AAP-GFP Alliance : गोवा की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा बदलाव देखने को मिला है। आम आदमी पार्टी (AAP) और क्षेत्रीय दल गोवा फॉरवर्ड पार्टी (GFP) ने साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है। दोनों दलों ने अपने गठबंधन को ‘गोवा फर्स्ट’ नाम दिया है। इस नए राजनीतिक मोर्चे के सामने आने के बाद राज्य में चुनावी समीकरण बदलने और मुकाबला और अधिक रोचक होने की संभावना जताई जा रही है।
अरविंद केजरीवाल और विजय सरदेसाई ने किया ऐलान
रविवार को पणजी में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल और GFP अध्यक्ष विजय सरदेसाई ने गठबंधन की औपचारिक घोषणा की। दोनों नेताओं ने कहा कि ‘गोवा फर्स्ट’ राज्य की राजनीति में एक अलग विकल्प के तौर पर सामने आएगा। गठबंधन का मुख्य राजनीतिक संदेश बीजेपी और कांग्रेस से अलग एक गैर-बीजेपी, गैर-कांग्रेस विकल्प खड़ा करने का है।
कांग्रेस और बीजेपी पर गठबंधन ने साधा निशाना
गठबंधन की घोषणा से पहले गोवा के अलग-अलग हिस्सों में AAP और GFP के संयुक्त होर्डिंग्स लगाए गए थे। इन पर कांग्रेस और बीजेपी पर निशाना साधते हुए मतदाताओं से तीसरी बार कथित तौर पर धोखा नहीं खाने की अपील की गई। गठबंधन की ओर से यह मुद्दा विशेष रूप से कांग्रेस में हुए बड़े पैमाने के दल-बदल को लेकर उठाया गया है।
कांग्रेस में हुए दल-बदल को बनाया बड़ा चुनावी मुद्दा
AAP और GFP के नेताओं ने कांग्रेस के विधायकों के बीजेपी में शामिल होने को लेकर सवाल उठाए। गठबंधन की ओर से बताया गया कि 2019 में कांग्रेस के 15 में से 10 विधायक बीजेपी में चले गए थे। इसके बाद 2022 में भी कांग्रेस के 11 में से 8 विधायक बीजेपी में शामिल हुए। इन घटनाओं को ‘गोवा फर्स्ट’ ने अपने राजनीतिक अभियान में प्रमुख मुद्दे के तौर पर सामने रखा है।
कांग्रेस से बातचीत के बाद GFP ने बदला रास्ता
GFP अध्यक्ष विजय सरदेसाई ने बताया कि उनकी पार्टी की कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर बातचीत हुई थी। हालांकि, दल-बदल के मुद्दे पर उन्हें कांग्रेस की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं मिला। इसके बाद GFP ने कांग्रेस के साथ जाने के बजाय अलग राजनीतिक रास्ता चुनने का फैसला किया। सरदेसाई ने स्पष्ट किया कि ‘गोवा फर्स्ट’ गैर-बीजेपी और गैर-कांग्रेस गठबंधन के रूप में विधानसभा चुनाव में उतरेगा।
2022 में कांग्रेस के साथ था GFP का गठबंधन
गौरतलब है कि पिछले गोवा विधानसभा चुनाव यानी 2022 में GFP ने कांग्रेस के साथ गठबंधन किया था। उस चुनाव में पार्टी को फतोरदा विधानसभा सीट पर जीत मिली थी। इस सीट से GFP अध्यक्ष विजय सरदेसाई वर्तमान में विधायक हैं। अब आगामी चुनाव में वही पार्टी कांग्रेस से अलग होकर AAP के साथ मिलकर चुनावी मैदान में उतरने जा रही है।
AAP ने 2022 में जीती थीं दो विधानसभा सीटें
वहीं आम आदमी पार्टी ने 2022 का विधानसभा चुनाव अकेले लड़ा था। पार्टी ने दक्षिण गोवा की बेनौलिम और वेलिम विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की थी। बेनौलिम से वेंजी वीगस और वेलिम से क्रूज सिल्वा विधायक चुने गए थे। ऐसे में AAP के पास भी गोवा में अपना राजनीतिक आधार होने का दावा है, जिसे अब GFP के संगठन और स्थानीय प्रभाव के साथ जोड़ने की कोशिश होगी।
2027 चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबले के संकेत
गोवा में अगला विधानसभा चुनाव फरवरी 2027 से पहले होना है। ऐसे में चुनावी तैयारियां धीरे-धीरे तेज होने लगी हैं। ‘गोवा फर्स्ट’ गठबंधन के गठन के बाद बीजेपी, कांग्रेस और AAP-GFP गठबंधन के बीच मुकाबला त्रिकोणीय होने के आसार बन रहे हैं। हालांकि, चुनाव में गठबंधन का प्रदर्शन सीट बंटवारे, उम्मीदवारों और स्थानीय मुद्दों पर निर्भर करेगा।
नए गठबंधन से बदल सकते हैं गोवा के राजनीतिक समीकरण
AAP और GFP का गठबंधन आने वाले विधानसभा चुनाव में सत्ता विरोधी मतों के समीकरण को प्रभावित कर सकता है। दोनों दलों का दावा है कि वे गोवा के लिए अलग राजनीतिक विकल्प पेश करेंगे। अब देखना होगा कि ‘गोवा फर्स्ट’ मतदाताओं के बीच कितना प्रभाव बना पाता है और क्या यह गठबंधन बीजेपी तथा कांग्रेस के बीच पारंपरिक मुकाबले को वास्तविक रूप से बदलने में सफल होता है।
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