CG NSUI President Fraud Case : छत्तीसगढ़ NSUI के प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे के खिलाफ एक युवक ने 29 लाख रुपये से अधिक की कथित ठगी की शिकायत की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि अलग-अलग काम और नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उससे विभिन्न माध्यमों से रकम ली गई। युवक ने मामले को लेकर रायपुर पुलिस कमिश्नर के पास शिकायत दर्ज कराई है। इसके बाद उसने मुख्यमंत्री से भी पूरे मामले में न्याय की गुहार लगाई है। फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच होना बाकी है।
एजेंसी और डीलरशिप दिलाने का लगाया आरोप
शिकायतकर्ता के मुताबिक, उसे सिप्ला कंपनी की एजेंसी या डीलरशिप दिलाने का भरोसा दिया गया था। इसी आश्वासन के आधार पर कथित तौर पर उससे रकम ली गई। युवक का आरोप है कि भुगतान करने के बाद भी उसे एजेंसी या डीलरशिप नहीं मिल सकी। शिकायत में किए गए दावों के मुताबिक, रकम लेने के बावजूद वादा पूरा नहीं किया गया।
DKS अस्पताल में नौकरी का भी दावा
युवक ने अपनी शिकायत में DKS अस्पताल में नौकरी दिलाने का भरोसा दिए जाने का भी आरोप लगाया है। इसके अलावा अस्पताल की कैंटीन का ठेका दिलाने की बात कहकर भी पैसे लिए जाने का दावा किया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसने इन आश्वासनों पर भरोसा करते हुए अलग-अलग समय पर भुगतान किया, लेकिन बाद में बताए गए काम पूरे नहीं हुए।
पत्नी के लिए मंत्रालय में नौकरी का आश्वासन
शिकायत में युवक ने यह भी दावा किया है कि उसकी पत्नी को मंत्रालय में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया था। इसके साथ ही उसे रेत खदान दिलाने का आश्वासन दिए जाने की बात भी कही गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार, इन सभी कार्यों को कराने के नाम पर अलग-अलग समय पर उससे पैसे लिए गए। हालांकि, इन आरोपों की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
भाई और चाचा के नाम भी शिकायत में शामिल
शिकायतकर्ता ने नीरज पांडे के अलावा उनके भाई दीपक पांडे और चाचा इंद्रासन पांडे के नाम भी अपने आवेदन में शामिल किए हैं। युवक का आरोप है कि कथित लेनदेन और आश्वासनों से जुड़े मामले में इन लोगों की भी भूमिका रही है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और संबंधित पक्षों का पक्ष भी सामने आना बाकी है।
बैंक ट्रांजेक्शन और भुगतान का दिया हवाला
युवक ने पुलिस को दिए आवेदन में अलग-अलग भुगतानों और बैंक ट्रांजेक्शन का उल्लेख किया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि उसने बताए गए काम पूरे होने की उम्मीद में विभिन्न माध्यमों से रकम का भुगतान किया था। उसके मुताबिक, कुल रकम 29 लाख रुपये से अधिक है। अब पुलिस शिकायत में बताए गए लेनदेन और अन्य दस्तावेजों की जांच कर सकती है।
पुलिस कमिश्नर से शिकायत, मुख्यमंत्री से भी लगाई गुहार
मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने रायपुर पुलिस कमिश्नर से कार्रवाई की मांग की है। इसके बाद उसने मुख्यमंत्री के सामने भी अपनी बात रखते हुए न्याय की गुहार लगाई है। युवक चाहता है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और कथित तौर पर ली गई रकम के संबंध में उचित कार्रवाई की जाए। फिलहाल पुलिस की ओर से जांच के नतीजे सामने नहीं आए हैं।
शिकायतकर्ता ने जताया जान का खतरा
शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। उसने कहा है कि यदि उसके साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसके लिए नीरज पांडे, उनके भाई दीपक पांडे और चाचा इंद्रासन पांडे जिम्मेदार होंगे। यह शिकायतकर्ता की ओर से लगाया गया आरोप है, जिसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
जांच के बाद साफ होगी पूरे मामले की तस्वीर
फिलहाल यह मामला शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों पर आधारित है। पुलिस जांच में बैंक लेनदेन, भुगतान के रिकॉर्ड, कथित आश्वासनों और संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। साथ ही नीरज पांडे और शिकायत में नामजद अन्य लोगों का पक्ष सामने आने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह तय होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है।
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