Raipur Crime : रायपुर में पारिवारिक विवाद ने एक खौफनाक वारदात का रूप ले लिया। रिश्तों में बढ़ती कड़वाहट के बीच एक दामाद पर अपने ही ससुर की हत्या करने का आरोप लगा है। वारदात के बाद आरोपी अपने दो साथियों के साथ शव को ठिकाने लगाने के लिए टाटा मैजिक वाहन में लेकर निकला था। हालांकि, पुलिस की सतर्कता के कारण उनकी योजना कामयाब नहीं हो सकी और हत्या का पूरा मामला सामने आ गया।
पेट्रोलिंग के दौरान संदिग्ध टाटा मैजिक दिखी
पूरा मामला राजधानी रायपुर के खमतराई थाना क्षेत्र से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक 4 सितंबर को धरसींवा, खमतराई और उरला थाना क्षेत्रों की पुलिस टीम रायपुर-बिलासपुर रोड पर पेट्रोलिंग कर रही थी। इसी दौरान टीम की नजर एक संदिग्ध टाटा मैजिक वाहन पर पड़ी। पुलिस ने संदेह के आधार पर वाहन को जांच के लिए रोकने की कोशिश की।
पुलिस को देखकर मौके से फरार हुए आरोपी
जांच के दौरान टाटा मैजिक के साथ दोपहिया वाहन पर दो युवक भी नजर आए। पुलिस द्वारा वाहन रोककर पूछताछ और जांच शुरू किए जाने पर दोनों बाइक सवार युवक और टाटा मैजिक चला रहा व्यक्ति मौके से फरार हो गए। उनकी इस हरकत से पुलिस का संदेह और गहरा गया। इसके बाद पुलिस ने टाटा मैजिक की तलाशी लेने का फैसला किया।
चादर से ढका शव मिलने से मचा हड़कंप
वाहन की तलाशी के दौरान पुलिस को उसके अंदर चादर से ढका हुआ एक व्यक्ति का शव मिला। शव बरामद होते ही पुलिस ने तत्काल उसे कब्जे में लिया और आवश्यक पंचनामा कार्रवाई पूरी की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। शुरुआती जांच में मामला हत्या का प्रतीत होने पर पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।
मृतक की पहचान मोहन निषाद के तौर पर हुई
पुलिस की जांच आगे बढ़ने पर मृतक की पहचान मोहन निषाद के रूप में की गई। पहचान सामने आने के बाद पुलिस ने उसके पारिवारिक और सामाजिक संबंधों की जानकारी जुटानी शुरू की। साथ ही फरार आरोपियों के बारे में सुराग जुटाए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए एंटी क्राइम ब्रांच और उरला थाना पुलिस की संयुक्त टीम को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई।
जांच में दामाद हेमराज निषाद पर शक
जांच के दौरान पुलिस को मृतक के दामाद हेमराज निषाद की भूमिका संदिग्ध नजर आई। इसके बाद पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश देना शुरू किया। पुलिस ने उसके संपर्क में रहने वाले लोगों और संभावित सहयोगियों की भी जानकारी जुटाई। लगातार कार्रवाई के कारण आरोपी पर पुलिस का दबाव बढ़ता गया और उसकी तलाश तेज कर दी गई।
दो साथियों के साथ थाने पहुंचा मुख्य आरोपी
पुलिस के अनुसार, लगातार दबिश और गिरफ्तारी के बढ़ते दबाव के बीच मुख्य आरोपी हेमराज निषाद अपने दो साथियों के साथ थाने पहुंचा। तीनों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। पुलिस अब हत्या की पूरी वजह और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।
बेटी से कथित प्रताड़ना को लेकर था विवाद
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि मृतक अपनी बेटी के साथ कथित प्रताड़ना का विरोध करता था। इसी मुद्दे को लेकर मोहन निषाद और उसके दामाद हेमराज निषाद के बीच विवाद चल रहा था। पुलिस के मुताबिक, पारिवारिक विवाद धीरे-धीरे इतना बढ़ गया कि आरोपी ने कथित तौर पर हत्या की साजिश रची।
दो दोस्तों के साथ मिलकर हत्या का आरोप
पुलिस का आरोप है कि हेमराज निषाद ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर मोहन निषाद की हत्या कर दी। इसके बाद तीनों ने शव को चादर में लपेटकर टाटा मैजिक वाहन में रखा और उसे किसी स्थान पर ठिकाने लगाने के लिए रवाना हुए। लेकिन रास्ते में पुलिस की पेट्रोलिंग टीम ने वाहन को रोक लिया। आरोपियों के फरार होने के बाद वाहन की तलाशी में शव बरामद हो गया।
हत्या की पूरी साजिश की जांच जारी
फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ कर वारदात की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है। पुलिस हत्या में इस्तेमाल किए गए साधन, घटना की योजना, आरोपियों की भूमिका और शव को ठिकाने लगाने की कोशिश से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पूछताछ और जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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