Putin India Visit 2026 : रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सितंबर में भारत दौरे पर आने वाले हैं। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने मंगलवार को भारतीय पत्रकारों के साथ हुई वर्चुअल बातचीत में इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि पुतिन नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यह सम्मेलन 12 और 13 सितंबर 2026 को भारत मंडपम में आयोजित किया जाना है। पुतिन की यात्रा को भारत और रूस के बीच रणनीतिक तथा द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
भारत-रूस संबंधों पर होगी अहम बातचीत
दिमित्री पेस्कोव के मुताबिक, पुतिन का भारत दौरा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि भारत और रूस के शीर्ष नेतृत्व के बीच लंबे समय से मजबूत व्यक्तिगत संपर्क और व्यावहारिक संबंध रहे हैं। ऐसे में दोनों नेता आपसी सहयोग को और मजबूत करने के साथ-साथ संवेदनशील मुद्दों पर भी खुलकर चर्चा कर सकते हैं।
11 सितंबर को PM Modi से मिलेंगे पुतिन
क्रेमलिन प्रवक्ता ने यह भी जानकारी दी कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 11 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। यह मुलाकात BRICS Summit शुरू होने से एक दिन पहले होगी। बातचीत के दौरान दोनों देशों के बीच सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों और द्विपक्षीय एजेंडे से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। इस बैठक को भारत-रूस संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दोनों नेताओं के बीच लगातार संपर्क
भारत और रूस के शीर्ष नेताओं के बीच हाल के समय में भी बातचीत जारी रही है। इससे पहले 31 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने किर्गिस्तान के बिश्केक में आयोजित SCO Summit के दौरान मुलाकात की थी। दोनों नेताओं की यह बातचीत ऐसे समय हुई है, जब भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी को विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है।
BRICS सहयोग के तीन प्रमुख स्तंभ
पेस्कोव ने कहा कि रूस BRICS सहयोग को तीन प्रमुख क्षेत्रों में आगे बढ़ाने के लिए योगदान देने की कोशिश करेगा। इनमें नीति और सुरक्षा, अर्थव्यवस्था एवं वित्त तथा सांस्कृतिक और मानवीय सहयोग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि रूस BRICS के अलग-अलग स्वरूपों में नए देशों को शामिल करने के विचार का भी समर्थन करता है। उनके मुताबिक, इससे समूह के सहयोग का दायरा और व्यापक हो सकता है।
भारत करेगा 18वें BRICS Summit की मेजबानी
भारत 12 और 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है। यह सम्मेलन उभरती अर्थव्यवस्थाओं और विकासशील देशों के प्रमुख अंतर-सरकारी मंच के लिए महत्वपूर्ण अवसर होगा। भारत ने 1 जनवरी 2026 को BRICS की अध्यक्षता संभाली है। यह चौथी बार है जब भारत इस समूह की अध्यक्षता कर रहा है। सम्मेलन में वैश्विक और आर्थिक मुद्दों पर भी चर्चा की उम्मीद है।
BRICS के गठन के 20 साल पूरे
वर्ष 2026 BRICS के लिए एक खास साल है, क्योंकि इसी वर्ष समूह की स्थापना के 20 साल पूरे हो रहे हैं। शुरुआत में यह समूह ब्राजील, रूस, भारत और चीन के साथ BRIC के रूप में बना था। चारों देशों के विदेश मंत्रियों की पहली बैठक 2006 में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान हुई थी। इसके बाद 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में पहला BRIC शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया।
BRIC से BRICS तक ऐसे बढ़ा समूह
दक्षिण अफ्रीका के 2011 में समूह में शामिल होने के बाद BRIC का नाम बदलकर BRICS कर दिया गया। इसके बाद समय के साथ समूह का विस्तार हुआ और इसका वैश्विक महत्व भी बढ़ा। आज BRICS को उभरते बाजारों और विकासशील देशों के बीच सहयोग के महत्वपूर्ण मंच के तौर पर देखा जाता है। भारत की अध्यक्षता में होने वाला 18वां शिखर सम्मेलन ऐसे समय आयोजित हो रहा है, जब समूह के भविष्य और सहयोग के नए क्षेत्रों पर चर्चा अहम होगी।
पुतिन की यात्रा से मजबूत होंगे द्विपक्षीय संबंध
राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक दोनों देशों के रिश्तों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। BRICS Summit के दौरान बहुपक्षीय सहयोग के साथ भारत-रूस संबंधों से जुड़े मुद्दों पर भी बातचीत का अवसर मिलेगा। क्रेमलिन ने सम्मेलन की सफलता के लिए भारत को शुभकामनाएं दी हैं और रूस ने BRICS के तीनों प्रमुख सहयोग क्षेत्रों में योगदान जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई है।
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