BRICS Summit 2026 : दिल्ली में आयोजित BRICS Summit 2026 के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई देशों के नेताओं के साथ अहम द्विपक्षीय बैठकें कीं। सम्मेलन के इतर पीएम मोदी ने कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव के साथ मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर के साथ भी द्विपक्षीय बातचीत की। इन बैठकों में दोनों देशों के साथ सहयोग और आपसी संबंधों को आगे बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
वैश्विक संकटों को लेकर पीएम मोदी ने जताई चिंता
BRICS समिट को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज दुनिया में बढ़ते तनाव का सीधा असर आम लोगों के जीवन पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में किसी भी संकट को केवल एक क्षेत्र तक सीमित मानना सही नहीं है। एक क्षेत्र में पैदा होने वाली चुनौती का असर दूसरे क्षेत्रों और देशों पर भी पड़ सकता है। ऐसे में वैश्विक स्तर पर सहयोग और समन्वय की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।
BRICS में दोस्ती और सहयोग को बढ़ाने पर भारत का जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ने BRICS के मंच से हमेशा मित्रता, सहभागिता और सहयोग की भावना को आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि भारत का प्रयास रहा है कि BRICS का सहयोग केवल सरकारों और आधिकारिक स्तर तक सीमित न रहे। इसके दायरे में समाज, व्यापार, तकनीक और आम लोगों के बीच संपर्क को भी शामिल किया जाना चाहिए, ताकि संगठन का प्रभाव व्यापक स्तर पर दिखाई दे।
संक्रामक बीमारियों के लिए Early Warning System पर सहमति
पीएम मोदी ने बताया कि संक्रामक बीमारियों की रोकथाम और उनसे निपटने के लिए BRICS देशों के बीच एक Early Warning System को लेकर सहमति बनी है। इस व्यवस्था का उद्देश्य संभावित स्वास्थ्य संकटों की समय रहते पहचान करना और उनसे निपटने के लिए देशों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि ऐसी पहल वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने में मदद कर सकती है।
ग्लोबल साउथ में BRICS का बढ़ा भरोसा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि BRICS के प्रति ग्लोबल साउथ के देशों का भरोसा लगातार बढ़ा है। उन्होंने संगठन की बढ़ती भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया अब BRICS से केवल चर्चाओं और घोषणाओं की उम्मीद नहीं करती, बल्कि ठोस और प्रभावी परिणाम चाहती है। पीएम मोदी के मुताबिक, सामूहिक प्रयासों के जरिए संगठन इन अपेक्षाओं को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
तीसरे दशक में प्रवेश कर रहा BRICS
BRICS Summit 2026 के समापन संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि BRICS अब अपने तीसरे दशक में प्रवेश करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में संगठन की जिम्मेदारियां भी बढ़ रही हैं। दुनिया अब BRICS से केवल विचारों और वादों की नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाले ठोस परिणामों की अपेक्षा कर रही है। पीएम मोदी ने भरोसा जताया कि सदस्य देश मिलकर इन उम्मीदों पर खरे उतरेंगे।
चीन को अगली BRICS मेजबानी के लिए शुभकामनाएं
समापन भाषण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS की अगली मेजबानी के लिए चीन को शुभकामनाएं दीं। वहीं, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने BRICS देशों से इनोवेशन इनक्यूबेटर विकसित करने और भविष्य के उद्योगों पर मिलकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने वैश्विक औद्योगिक और आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत तथा स्थिर बनाने के लिए सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
पारंपरिक उद्योगों को आधुनिक बनाने की जरूरत
शी जिनपिंग ने पारंपरिक उद्योगों को अपग्रेड करने और भविष्य की तकनीकों से जोड़ने की आवश्यकता बताई। उन्होंने BRICS देशों के बीच एक साझा और एकीकृत बाजार विकसित करने पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि औद्योगिक सहयोग बढ़ाने और आपूर्ति श्रृंखलाओं को स्थिर रखने से सदस्य देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को नई मजबूती मिल सकती है।
भारत मंडपम में नेताओं का गर्मजोशी से स्वागत
BRICS के ओपन सेशन के लिए रविवार को दुनिया के कई देशों के नेता भारत मंडपम पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद, वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग, बुरुंडी के राष्ट्रपति इवारिस्ट नदायिशिमिये, कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव और युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान पीएम मोदी ने सभी नेताओं से हाथ मिलाकर उनका अभिवादन किया।
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