 नेपाली नागरिक और 618 विदेशी नागरिक शामिल हैं। लापता नेपाली नागरिकों में 2,448 पुरुष और 482 महिलाएं हैं। अधिकारियों को अब तक 1,350 लोगों के लापता होने की जानकारी फोन के माध्यम से मिली है। लापता लोगों की तलाश के लिए प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चलाया जा रहा है।
8,631 लोगों को सुरक्षित बचाया गया
भयंकर बाढ़ के बावजूद राहत और बचाव दलों ने हजारों लोगों की जान बचाई है। अब तक 8,631 लोगों को जीवित रेस्क्यू किया जा चुका है। इनमें 7,387 नेपाली नागरिक और 1,244 विदेशी नागरिक शामिल हैं। बाढ़ से विस्थापित हुए 3,655 लोगों को फिलहाल अलग-अलग होल्डिंग सेंटरों में रखा गया है, जहां उनके लिए आवश्यक व्यवस्था की जा रही है।
1,030 शवों का किया गया अंतिम प्रबंधन
बरामद शवों में से 1,030 शवों को अब तक जमीन में दफनाकर अंतिम प्रबंधन किया जा चुका है। वहीं, लापता और मृत लोगों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए डीएनए नमूने जुटाने का काम भी तेजी से चल रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 1,260 मृतकों और 972 परिजनों के डीएनए नमूने लिए जा चुके हैं। कुल मिलाकर 2,232 नमूने एकत्र किए गए हैं।
वेबसाइट पर अपलोड हुआ 1,270 लोगों का विवरण
जिन लोगों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है, उनमें से 1,270 लोगों का विवरण नेपाल पुलिस की वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। इसका उद्देश्य परिजनों और संबंधित लोगों को पहचान प्रक्रिया में सहयोग करने का अवसर देना है। पुलिस उम्मीद कर रही है कि उपलब्ध तस्वीरों और अन्य जानकारियों के आधार पर कई अज्ञात शवों की पहचान जल्द हो सकेगी।
ग्लेशियर आपदा के बाद आई थी अचानक बाढ़
नेपाल में 26 अगस्त को आई बाढ़ की शुरुआत नेपाल-तिब्बत सीमा के पास लैंगटांग लिरुंग क्षेत्र में हुई बताई गई है। यहां आइस-रॉक एवलांच यानी बर्फ और चट्टानों के विशाल हिस्से के ढहने या ग्लेशियर कोलैप्स के बाद अचानक पानी का तेज बहाव पैदा हुआ। इसके चलते भोटेकोशी, त्रिशूली और आसपास की नदियों में भीषण बाढ़ आ गई।
कई जिलों में मची भारी तबाही
अचानक आई बाढ़ ने रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, चितवन, नवलपरासी समेत कई इलाकों को प्रभावित किया। बाढ़ की तीव्रता इतनी अधिक थी कि बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए और कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। आपदा के बाद नेपाल में राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी हैं और प्रभावित लोगों को सहायता पहुंचाई जा रही है।
नौ दिन बाद सुरंग से निकला था शख्स
इस आपदा के बीच एक घटना ने लोगों का खास ध्यान खींचा था। बाढ़ के दौरान सुरंग में फंसा एक व्यक्ति करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया था। बाहर आने के बाद उसने बताया था कि मुश्किल समय में वह लगातार ‘हरे कृष्ण’ का जाप करता रहा। संयोग से जन्माष्टमी के दिन उसके बचाए जाने की खबर सामने आई, जिसने लोगों को भावुक कर दिया।
नेपाल की मदद के लिए आगे आए कई हाथ
भयानक बाढ़ के बाद नेपाल की स्थिति ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने और हजारों लोगों के विस्थापित होने के बीच राहत एवं बचाव प्रयासों को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रशासन का फोकस लापता लोगों की तलाश, शवों की पहचान और प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाने पर है।
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