Haldwani News : उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद हुई कथित “शुद्धिकरण” की घटना अब कानूनी विवाद में बदल गई है। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
महिला वकील की शिकायत पर दर्ज हुआ केस
पुलिस के मुताबिक, यह मामला वकील अंजू की शिकायत पर दर्ज किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शुद्धिकरण की कथित रस्म के जरिए जाति आधारित भेदभाव को बढ़ावा दिया गया और अनुसूचित जाति के व्यक्ति का सामाजिक अपमान किया गया। मामले में BNS की धारा 196 और 299 के साथ SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(r) लगाई गई है। हल्द्वानी के SP क्राइम डॉ. जगदीश चंद्र को मामले की जांच की जिम्मेदारी दी गई है।
8 अगस्त को हुआ था कांग्रेस अध्यक्ष का कार्यक्रम
शिकायत के अनुसार, 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के बाद 10 अगस्त को कुछ लोगों द्वारा उसी स्थान पर कथित तौर पर शुद्धिकरण की रस्म किए जाने का आरोप है। इस घटना से संबंधित तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया।
शुद्धिकरण को लेकर लगाए गए गंभीर आरोप
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि जिस तरीके से कथित शुद्धिकरण की रस्म की गई, उससे जातिगत भेदभाव और सामाजिक अपमान की भावना को बढ़ावा मिला। शिकायत में अनुसूचित जाति से जुड़े व्यक्ति के प्रति नफरत और तिरस्कार की भावना रखने का भी आरोप लगाया गया है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर प्रसारित एक कथित भ्रामक और संभवतः एडिट किए गए वीडियो को लेकर भी धार्मिक नफरत फैलाने का आरोप लगाया गया है।
वायरल वीडियो की भी होगी जांच
पुलिस अब इस मामले में सामने आए वीडियो और तस्वीरों की जांच कर रही है। शुद्धिकरण की रस्म में शामिल बताए जा रहे अज्ञात लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो को भी जांच के दायरे में रखा गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि वीडियो का मूल स्रोत क्या है और उसमें किसी तरह की छेड़छाड़ या एडिटिंग की गई है या नहीं।
AI से बने वीडियो की पहचान भी होगी
शिकायत में AI से तैयार वीडियो के प्रसार का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस इस पहलू की भी जांच करेगी कि संबंधित वीडियो वास्तविक है या तकनीक की मदद से तैयार अथवा संशोधित किया गया है। जांच एजेंसी वीडियो की डिजिटल जानकारी और उसके प्रसार से जुड़े तथ्यों के आधार पर संबंधित लोगों की पहचान करने की कोशिश करेगी। शिकायत 15 अगस्त को दिए जाने की बात सामने आई है।
खरगे ने राज्यसभा में उठाया था मुद्दा
शुद्धिकरण की घटना सामने आने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस मुद्दे को राज्यसभा में उठाया था। उन्होंने कथित शुद्धिकरण की रस्म में शामिल लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की थी। इसके बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मुद्दे को उठाया और घटना पर सवाल खड़े किए।
राहुल गांधी के खिलाफ भी दर्ज हुआ केस
राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद मामले ने एक नया मोड़ लिया। शुद्धिकरण की घटना में शामिल बताए जा रहे दो युवकों ने हल्द्वानी में राहुल गांधी के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत केस दर्ज कराया। इस तरह घटना से जुड़े आरोप-प्रत्यारोप का दायरा बढ़ता गया और मामला राजनीतिक बहस के साथ कानूनी विवाद में भी बदल गया।
कर्नाटक में बीजेपी नेताओं के खिलाफ जीरो FIR
मामले से जुड़ा एक और घटनाक्रम 4 सितंबर को सामने आया, जब बेंगलुरु में बीजेपी नेताओं के खिलाफ जीरो FIR दर्ज की गई। यह कार्रवाई ट्राइबल कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष टी.आर. रामप्पा की शिकायत के आधार पर हुई। शिकायत में प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स एक्ट, SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं का उल्लेख किया गया है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
हल्द्वानी की शुद्धिकरण घटना अब कई स्तरों पर जांच का विषय बन गई है। एक ओर पुलिस अज्ञात लोगों की पहचान और वायरल सामग्री की सत्यता की जांच कर रही है, वहीं दूसरी ओर घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और कानूनी कार्रवाई भी जारी है। पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो और शुद्धिकरण की घटना से जुड़े आरोपों में वास्तविकता क्या है और किन लोगों की भूमिका सामने आती है।
Read More : Dhirendra Shastri FIR : बाबा बागेश्वर के खिलाफ पुलिस शिकायत, दुर्गा पूजा में मांसाहार टिप्पणी पर कांग्रेस ने मांगी कार्रवाई