Red Fort Blast 2025 : दिल्ली के लाल किले के पास हुए ब्लास्ट मामले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की चार्जशीट से कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। एजेंसी ने मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट के मुताबिक, डॉक्टर उमर उन नबी को इस साजिश का मास्टरमाइंड बताया गया है। जांच एजेंसी का दावा है कि धमाके के समय उमर खुद Hyundai i20 कार में मौजूद था और उसी ने विस्फोटक को सक्रिय किया।
Hyundai i20 को बनाया गया था VBIED
NIA के अनुसार, धमाके में इस्तेमाल Hyundai i20 सामान्य कार नहीं थी, बल्कि उसे Vehicle-Borne Improvised Explosive Device यानी VBIED के रूप में इस्तेमाल किया गया था। फॉरेंसिक जांच के दौरान कार के मलबे और घटनास्थल से मिले नमूनों में TATP, अमोनियम नाइट्रेट और पोटैशियम नाइट्रेट जैसे विस्फोटक पदार्थों के अंश मिलने की बात कही गई है।
DNA जांच से उमर उन नबी की पहचान का दावा
चार्जशीट के अनुसार, घटनास्थल से बरामद जैविक नमूनों की DNA जांच की गई। शरीर के हिस्सों और अन्य नमूनों की जांच के आधार पर NIA ने दावा किया कि उनकी पहचान उमर उन नबी के रूप में हुई। एजेंसी के मुताबिक, इससे यह संकेत मिला कि धमाके के वक्त उमर उसी कार के अंदर मौजूद था।
कमांड मैकेनिज्म से सामने आई IED की कड़ी
जांच के दौरान लाल टेप वाले एक कमांड मैकेनिज्म के बरामद होने का भी उल्लेख चार्जशीट में है। NIA के मुताबिक, इस उपकरण पर विस्फोटक पदार्थों के निशान मिले थे। एजेंसी का दावा है कि इसका इस्तेमाल IED को कमांड के जरिए सक्रिय करने के लिए किया गया था। यह बरामदगी जांच में एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है।
नौगाम पुलिस स्टेशन धमाके का भी जिक्र
चार्जशीट में नौगाम पुलिस स्टेशन केस नंबर 162/2025 से जुड़ी जांच का भी उल्लेख किया गया है। NIA के अनुसार, आरोपी मुजम्मिल उर्फ A-4 के किराये के ठिकाने से विस्फोटक बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री, केमिकल, लैब उपकरण, टाइमर और बैटरियां बरामद की गई थीं। इन्हें फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी के बाहर किराये की जगह से बरामद किए जाने की बात कही गई है।
रॉकेट और ड्रोन को लेकर भी जांच में दावा
चार्जशीट में जासीर बिलाल वानी को लेकर भी अहम दावा किया गया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, उसने YouTube और ChatGPT के जरिए रॉकेट बनाने की जानकारी खोजी थी और कथित तौर पर रॉकेट तैयार भी किया था। उसकी टेस्टिंग बाद में टाल दी गई। NIA का यह भी दावा है कि उसे दो ड्रोन उमर उन नबी ने दिए थे।
TATP की मौजूदगी की फॉरेंसिक पुष्टि
जांच में कुल 73 एग्जिबिट जब्त किए जाने की बात चार्जशीट में कही गई है। इनमें से 64 नमूनों की जांच CFSL चंडीगढ़ और नौ नमूनों की जांच NFSU गांधीनगर में कराई गई। NIA के अनुसार, दोनों प्रयोगशालाओं में TATP के साथ अमोनियम नाइट्रेट और पोटैशियम नाइट्रेट की मौजूदगी की पुष्टि हुई।
पेन ड्राइव से मिलीं 87 तस्वीरें
चार्जशीट के मुताबिक, शाहीन सईद की पेन ड्राइव से 87 तस्वीरें बरामद हुईं। इनमें डॉक्टर मुज्जमिल शकील और शाहीन सईद को हथियारों और मैगजीन के साथ दिखाए जाने का दावा किया गया है। NIA ने आरोपियों के अंसार गजवात-उल-हिंद (AGuH) और AQIS से कथित संबंधों को भी जांच का हिस्सा बनाया है। मामले में ब्लास्ट से 11 लोगों की मौत और 29 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई है।
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