PM Modi Mumbai Event : मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) स्थित नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर (NMACC) से सुरक्षा एजेंसियों ने दो संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है। मामले में एक युवक ने कथित तौर पर खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का अधिकारी बताया था। सुरक्षा जांच के दौरान उसके पास से PMO कार्यालय का फर्जी पहचान पत्र मिलने की जानकारी सामने आई। पहचान पत्र की जांच में उसके फर्जी होने का पता चलने के बाद मुंबई पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की।
संदिग्ध युवक ने खुद को PMO अधिकारी बताया
जानकारी के मुताबिक, आरोपी युवक की पहचान रोहन पारेख के तौर पर बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, वह 7 सितंबर को फर्जी पहचान पत्र के आधार पर कार्यक्रम स्थल के अंदर प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मियों की नजर उस पर पड़ी। संदिग्ध गतिविधि को देखते हुए उसकी जांच की गई और पहचान पत्रों को सत्यापित किया गया। जांच के दौरान दस्तावेज फर्जी पाए जाने पर उसे हिरासत में लिया गया।
बॉडीगार्ड के पास मिली बंदूक
मामले में सबसे अहम जानकारी यह सामने आई कि संदिग्ध युवक के साथ मौजूद उसके कथित बॉडीगार्ड के पास बंदूक थी। पुलिस ने हथियार बरामद करने के बाद दोनों के खिलाफ कार्रवाई की। फर्जी पहचान पत्र और हथियार के साथ हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम स्थल में प्रवेश की कोशिश ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों कार्यक्रम स्थल तक किस उद्देश्य से पहुंचे थे।
BKC पुलिस थाने में दर्ज हुआ मामला
मुंबई पुलिस के मुताबिक, आरोपी 7 सितंबर को फर्जी ID लेकर वेन्यू में प्रवेश करने का प्रयास कर रहा था। सुरक्षा जांच के दौरान उसके दस्तावेजों की जांच की गई तो वे फर्जी पाए गए। इसके बाद BKC पुलिस थाने में आरोपी और उसके साथ मौजूद बॉडीगार्ड के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की, ताकि घटना से जुड़े अन्य तथ्यों का पता लगाया जा सके।
मुंबई क्राइम ब्रांच कर रही मामले की जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए मामले की आगे की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फर्जी PMO पहचान पत्र किस उद्देश्य से इस्तेमाल किया गया था। इसके अलावा पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी और उसके साथ मौजूद व्यक्ति की आपस में क्या भूमिका थी और उनके पास हथियार कहां से आया। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम से पहले सुरक्षा पर सवाल
यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को BKC स्थित जियो वर्ल्ड सेंटर में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 का उद्घाटन करने वाले हैं। प्रधानमंत्री कार्यक्रम में सभा को भी संबोधित करेंगे। ऐसे महत्वपूर्ण आयोजन से ठीक पहले NMACC से फर्जी पहचान पत्र और बंदूक के साथ दो लोगों के पकड़े जाने की घटना को सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माना जा रहा है। हालांकि, दोनों आरोपियों के मकसद को लेकर जांच अभी जारी है।
24 वर्षीय युवक से पूछताछ जारी
मुंबई पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए मुख्य संदिग्ध की उम्र करीब 24 वर्ष बताई जा रही है। पुलिस ने उसके पास मिले पहचान पत्रों की जांच की और उन्हें फर्जी पाया। इसके बाद उसके साथ मौजूद बॉडीगार्ड की भी तलाशी ली गई, जिसमें बंदूक मिलने की बात सामने आई। दोनों को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। क्राइम ब्रांच अब इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
फर्जी पहचान पत्र के पीछे क्या था मकसद
पुलिस की जांच का मुख्य बिंदु अब यह है कि आरोपी ने खुद को PMO अधिकारी बताकर कार्यक्रम स्थल में प्रवेश करने की कोशिश क्यों की। उसके पास मौजूद फर्जी पहचान पत्र और उसके साथ आए व्यक्ति के पास मिले हथियार को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दोनों की योजना क्या थी और कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने के पीछे उनका वास्तविक उद्देश्य क्या था। फिलहाल मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच मामले की जांच में जुटी हैं।
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