Satya Niketan Building Collapse : दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने की घटना के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। हादसे के बाद बचाव दलों ने मलबे के भीतर फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए युद्ध स्तर पर अभियान शुरू किया। पुलिस के अनुसार, अब तक 11 लोगों को मलबे से बाहर निकाला जा चुका है। इनमें से तीन लोगों की मौत हो गई है। वहीं, आशंका जताई जा रही है कि कुछ अन्य लोग अभी भी मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं।
30 से ज्यादा लोगों के फंसे होने की आशंका
घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य में जुटी एजेंसियां हर संभव प्रयास कर रही हैं। प्रारंभिक आशंका के मुताबिक, इमारत के मलबे में 30 से अधिक लोग फंसे हो सकते हैं। बचाव दल बेहद सावधानी से मलबा हटाकर अंदर मौजूद लोगों की तलाश कर रहे हैं। अभियान के दौरान किसी और व्यक्ति के दबे होने की संभावना को देखते हुए हर हिस्से की बारीकी से जांच की जा रही है।
कैमरों से अंदर फंसे लोगों की तलाश
बचाव अभियान को तेज करने के लिए टीमें विशेष कैमरों की मदद ले रही हैं। इन कैमरों के जरिए मलबे के अंदर की स्थिति का पता लगाने और फंसे हुए लोगों की लोकेशन तलाशने की कोशिश की जा रही है। इसके अलावा अंदर फंसे लोगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई है। राहत एजेंसियां तकनीकी संसाधनों और उपलब्ध उपकरणों के जरिए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में जुटी हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लिया घटनास्थल का जायजा
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सत्य निकेतन पहुंचकर घटनास्थल पर हालात का जायजा लिया। उन्होंने हादसे को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों की जान बचाना है। मुख्यमंत्री ने बचाव अभियान में शामिल अधिकारियों और एजेंसियों से लगातार जानकारी ली। उन्होंने यह भी कहा कि सभी संबंधित विभाग पूरी गंभीरता के साथ राहत कार्य में जुटे हैं और घटनास्थल पर जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं।
पुरानी इमारत में चल रहा था निर्माण और मरम्मत का काम
मुख्यमंत्री के मुताबिक, हादसे के समय इमारत में निर्माण और मरम्मत का काम चल रहा था। उन्होंने बताया कि बेसमेंट में खुदाई की जा रही थी। इसी दौरान एक पिलर खिसक गया, जिसके बाद पूरी इमारत ढह गई। हादसे की वास्तविक जिम्मेदारी तय करने के लिए प्रशासन की ओर से घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
मालिक हो या अधिकारी, दोषियों पर होगी कार्रवाई
रेखा गुप्ता ने स्पष्ट कहा कि हादसे के लिए जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि दोषी चाहे इमारत का मालिक हो या कोई अधिकारी, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। सरकार की ओर से घटना की जिम्मेदारी तय करने और लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई का भरोसा दिया गया है।
PG के तौर पर इस्तेमाल हो रही थी इमारत
मुख्यमंत्री के अनुसार, जिस इमारत का हिस्सा गिरा, उसका इस्तेमाल पेइंग गेस्ट यानी PG के तौर पर किया जा रहा था। हादसे के समय इमारत के अंदर कई युवा मौजूद थे। यही वजह है कि बचाव दल मलबे के हर हिस्से की सावधानीपूर्वक जांच कर रहे हैं। प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना है।
घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचीं मुख्यमंत्री
मलबे से निकाले गए लोगों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता घायलों का हाल जानने अस्पताल भी पहुंचीं और डॉक्टरों तथा अधिकारियों से उनकी स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव अभियान के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। फिलहाल घटनास्थल पर बचाव अभियान जारी है और एजेंसियां मलबे में फंसे संभावित लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटी हुई हैं।
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