Houthi Attack Saudi Arabia : मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। एक ओर ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से जारी संघर्ष ने क्षेत्रीय स्थिति को गंभीर बना रखा है, वहीं दूसरी ओर यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच भी टकराव तेज होता दिखाई दे रहा है। अब हूतियों ने सऊदी अरब के शरूराह इलाके में ड्रोन और मिसाइलों से हमला करने का दावा किया है। इस घटनाक्रम ने क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।
हूतियों ने सऊदी सैन्य ठिकाने को बनाया निशाना
अलजजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, हूती सैन्य प्रवक्ता याहिया सारी ने टेलीग्राम पर जारी एक बयान में सऊदी अरब के खिलाफ किए गए हमले की जानकारी दी। उन्होंने दावा किया कि हूती लड़ाकों ने शरूराह स्थित एक सैन्य अड्डे को निशाना बनाया। उनके मुताबिक, हमले का मुख्य लक्ष्य सैन्य अड्डे में मौजूद हथियारों का डिपो और कमांड-एंड-कंट्रोल रूम था।
बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन इस्तेमाल करने का दावा
हूती सैन्य प्रवक्ता याहिया सारी के मुताबिक, इस हमले में बड़ी संख्या में बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने दावा किया कि सैन्य ठिकाने पर हमला बेहद सटीक तरीके से किया गया। हालांकि, हमले से हुए सैन्य नुकसान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है। हूतियों ने इसे सऊदी अरब के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई का हिस्सा बताया है।
सऊदी अरब को हूतियों की सीधी चेतावनी
याहिया सारी ने अपने बयान में कहा कि यह कार्रवाई यमन के खिलाफ सऊदी अरब की कथित लगातार आक्रामकता का जवाब है। उन्होंने सऊदी अरब को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि यमन के खिलाफ हमले बंद नहीं किए गए तो आने वाले दिनों में सऊदी क्षेत्र के भीतर और भी गंभीर हमले किए जा सकते हैं। इस चेतावनी से दोनों पक्षों के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका है।
जीजान में प्रोजेक्टाइल गिरने से दो लोग घायल
सऊदी अरब की नागरिक सुरक्षा एजेंसी ने भी यमन की ओर से किए गए हमलों के बाद हुए नुकसान की जानकारी दी है। अधिकारियों के अनुसार, यमन से दागा गया एक प्रोजेक्टाइल जीजान क्षेत्र में गिरा, जिसके कारण दो लोग घायल हो गए। हमले के बाद स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां घटनास्थल पर पहुंचीं और प्रभावित क्षेत्र में स्थिति का जायजा लिया।
मस्जिद और कई वाहनों को पहुंचा नुकसान
सऊदी नागरिक सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, प्रोजेक्टाइल गिरने के कारण एक स्थानीय मस्जिद, कई रिहायशी इमारतों और अनेक वाहनों को नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद प्रभावित इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई। सऊदी अधिकारियों की ओर से नुकसान का विस्तृत आकलन किए जाने की बात सामने आई है। नागरिक इलाकों में इस तरह के हमलों ने स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
मोखा एयरपोर्ट पर सऊदी अरब ने किए हमले
इस घटनाक्रम से पहले यमन और सऊदी अरब के बीच सैन्य तनाव का एक और मामला सामने आया था। लाल सागर के प्रवेश द्वार बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य में स्थित मयून द्वीप को लेकर भी तनाव की स्थिति बनी थी। इसके बाद सऊदी अरब ने यमन के मोखा एयरपोर्ट पर कई हमले किए। हूतियों ने इन कार्रवाइयों को क्षेत्रीय संघर्ष का हिस्सा बताया था।
लाल सागर और ऊर्जा मार्ग पर बढ़ा तनाव
हूतियों के मुताबिक, लाल सागर से तेल और गैस के टैंकरों की आवाजाही वाले महत्वपूर्ण इलाके पर नियंत्रण बनाने की कोशिश के पीछे रणनीतिक उद्देश्य है। उनका दावा था कि इस क्षेत्र पर दबाव बनाकर हूती और ईरान अमेरिका पर वैश्विक ऊर्जा कीमतों को लेकर दबाव बढ़ाना चाहते हैं। लाल सागर और बाब-अल-मंदेब क्षेत्र वैश्विक समुद्री व्यापार तथा ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
क्षेत्रीय संघर्ष का असर बढ़ने की आशंका
ईरान-अमेरिका तनाव, हूती हमले और सऊदी अरब की सैन्य कार्रवाई के बीच मिडिल ईस्ट में संघर्ष का दायरा बढ़ने की आशंका बनी हुई है। लगातार हो रहे ड्रोन और मिसाइल हमलों से क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ-साथ महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों पर भी दबाव बढ़ सकता है। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की सैन्य गतिविधियों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी रहेगी।
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