Gadkari Statement : केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में देरी और खराब गुणवत्ता को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि वह ऐसे ठेकेदारों के खिलाफ अधिकतम कार्रवाई करने का रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं, जो परियोजनाओं को समय पर पूरा नहीं करते या काम की गुणवत्ता से समझौता करते हैं। इसके साथ ही लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को भी निलंबित किया जाएगा।
एक साल में कार्रवाई का रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य
गोवा में एक कार्यक्रम के दौरान गडकरी ने कहा कि आने वाले एक साल में वह अधिक से अधिक ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने का रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजनाओं में देरी या खराब क्रियान्वयन को अब किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। उनके मुताबिक, जिम्मेदार अधिकारियों पर भी विभागीय कार्रवाई जारी रहेगी।
मुंबई-गोवा हाईवे में देरी पर जताई नाराजगी
गडकरी ने मुंबई-गोवा राजमार्ग के चौड़ीकरण में हुई देरी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले उन्हें इस परियोजना में लगातार हो रही देरी को लेकर शर्मिंदगी महसूस होती थी। इसी वजह से उन्होंने पहले घोषणा की थी कि वह राजमार्ग के चौड़ीकरण का उद्घाटन करने नहीं आएंगे। हालांकि, अब स्थिति में सुधार को देखते हुए उन्होंने खुद सड़क मार्ग से इसका निरीक्षण करने का फैसला किया है।
अक्टूबर में खुद करेंगे हाईवे का निरीक्षण
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि वह अक्टूबर में मुंबई एयरपोर्ट से सड़क मार्ग के जरिए गोवा जाएंगे और मुंबई-गोवा राजमार्ग का व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण करेंगे। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अधिकारियों के साथ मंगलवार को बैठक भी हुई थी। इस निरीक्षण के दौरान परियोजना की प्रगति, सड़क की स्थिति और निर्माण कार्य की गुणवत्ता का जायजा लिया जाएगा।
पोर्वोरिम में छह लेन एलिवेटेड कॉरिडोर का उद्घाटन
गडकरी ने पणजी के पास पोर्वोरिम में छह लेन वाले एलिवेटेड रोड कॉरिडोर का उद्घाटन करने के बाद ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि आधुनिक सड़क परियोजनाओं का उद्देश्य केवल आवागमन आसान बनाना नहीं, बल्कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी बढ़ावा देना होना चाहिए। बेहतर कनेक्टिविटी से गोवा में यातायात दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
हाईवे पर दिखेगी गोवा की संस्कृति
केंद्रीय मंत्री ने गोवा सरकार को मुंबई-गोवा राजमार्ग के किनारे राज्य की स्थानीय पहचान से जुड़ी सुविधाएं विकसित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इन स्थानों पर गोवा की वास्तुकला, पारंपरिक खान-पान और हस्तशिल्प की झलक दिखाई देनी चाहिए। इससे यात्रियों को स्थानीय संस्कृति से परिचित कराने के साथ पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
वैकल्पिक ईंधन और ईवी सुविधाओं पर जोर
गडकरी ने राजमार्गों पर पेट्रोल और डीजल पंप के साथ जैव ईंधन, इलेक्ट्रिक वाहनों और अन्य वैकल्पिक ईंधनों से जुड़ी सुविधाएं विकसित करने की वकालत की। उन्होंने कहा कि परिवहन क्षेत्र में इलेक्ट्रिक, हाइड्रोजन और फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाना जरूरी है। इससे भविष्य में ईंधन पर निर्भरता और प्रदूषण दोनों कम करने में मदद मिल सकती है।
हाईवे पर पौधारोपण के लिए वैज्ञानिक अध्ययन
गडकरी ने राजमार्गों के किनारे पौधारोपण को लेकर भी वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों की मदद से अध्ययन होना चाहिए कि किन पौधों की प्रजातियों को लगाया जाए। ऐसे पौधों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जो अधिक मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषित कर सकें और पर्यावरण के लिए उपयोगी हों।
गोवा की यातायात व्यवस्था सुधारने पर जोर
मंत्री ने गोवा की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए व्यापक अध्ययन की आवश्यकता बताई। उन्होंने बाजारों को बेहतर तरीके से एकीकृत करने, शहरों के बाहर गोदाम विकसित करने और बस डिपो की व्यवस्था सुधारने जैसे सुझाव दिए। उनका कहना है कि योजनाबद्ध तरीके से किए गए ये बदलाव शहरों में यातायात दबाव कम कर सकते हैं।
परियोजनाओं की गुणवत्ता पर नहीं होगा समझौता
गडकरी के बयान से स्पष्ट है कि केंद्र सरकार सड़क और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में देरी को लेकर अब ज्यादा सख्ती बरतने की तैयारी में है। ठेकेदारों की जवाबदेही तय करने के साथ अधिकारियों की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। उनका संदेश साफ है कि समय पर काम पूरा करना और निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखना दोनों जरूरी हैं।
Read More : Manipur Tension: 6 नगा युवकों की हत्या में कुकी पुलिस कांस्टेबल निलंबित, विभागीय जांच के आदेश