Vaishno Devi Helicopter Fare Hike: माता वैष्णो देवी मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए हेलीकॉप्टर यात्रा जल्द महंगी होने वाली है। कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाई के अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने किराये में प्रस्तावित बढ़ोतरी को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि आम श्रद्धालुओं पर लगातार बढ़ती यात्रा लागत का अतिरिक्त बोझ नहीं डाला जाना चाहिए। उनके मुताबिक, धार्मिक यात्रा करने वाले लोगों को राहत मिलनी चाहिए, न कि उनकी सुविधाओं पर खर्च बढ़ना चाहिए।
एक नवंबर से 16.4 फीसदी बढ़ेगा किराया
कटरा से सांझीछत के बीच हेलीकॉप्टर सेवा का किराया 1 नवंबर 2026 से बढ़ाने का फैसला किया गया है। प्रस्तावित बढ़ोतरी करीब 16.4 प्रतिशत है। इसके बाद एक तरफ की यात्रा के लिए प्रति व्यक्ति किराया 2,320 रुपये से बढ़कर 2,700 रुपये हो जाएगा। वहीं, आने-जाने यानी दोनों तरफ की यात्रा का किराया 4,640 रुपये से बढ़कर 5,400 रुपये हो जाएगा।
कांग्रेस ने किराया बढ़ाने पर उठाए सवाल
जम्मू शहरी जिला कांग्रेस समिति की ओर से भगवती नगर के पास आयोजित ‘चौपाल पर चर्चा’ कार्यक्रम में तारिक हमीद कर्रा ने किराया वृद्धि पर आपत्ति जताई। उन्होंने इसे भाजपा की कथित जनविरोधी नीतियों से जोड़ते हुए सवाल किया कि जब आम तीर्थयात्री पहले से ही बढ़ते खर्च का सामना कर रहे हैं, तो उनके ऊपर अतिरिक्त आर्थिक बोझ क्यों डाला जा रहा है।
तीर्थयात्रा से जुड़े कारोबार पर भी असर
कांग्रेस नेता ने कहा कि माता वैष्णो देवी की तीर्थयात्रा सिर्फ धार्मिक गतिविधि नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर की स्थानीय अर्थव्यवस्था का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। श्रद्धालुओं की संख्या और उनकी यात्रा लागत में होने वाले बदलाव का असर दुकानदारों, होटल संचालकों, ट्रांसपोर्टरों, टट्टू वालों और मजदूरों पर भी पड़ता है। तीर्थाटन से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हजारों परिवारों की आय इस गतिविधि पर निर्भर है।
‘चौपाल पर चर्चा’ का उद्देश्य बताया
कर्रा ने ‘चौपाल पर चर्चा’ कार्यक्रम के उद्देश्य पर भी बात की। उन्होंने कहा कि इसका मकसद आम लोगों तक पहुंचना और नागरिकों को अपनी समस्याएं खुलकर सामने रखने के लिए मंच उपलब्ध कराना है। कांग्रेस नेता के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर के लोग आर्थिक परेशानियों, बेरोजगारी और राजनीतिक अनिश्चितता जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं और सरकार को इन मुद्दों पर जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए।
वैष्णो देवी यात्रा में हो रहे कई बदलाव
माता वैष्णो देवी धाम की यात्रा व्यवस्था में भी कई बदलाव किए जा रहे हैं। हेलीकॉप्टर सेवा अब ताराकोट मार्ग के पास बनाए गए नए हट हेलीपैड से शुरू किए जाने की योजना है। इसके अलावा श्रद्धालुओं की आवाजाही को आसान बनाने के लिए कटरा से वैष्णो देवी धाम तक रोपवे की सुविधा विकसित की जा रही है। यात्रा व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए कई स्तरों पर काम जारी है।
RFID व्यवस्था को किया जा रहा मजबूत
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यात्रा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए RFID कार्ड प्रणाली को भी मजबूत और अधिक सख्त किया जा रहा है। इस व्यवस्था के जरिए यात्रियों की आवाजाही पर निगरानी और रिकॉर्ड रखने में मदद मिलती है। इसके अलावा पौनी मार्ग पर चिनाब ब्रिज के पास श्रद्धालुओं और यात्रियों के लिए क्रंची क्रूज रेस्तरां भी शुरू किया गया है।
रोजाना कई उड़ानें संचालित होती हैं
मौजूदा व्यवस्था के तहत सामान्य दिनों में दो कंपनियां हेलीकॉप्टर सेवा संचालित करती हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दोनों कंपनियों के हेलीकॉप्टर रोजाना करीब 60 से 70 उड़ानें भरते हैं। एक हेलीकॉप्टर में एक बार में लगभग पांच से छह श्रद्धालु सफर कर सकते हैं। ऐसे में हेलीकॉप्टर सेवा श्रद्धालुओं के लिए कम समय में यात्रा पूरी करने का महत्वपूर्ण विकल्प बनी हुई है।
बढ़े किराये से श्रद्धालुओं पर बढ़ेगा खर्च
1 नवंबर से किराये में होने वाली बढ़ोतरी के बाद हेलीकॉप्टर से माता वैष्णो देवी की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को पहले की तुलना में अधिक रकम खर्च करनी होगी। कांग्रेस ने इसी अतिरिक्त बोझ को लेकर सवाल उठाया है। अब यह मुद्दा राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। दूसरी ओर, यात्रा सुविधाओं में किए जा रहे बदलावों के बीच श्रद्धालुओं की नजर किराये और सुविधा के बीच संतुलन पर भी रहेगी।
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