Israel Lebanon Attack : इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में एक बार फिर सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है। लेबनान के पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन्स सेंटर की ओर से सोमवार को जारी शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, पिछले तीन दिनों के दौरान दक्षिणी लेबनान में हुए इजरायली हमलों में कम से कम 27 लोगों की मौत हुई है, जबकि 69 लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में बच्चों और महिलाओं के अलावा मेडिकल स्टाफ भी शामिल हैं।
तीन दिनों की कार्रवाई में 27 लोगों की मौत
लेबनानी स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, हालिया इजरायली हमलों का असर दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में देखने को मिला है। हमलों में बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं। स्वास्थ्य केंद्र द्वारा जारी आंकड़ों में मृतकों और घायलों की संख्या शुरुआती तौर पर बताई गई है। अधिकारियों का कहना है कि राहत और स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर पर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
इजरायली हमलों में हजारों लोगों की मौत
पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन्स सेंटर ने सोमवार शाम को संघर्ष से जुड़े व्यापक आंकड़े भी जारी किए। केंद्र के मुताबिक, 2 मार्च से अब तक इजरायली हमलों में मरने वालों की कुल संख्या 4,381 हो गई है, जबकि 12,402 लोग घायल हुए हैं। वहीं, 8 अक्टूबर 2023 से अब तक इजरायली हमलों में कुल 8,948 लोगों की मौत होने और 30,638 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई है।
समझौते के उल्लंघन का इजरायल ने लगाया आरोप
इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने रविवार सुबह दक्षिणी लेबनान में सैन्य कार्रवाई शुरू करने की वजह समझौते के कथित उल्लंघन को बताया था। IDF के मुताबिक, हिज्बुल्लाह के लड़ाकों ने दक्षिणी लेबनान में अभियान चला रहे इजरायली सैनिकों पर ड्रोन से हमला करने की कोशिश की। इजरायल ने इसे मौजूदा समझौतों का खुला उल्लंघन बताते हुए जवाबी कार्रवाई करने की बात कही।
दो ड्रोन भेजने का IDF ने किया दावा
IDF ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि हिज्बुल्लाह के लड़ाकों ने दक्षिणी लेबनान के सुरक्षा क्षेत्र में तैनात इजरायली सैनिकों की ओर दो ड्रोन भेजे थे। इजरायली सैनिकों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए एक ड्रोन को मार गिराया। IDF के अनुसार, इस घटना में किसी भी इजरायली सैनिक के घायल होने की सूचना नहीं मिली।
हिज्बुल्लाह के ठिकानों को बनाया गया निशाना
इजरायली सेना ने बताया कि कथित ड्रोन हमले की कोशिश के जवाब में दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्लाह के लड़ाकों और हथियारों के भंडारण वाले ठिकानों को निशाना बनाया गया। IDF का दावा है कि इन स्थानों का इस्तेमाल इजरायली सैनिकों और नागरिकों के खिलाफ हमलों की योजना बनाने तथा उन्हें संचालित करने के लिए किया जा रहा था।
तत्काल खतरा खत्म करने का इजरायल का दावा
IDF ने कहा कि हिज्बुल्लाह की गतिविधियों से पैदा हुए तत्काल खतरे को खत्म करने के उद्देश्य से संबंधित ठिकानों पर हमले किए गए। इजरायली सेना ने इसे रक्षात्मक कार्रवाई बताते हुए कहा कि यह कदम कथित हमले की कोशिश के जवाब में उठाया गया। इस कार्रवाई के बाद दक्षिणी लेबनान में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
पिछले सप्ताह भी भूमिगत ढांचे पर हुआ था हमला
इजरायली सेना के अनुसार, दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्लाह से जुड़े ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई पहले भी की गई है। IDF ने बताया कि पिछले सप्ताह अली अल-ताहर रिज क्षेत्र में हिज्बुल्लाह के एक भूमिगत ढांचे को निशाना बनाकर उसे निष्क्रिय किया गया था। इजरायल लगातार ऐसे ठिकानों को सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए कार्रवाई कर रहा है।
नागरिकों और मेडिकल स्टाफ के घायल होने से चिंता
हालिया हमलों में बच्चों, महिलाओं और मेडिकल स्टाफ के घायल होने की जानकारी सामने आने के बाद मानवीय स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है। दक्षिणी लेबनान में जारी सैन्य तनाव के बीच स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है। बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने से स्थानीय चिकित्सा व्यवस्था के सामने चुनौती पैदा हो सकती है।
बढ़ते तनाव के बीच संघर्ष का असर गंभीर
दक्षिणी लेबनान में लगातार हो रही सैन्य कार्रवाई से क्षेत्रीय तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। एक ओर इजरायल हिज्बुल्लाह की गतिविधियों को सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए जवाबी कार्रवाई की बात कर रहा है, वहीं दूसरी ओर लेबनान में इन हमलों के कारण बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने और घायल होने की रिपोर्ट सामने आ रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में क्षेत्र की स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी रहेगी।
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