Raipur News : रायपुर में पुरानी और जर्जर इमारतों के खिलाफ नगर निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है। शहर के सदर बाजार इलाके में एक सालों पुरानी कमजोर इमारत को ढहाने का काम शुरू किया गया है। नगर निगम की टीम मौके पर मौजूद है और भवन को सुरक्षित तरीके से गिराने की प्रक्रिया में जुटी है। आसपास के क्षेत्र में लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया है, ताकि कार्रवाई के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।
35 से ज्यादा जर्जर मकानों को जारी किया गया नोटिस
रायपुर नगर निगम की ओर से शहर में अब तक 35 से ज्यादा पुराने और जर्जर मकानों को नोटिस जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। बारिश के मौसम में कमजोर भवनों के अचानक गिरने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में निगम ने संभावित हादसों को रोकने के लिए जर्जर भवनों की पहचान कर कार्रवाई शुरू की है। अधिकारियों की टीम ऐसे भवनों की स्थिति का निरीक्षण कर आवश्यक कदम उठा रही है।
11 और 12 सितंबर की रात अचानक गिरी थी इमारत
सदर बाजार इलाके में 11 और 12 सितंबर की दरमियानी रात एक पुरानी इमारत अचानक भरभराकर गिर गई थी। घटना देर रात होने के कारण बड़ा हादसा टल गया। इस घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई। हालांकि, भवन गिरने की घटना ने आसपास रहने वाले लोगों और व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी।
पुरानी इमारत गिरने के बाद निगम ने बढ़ाई निगरानी
सदर बाजार की घटना के बाद नगर निगम ने शहर में मौजूद पुराने और कमजोर भवनों को लेकर अपनी निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों का उद्देश्य ऐसे भवनों की पहचान करना है, जिनसे लोगों की जान और संपत्ति को खतरा हो सकता है। भवनों की स्थिति का आकलन करने के बाद संबंधित मालिकों को आवश्यक निर्देश और नोटिस दिए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश के बाद तेज हुई कार्रवाई
जर्जर भवनों से होने वाले हादसों को देखते हुए राज्य सरकार ने भी सभी जिलों में कमजोर और खतरनाक इमारतों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कलेक्टरों को पत्र भेजकर ऐसे भवनों को चिन्हित करने और जरूरत पड़ने पर उन्हें हटाने की कार्रवाई करने को कहा था। बारिश के दौरान पुराने भवनों के गिरने का खतरा अधिक रहता है, इसलिए प्रशासन इसे सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम मान रहा है।
डिमोलिशन के दौरान रास्ता किया गया बंद
सदर बाजार में भवन को ढहाने की कार्रवाई के दौरान आसपास का रास्ता बंद कर दिया गया है। मौके पर नगर निगम के साथ पुलिस की टीम भी मौजूद है। लोगों की आवाजाही रोकने का उद्देश्य किसी भी संभावित खतरे से बचाव करना है। अधिकारियों की निगरानी में भवन को चरणबद्ध तरीके से गिराने की कार्रवाई की जा रही है।
लोगों ने कार्रवाई का स्वागत किया लेकिन देरी पर उठाए सवाल
नगर निगम की कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने राहत जताई है। हालांकि, कुछ लोगों का कहना है कि जर्जर भवनों के खिलाफ कार्रवाई बारिश का मौसम शुरू होने से पहले ही कर दी जानी चाहिए थी। स्थानीय लोगों के मुताबिक कई कमजोर इमारतें लंबे समय से आसपास के लोगों के लिए खतरा बनी हुई थीं। समय रहते इनकी पहचान और कार्रवाई होने से हादसों की संभावना कम की जा सकती थी।
जर्जर मकानों को लेकर लोगों में सुरक्षा की चिंता
शहर के पुराने इलाकों में कई भवन लंबे समय से अस्तित्व में हैं। इनमें से कुछ इमारतों की हालत खराब होने के कारण बारिश और तेज हवाओं के दौरान खतरा बढ़ सकता है। स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन ऐसे सभी भवनों का नियमित सर्वे कराए और जिन इमारतों से खतरा है, उनके खिलाफ समय पर कार्रवाई करे।
त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की भी मांग
स्थानीय लोगों ने जर्जर भवनों के अलावा त्योहारों के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था से जुड़े दूसरे मुद्दे भी उठाए हैं। लोगों ने तेज डीजे साउंड पर नियंत्रण और सार्वजनिक स्थानों पर बेहतर व्यवस्था की मांग की है। उनका कहना है कि त्योहारों के दौरान बाजारों में भीड़ बढ़ जाती है, इसलिए कमजोर भवनों और आसपास के रास्तों को लेकर प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।
सदर बाजार में कार्रवाई जारी
फिलहाल सदर बाजार में जर्जर इमारत को ढहाने की कार्रवाई जारी है। नगर निगम और पुलिस की टीम सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में जुटी है। शहर में 35 से ज्यादा जर्जर भवनों को नोटिस दिए जाने के बाद अब लोगों की नजर इस बात पर है कि अन्य खतरनाक इमारतों के खिलाफ आगे क्या कदम उठाए जाते हैं। प्रशासन की कोशिश यही है कि कमजोर भवनों से होने वाले संभावित हादसों को समय रहते रोका जा सके।
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