Metabolic Health : शरीर को लंबे समय तक स्वस्थ और फिट बनाए रखने के लिए सिर्फ बाहरी फिटनेस पर ध्यान देना काफी नहीं है। अंदर से शरीर कितना स्वस्थ है, यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है। कई बार व्यक्ति बाहर से पूरी तरह फिट नजर आता है, लेकिन उसके शरीर में मेटाबॉलिक हेल्थ से जुड़ी समस्याएं धीरे-धीरे विकसित हो रही होती हैं। इसका असर ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, वजन और हार्मोनल संतुलन पर पड़ सकता है। योग, न्यूट्रिशन और फिटनेस कोच नटराज के मुताबिक, मेटाबॉलिज्म को बेहतर रखने के लिए मांसपेशियों, शारीरिक गतिविधि, पोषण, नींद और तनाव जैसे पहलुओं पर ध्यान देना जरूरी है।
आसान भाषा में समझें मेटाबॉलिक हेल्थ
मेटाबॉलिक हेल्थ का मतलब शरीर के अंदर चलने वाली उन जरूरी प्रक्रियाओं से है, जो ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और शरीर के वजन जैसे महत्वपूर्ण संकेतकों को संतुलित रखने में भूमिका निभाती हैं। आसान शब्दों में कहें तो शरीर का अंदरूनी सिस्टम कितनी अच्छी तरह और संतुलित तरीके से काम कर रहा है, यही मेटाबॉलिक हेल्थ का अहम हिस्सा है। इसलिए स्वस्थ रहने के लिए केवल वजन कम करना ही लक्ष्य नहीं होना चाहिए, बल्कि शरीर की अंदरूनी सेहत पर भी ध्यान देना चाहिए।
मांसपेशियों को मजबूत बनाना है जरूरी
मेटाबॉलिक हेल्थ बेहतर रखने के लिए मांसपेशियों को मजबूत बनाना महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके लिए सप्ताह में करीब 3 से 4 दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग की जा सकती है। नियमित रूप से मांसपेशियों पर काम करने से शरीर की ताकत और कार्यक्षमता बनाए रखने में मदद मिलती है। उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियों की ताकत बनाए रखना विशेष रूप से जरूरी हो जाता है। इसलिए अपनी क्षमता के अनुसार स्ट्रेंथ एक्सरसाइज को नियमित फिटनेस रूटीन का हिस्सा बनाया जा सकता है।
हर मील में प्रोटीन को दें जगह
शरीर और मांसपेशियों के लिए प्रोटीन एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। फिटनेस कोच नटराज के अनुसार, भोजन में हर मील के दौरान प्रोटीन का कुछ हिस्सा जरूर शामिल करना चाहिए। उन्होंने प्रति मील करीब 25 से 30 ग्राम प्रोटीन लेने की सलाह दी है। प्रोटीन के लिए दाल, अंडे, दूध, दही, पनीर और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल किया जा सकता है। हालांकि व्यक्ति की जरूरत उम्र, गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग हो सकती है।
रोजाना पैदल चलने की डालें आदत
मेटाबॉलिक हेल्थ को बेहतर बनाए रखने के लिए रोजाना सक्रिय रहना जरूरी है। इसके लिए केवल जिम जाना ही पर्याप्त नहीं है। दिनभर में ज्यादा चलने की आदत भी फायदेमंद हो सकती है। फिटनेस कोच ने रोजाना करीब 8,000 से 10,000 कदम चलने और हर भोजन के बाद लगभग 10 मिनट टहलने का सुझाव दिया है। खाने के बाद हल्की वॉक को अपनी दिनचर्या में शामिल करना शारीरिक गतिविधि बढ़ाने का आसान तरीका हो सकता है।
7 से 8 घंटे की नींद लें
मेटाबॉलिक हेल्थ के लिए अच्छी नींद भी बेहद महत्वपूर्ण है। रोजाना करीब 7 से 8 घंटे की पर्याप्त नींद लेने की कोशिश करनी चाहिए। नींद के दौरान शरीर को आराम और रिकवरी का समय मिलता है। अनियमित या कम नींद लंबे समय में शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकती है। इसलिए देर रात तक जागने की आदत को कम करना और नियमित सोने-जागने का समय निर्धारित करना स्वस्थ जीवनशैली का अहम हिस्सा हो सकता है।
पैकेज्ड फूड से बनाएं दूरी
मेटाबॉलिक हेल्थ बेहतर रखने के लिए खाने की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी है। जितना संभव हो, ताजा और घर का बना भोजन प्राथमिकता दें। पैकेज्ड फूड और अत्यधिक प्रोसेस्ड स्नैक्स की जगह दाल, सब्जियां, साबुत अनाज, बाजरा, फर्मेंटेड फूड और मौसमी फलों को डाइट में शामिल किया जा सकता है। संतुलित और पौष्टिक भोजन शरीर को जरूरी पोषक तत्व देने के साथ रोजमर्रा की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद करता है।
तनाव को नियंत्रित रखना जरूरी
लगातार तनाव भी स्वस्थ जीवनशैली के लिए चुनौती बन सकता है। मेटाबॉलिक हेल्थ को बेहतर बनाए रखने के लिए तनाव को नियंत्रित करने की कोशिश करनी चाहिए। इसके लिए रोजाना योग, प्राणायाम या अन्य सांस संबंधी व्यायाम किए जा सकते हैं। इसके अलावा कुछ समय खुले वातावरण में बिताना, पर्याप्त आराम करना और अपनी दिनचर्या में मानसिक शांति के लिए समय निकालना भी उपयोगी हो सकता है। तनाव कम रखने से शरीर और दिमाग दोनों को बेहतर तरीके से संतुलित रखने में मदद मिल सकती है।
मेटाबॉलिक हेल्थ के लिए बनाएं संतुलित दिनचर्या
मेटाबॉलिक हेल्थ को बेहतर बनाने के लिए किसी एक उपाय पर निर्भर रहने के बजाय पूरी जीवनशैली में संतुलन बनाना जरूरी है। नियमित स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, पर्याप्त प्रोटीन, रोजाना पैदल चलना, अच्छी नींद, पौष्टिक भोजन और तनाव प्रबंधन को दिनचर्या का हिस्सा बनाया जा सकता है। इन आदतों को धीरे-धीरे अपनाकर लंबे समय तक स्वस्थ जीवनशैली बनाए रखने की दिशा में कदम बढ़ाया जा सकता है। यदि किसी व्यक्ति को ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल या अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो व्यक्तिगत सलाह के लिए डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करना बेहतर रहेगा।
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