Satya Niketan Building Collapse : दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर एक पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। इस इमारत का इस्तेमाल छात्रों के लिए पेइंग गेस्ट यानी PG के रूप में किया जा रहा था। हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। पांच घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। राहत और बचाव दल लगातार मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। आशंका है कि अभी भी कई लोग मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास है सत्य निकेतन
सत्य निकेतन दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के प्रमुख हिस्सों के नजदीक स्थित है। इलाके की संकरी और भीड़भाड़ वाली गलियों में बड़ी संख्या में छात्र PG, हॉस्टल और भोजनालयों में रहते हैं। इसी वजह से इमारत गिरने के बाद बचाव दलों के सामने मलबे तक राहत सामग्री और भारी उपकरण पहुंचाने की चुनौती भी सामने आई। स्थानीय लोगों ने भी तत्काल बचाव अभियान में मदद शुरू कर दी और उपलब्ध संसाधनों के जरिए मलबा हटाने का प्रयास किया।
40-50 साल पुरानी थी इमारत, बेसमेंट में चल रहा था काम
दिल्ली पुलिस के अनुसार, ढही हुई इमारत करीब 40 से 50 साल पुरानी थी। घटना के समय यानी दोपहर करीब 1:30 बजे इमारत के बेसमेंट में निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान अचानक इमारत का ढांचा कमजोर हुआ और पूरी बिल्डिंग ढह गई। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि निर्माण कार्य के दौरान किन परिस्थितियों में इमारत का ढांचा प्रभावित हुआ।
AIIMS में चार घायल पहुंचे, दो की हालत गंभीर
हादसे के बाद घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। AIIMS के सूत्रों के अनुसार, अस्पताल में चार घायल लोगों को लाया गया था। इनमें से दो की हालत गंभीर बनी हुई है। एक व्यक्ति को अस्पताल में मृत अवस्था में लाया गया था। इसके अलावा राहत एवं बचाव अभियान के दौरान एक बचावकर्मी को भी अस्पताल ले जाया गया, जिसे इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। घायलों का उपचार जारी है और चिकित्सकों की निगरानी में उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
पुलिस, दमकल और NDRF की टीमें मौके पर मौजूद
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग, CAT, एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं की टीमें मौके पर पहुंच गईं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी NDRF की टीम ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर राहत और बचाव अभियान संभाला। मलबे में फंसे लोगों की सही संख्या अभी स्पष्ट नहीं है। बचाव दल अत्यधिक सावधानी के साथ मलबा हटाकर संभावित रूप से फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं।
हॉस्टल डेज के नाम से जानी जाती थी इमारत
पुलिस के मुताबिक, दोपहर 1:34 बजे साउथ कैंपस थाने में नानकपुरा गुरुद्वारे के पास इमारत गिरने की सूचना मिली थी। अधिकारियों ने बताया कि मलबे में फंसे या घायल लोगों की सटीक संख्या तत्काल पता नहीं चल सकी थी। इमारत को स्थानीय स्तर पर ‘हॉस्टल डेज’ के नाम से जाना जाता था। पुलिस ने इमारत के मालिक की पहचान कर ली है और उसे पकड़ने के लिए कई टीमों का गठन किया गया है।
करीब 15 कमरों में रहते थे छात्र
स्थानीय निवासी राजेन छेत्री के अनुसार, इमारत में लगभग 15 कमरे थे और प्रत्येक कमरे में दो से तीन छात्र रहते थे। उनके मुताबिक, यहां रहने वाले कई छात्र केरल, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से थे तथा मोतीलाल नेहरू कॉलेज, आत्माराम सनातन धर्म कॉलेज और श्री वेंकटेश्वर कॉलेज में पढ़ाई करते थे। स्थानीय जानकारी के अनुसार, छात्रों से प्रति बिस्तर करीब 12,000 रुपये किराया लिया जाता था। प्रत्यक्षदर्शियों ने मलबे में 20 से अधिक लोगों के फंसे होने की आशंका जताई, हालांकि इस संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
संकरी गलियों के कारण बचाव अभियान में चुनौती
स्थानीय लोगों का कहना है कि सत्य निकेतन की गलियां काफी संकरी और भीड़भाड़ वाली हैं। ऐसे में दमकल की गाड़ियों, एंबुलेंस और बचाव उपकरणों को घटनास्थल तक पहुंचाने में शुरुआती चुनौती सामने आई। इसके बावजूद स्थानीय लोगों ने पुलिस और बचाव दलों के साथ मिलकर मलबा हटाने में मदद की। एक स्थानीय निवासी ने बताया कि अगर हादसा किसी कार्यदिवस पर हुआ होता तो आसपास मौजूद छात्रों की संख्या अधिक होने के कारण स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
बारिश के बीच इमारतों की स्थिति पर उठे सवाल
दिल्ली में शुक्रवार से लगातार बारिश हो रही है। स्थानीय निवासी प्रियंका ने इलाके में पुरानी इमारतों और PG के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि कई मकानों को PG में बदल दिया गया है और कुछ संपत्ति मालिक इलाके में नहीं रहते। उनके अनुसार, ढही हुई इमारत भी लंबे समय से पुरानी थी और उन्होंने वहां नियमित रखरखाव का काम होते नहीं देखा। उन्होंने इलाके में खुले नालों और सीवर की समस्या का भी जिक्र किया।
बिल्डिंग मालिकों के खिलाफ FIR दर्ज
पुलिस ने घटनास्थल पर लोगों से दूर रहने की अपील की है, क्योंकि भीड़ के कारण बचाव कार्य प्रभावित हो सकता है। एंबुलेंस और राहत वाहनों की आवाजाही सुचारू रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई है। पुलिस ने इमारत के मालिक आनंद बंसल और हरिओम बंसल के खिलाफ गैर इरादतन हत्या के तहत FIR दर्ज की है। मामले में निर्माण कार्य और इमारत की स्थिति से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।
अमित शाह ने रद्द किया गोवा दौरा
हादसे की जानकारी मिलने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपना गोवा दौरा रद्द कर दिया। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत कई नेता घटनास्थल पर पहुंचे और राहत-बचाव अभियान का जायजा लिया। भाजपा विधायक अनिल शर्मा ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि बचाव दल लगातार अंदर फंसे लोगों के संपर्क में रहने का प्रयास कर रहे हैं और कुछ लोगों के फोन आने की जानकारी भी सामने आई है।
पीएम मोदी ने जताया हादसे पर दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्य निकेतन इमारत हादसे पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं तथा प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
रेखा गुप्ता ने AIIMS ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर जाना हाल
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता घायलों का हाल जानने AIIMS ट्रॉमा सेंटर पहुंचीं। उन्होंने डॉक्टरों और स्वास्थ्य अधिकारियों से मुलाकात कर घायलों की स्थिति और उन्हें मिल रहे उपचार की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने राहत एवं बचाव अभियान के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने का भरोसा दिया और कहा कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
ABVP ने MCD कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन
सत्य निकेतन हादसे के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी ABVP के कार्यकर्ताओं ने रविवार को दिल्ली के सिविक सेंटर स्थित MCD कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए MCD आयुक्त के इस्तीफे की मांग की। ABVP ने आरोप लगाया कि इमारतों की सुरक्षा और कथित अवैध निर्माण को लेकर लापरवाही के कारण गंभीर हादसा हुआ। कार्यकर्ताओं ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई।
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