Gandhinagar Accident : गुजरात के गांधीनगर में देर रात एक निर्माणाधीन कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में बड़ा हादसा हो गया। कुडासन इलाके में स्थित ‘Bosky The Empire’ निर्माण स्थल पर अचानक भारी-भरकम क्रेन और लोहे का स्ट्रक्चर नीचे गिर गया। हादसे के वक्त साइट पर कई मजदूर काम कर रहे थे। अचानक लोहे का ढांचा और भारी मलबा गिरने से करीब 12 से 15 मजदूरों के दबे होने की जानकारी सामने आई है। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
तेज आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे स्थानीय लोग
हादसे की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास रहने वाले लोगों का ध्यान तुरंत घटनास्थल की ओर गया। स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और अपनी ओर से राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने की कोशिश की। इसके बाद घटना की जानकारी पुलिस और प्रशासन को दी गई। सूचना मिलते ही इंफोसिटी पुलिस तथा फायर ब्रिगेड की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू कर दिया।
डिप्टी सीएम हर्ष संघवी भी घटनास्थल पहुंचे
गंभीर हादसे की जानकारी मिलने के बाद गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष संघवी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया और राहत-बचाव अभियान की स्थिति की जानकारी ली। प्रशासन की ओर से रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज करने के लिए जरूरी संसाधन मौके पर लगाए गए हैं। अधिकारियों की निगरानी में मलबा हटाने और मजदूरों को बाहर निकालने का काम जारी है।
अचानक भरभराकर नीचे गिरा लोहे का स्ट्रक्चर
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, निर्माणाधीन इमारत में दो यूनिट के बीच लोहे का स्ट्रक्चर तैयार करने का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक यह भारी ढांचा असंतुलित होकर नीचे गिर गया। स्ट्रक्चर के साथ भारी लोहे और कंक्रीट का मलबा भी नीचे काम कर रहे मजदूरों पर आ गिरा। इससे कई मजदूर मलबे के नीचे फंस गए। हादसे के कारण निर्माण स्थल पर मौजूद अन्य कर्मचारियों में भी भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
भारी मलबे के बीच मजदूरों की तलाश
हादसे के बाद फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीमों ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। चार से अधिक दमकल गाड़ियां घटनास्थल पर मौजूद हैं। राहतकर्मी भारी लोहे के स्ट्रक्चर और कंक्रीट के मलबे को हटाकर अंदर फंसे मजदूरों की तलाश कर रहे हैं। बचाव दल बेहद सावधानी के साथ मलबा हटाने में जुटा है, ताकि अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके और दोबारा कोई हादसा न हो।
एंबुलेंस और मेडिकल टीमें मौके पर तैनात
मजदूरों को बाहर निकाले जाने के बाद तत्काल अस्पताल पहुंचाने के लिए मौके पर कई 108 एंबुलेंस तैनात की गई हैं। मेडिकल टीमों को भी अलर्ट रखा गया है। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान यदि कोई घायल मजदूर बाहर निकाला जाता है तो उसे मौके पर प्राथमिक उपचार देने के बाद अस्पताल भेजने की व्यवस्था की गई है। प्रशासन की प्राथमिकता फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना है।
हादसे में एक मजदूर की मौत की जानकारी
इस हादसे में एक मजदूर की मौत होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, राहत और बचाव अभियान अभी जारी है और मलबे के अंदर फंसे अन्य मजदूरों की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। बचाव दल लगातार मलबा हटाकर लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है। घटनास्थल पर मौजूद अधिकारियों की निगरानी में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
मृतकों और घायलों की संख्या अभी स्पष्ट नहीं
फिलहाल पुलिस और फायर ब्रिगेड की ओर से मृतकों या घायलों की कुल संख्या को लेकर आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि हादसे के समय निर्माण स्थल पर कुल कितने मजदूर मौजूद थे। रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही हादसे में हताहत लोगों की वास्तविक संख्या स्पष्ट हो सकेगी।
निर्माण स्थल की सुरक्षा पर उठेंगे सवाल
गांधीनगर के इस हादसे ने निर्माणाधीन परियोजनाओं में सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। क्रेन और भारी लोहे के स्ट्रक्चर के गिरने की वजह का अभी आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है। हादसे की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना तकनीकी खराबी, निर्माण संबंधी चूक या किसी अन्य कारण से हुई। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान राहत और बचाव कार्य पर केंद्रित है।
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