Dinesh Sharma LG : उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी देते हुए आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। इस नियुक्ति के साथ ही डॉ. शर्मा के राजनीतिक और प्रशासनिक करियर में एक महत्वपूर्ण नया अध्याय जुड़ गया है।
राष्ट्रपति भवन ने जारी किया आधिकारिक बयान
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति ने डॉ. दिनेश शर्मा को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का उपराज्यपाल नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति उसी दिन से प्रभावी मानी जाएगी, जिस दिन वह नए पद का कार्यभार संभालेंगे। उपराज्यपाल के रूप में उन्हें केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभानी होगी।
लखनऊ में हुआ था दिनेश शर्मा का जन्म
डॉ. दिनेश शर्मा का जन्म 12 जनवरी 1964 को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुआ था। उन्हें भाजपा के सौम्य, अनुभवी और अपेक्षाकृत बेदाग छवि वाले नेताओं में गिना जाता है। उनके पिता केदारनाथ शर्मा जनसंघ से जुड़े हुए थे। राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले परिवार से आने के बावजूद दिनेश शर्मा ने शिक्षा और अकादमिक क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाई।
शिक्षा के क्षेत्र में भी रहा लंबा अनुभव
दिनेश शर्मा की शिक्षा के क्षेत्र में विशेष रुचि रही है। उन्होंने वाणिज्य और मानव विकास से जुड़े विषयों में उच्च शिक्षा हासिल की। उन्होंने बीकॉम और एमकॉम की पढ़ाई करने के साथ मनोविज्ञान एवं मानव विकास के क्षेत्र में पीएचडी की। इसके बाद उन्होंने लंबे समय तक शिक्षा के क्षेत्र में काम किया और विश्वविद्यालय स्तर पर अध्यापन से जुड़े रहे।
लखनऊ विश्वविद्यालय में प्रोफेसर रहे शर्मा
डॉ. दिनेश शर्मा ने वर्ष 1988 में लखनऊ विश्वविद्यालय में अस्थायी तौर पर अध्यापन कार्य शुरू किया था। बाद में वर्ष 1992 में वह विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग में स्थायी रूप से प्रोफेसर नियुक्त हुए। अकादमिक क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव ने उन्हें सार्वजनिक जीवन में भी एक अलग पहचान दिलाई। राजनीति में सक्रिय होने के बावजूद शिक्षा से उनका जुड़ाव लगातार बना रहा।
दो बार लखनऊ के मेयर भी रह चुके हैं
दिनेश शर्मा उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। वह राजधानी लखनऊ के दो बार महापौर रह चुके हैं। इसके बाद उन्हें राज्य की भाजपा सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पहले कार्यकाल में उन्होंने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। इस दौरान उनके पास सरकार से जुड़े कई महत्वपूर्ण दायित्व रहे।
राज्यसभा में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
डॉ. दिनेश शर्मा वर्तमान में राज्यसभा के सदस्य हैं और उच्च सदन में उपसभापति की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। उनका राज्यसभा कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त होने वाला था। ऐसे समय में अंडमान और निकोबार के उपराज्यपाल के रूप में उनकी नियुक्ति को उनके सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
अंडमान निकोबार में उपराज्यपाल की अहम भूमिका
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह भारत का एक महत्वपूर्ण केंद्र शासित प्रदेश है। यहां उपराज्यपाल प्रशासन का प्रमुख संवैधानिक पद होता है। हिंद महासागर में स्थित होने के कारण इस द्वीप समूह का भारत की समुद्री सुरक्षा और सामरिक हितों की दृष्टि से विशेष महत्व है। इसलिए इस पद पर नियुक्ति को प्रशासनिक ही नहीं, बल्कि रणनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जाता है।
विकास और कनेक्टिविटी पर रहेगी नजर
डॉ. दिनेश शर्मा ऐसे समय में अंडमान और निकोबार की जिम्मेदारी संभालेंगे, जब द्वीप समूह में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। पर्यटन, सड़क और हवाई कनेक्टिविटी, स्थानीय विकास तथा रणनीतिक परियोजनाएं प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। ऐसे में उनके प्रशासनिक अनुभव का इस्तेमाल इन क्षेत्रों को आगे बढ़ाने में किया जा सकता है।
राजनीतिक सफर से प्रशासनिक भूमिका तक बदलाव
डॉ. दिनेश शर्मा की नई नियुक्ति उनके लंबे राजनीतिक सफर में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। लखनऊ के मेयर से लेकर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद तक उन्होंने अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाई हैं। अब अंडमान और निकोबार के उपराज्यपाल के रूप में उन्हें केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन और विकास से जुड़ी व्यापक जिम्मेदारी संभालनी होगी। उनकी नियुक्ति से राष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी भूमिका का स्वरूप बदल गया है।
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