Manipur Tension: मणिपुर में जारी जातीय हिंसा के बीच नगा और कुकी समुदायों के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच मई 2026 में कथित तौर पर अगवा किए गए छह नगा पुरुषों की हत्या के मामले में पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। बिष्णुपुर जिले में तैनात एक कुकी समुदाय से जुड़े कांस्टेबल को इस हत्याकांड में कथित संलिप्तता के आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
निलंबन के साथ विभागीय जांच शुरू
बिष्णुपुर जिले के पुलिस अधीक्षक की ओर से जारी आदेश में कांस्टेबल के निलंबन की पुष्टि की गई है। पुलिस विभाग ने उसके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी है। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब छह नगा पुरुषों की हत्या को लेकर पीड़ित परिवारों और नगा समुदाय में भारी आक्रोश है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसियां घटनाक्रम के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
कांगपोकपी हिंसा के बाद बढ़ा तनाव
रिपोर्ट के अनुसार, 13 मई 2026 को कांगपोकपी क्षेत्र में तीन कुकी चर्च नेताओं की घात लगाकर हत्या किए जाने के बाद नगा और कुकी उग्रवादी गुटों के बीच संघर्ष तेज हो गया था। हिंसा के दौरान दोनों पक्षों के लोगों को निशाना बनाया गया और महिलाओं तथा बच्चों समेत कई लोगों के अपहरण की घटनाएं सामने आईं। इस घटनाक्रम ने पहले से संवेदनशील क्षेत्र में तनाव और बढ़ा दिया।
महिलाओं और बच्चों को कराया गया रिहा
15 मई को नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और चर्च नेताओं ने हस्तक्षेप करते हुए दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता की। इसके बाद अपहृत महिलाओं और बच्चों को रिहा कर दिया गया। बाद में सुरक्षा बलों तथा खुफिया एजेंसियों की मदद से 14 कुकी-जो पुरुषों को भी छुड़ा लिया गया। हालांकि, छह नगा पुरुषों का कोई पता नहीं चल सका और वे कथित तौर पर कुकी उग्रवादी समूहों के कब्जे में रहे।
जंगल से मिले छह नगा पुरुषों के शव
कई सप्ताह तक लापता रहने के बाद 10 जून को कांगपोकपी के जंगलों से छह नगा पुरुषों के क्षत-विक्षत शव बरामद किए गए। शव मिलने के बाद मामले ने गंभीर राजनीतिक और सामाजिक रूप ले लिया। फिलहाल राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA इस हत्याकांड की विस्तृत जांच कर रही है। जांच में कथित अपहरण, हत्या और इसमें शामिल लोगों की भूमिका को लेकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
परिवारों ने अंतिम संस्कार से किया इनकार
हत्याकांड के बाद मृतकों के परिवारों ने न्याय मिलने तक अपने परिजनों का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है। नगा परिवारों की मांग है कि हत्या की साजिश में शामिल सभी आरोपियों और संबंधित उग्रवादी समूहों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। परिवारों का कहना है कि दोषियों की पहचान कर उन्हें कानून के तहत सजा दिलाना जरूरी है।
नगा विधायकों ने कार्रवाई की मांग उठाई
इस मामले का असर मणिपुर की राजनीति पर भी दिखाई दे रहा है। नगा समुदाय से जुड़े उपमुख्यमंत्री लोसी दिखो समेत कई नगा विधायकों ने आरोपी पुलिसकर्मी और जिम्मेदार समूहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। नगा जनप्रतिनिधियों का कहना है कि छह लोगों की हत्या जैसे गंभीर मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
विधानसभा में भी बढ़ी राजनीतिक दूरी
नगा विधायकों ने कुकी समुदाय से आने वाली दूसरी उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन पर हिंसा में शामिल होने के आरोप लगाए हैं। हालांकि, ये आरोप राजनीतिक विवाद का हिस्सा हैं और मामले की जांच के निष्कर्ष अलग से सामने आने बाकी हैं। नगा विधायकों ने उनके साथ विधानसभा कक्ष साझा करने से इनकार करते हुए विधानसभा की कार्यवाही का बहिष्कार किया है। इससे मणिपुर में नगा-कुकी राजनीतिक मतभेद और गहरे होने के संकेत मिल रहे हैं।
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