Ram Mandir Security : अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में रविवार से निर्माण समिति की तीन दिवसीय अहम बैठक शुरू हो गई। बैठक के पहले दिन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने राम मंदिर परिसर का दौरा कर विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण से जुड़े अधिकारियों से मौजूदा स्थिति की जानकारी ली और आने वाले चरणों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
भव्य स्मारक स्तंभ का काम अंतिम चरण में पहुंचा
नृपेंद्र मिश्र ने मंदिर परिसर में बन रहे भव्य स्मारक स्तंभ का भी निरीक्षण किया। यह महत्वपूर्ण निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता, काम की गति और बाकी बचे कार्यों की स्थिति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली। इसके अलावा पुराने अस्थायी मंदिर क्षेत्र में चल रहे सौंदर्यीकरण के काम की भी समीक्षा की गई।
पिलग्रिम फैसिलिटेशन सेंटर में अधिकारियों के साथ हुई विस्तृत चर्चा
स्थल निरीक्षण के बाद नृपेंद्र मिश्र पिलग्रिम फैसिलिटेशन सेंटर (PFC) के सभागार पहुंचे। यहां उन्होंने निर्माण एजेंसियों, परियोजना से जुड़े अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ विस्तार से चर्चा की। 13 और 14 सितंबर को होने वाली बैठकों में मंदिर निर्माण की वर्तमान प्रगति, तकनीकी पहलुओं और आगामी योजनाओं पर विचार किया जा रहा है।
चार किलोमीटर लंबी बाहरी सुरक्षा दीवार पर भी मंथन
बैठक में राम जन्मभूमि परिसर की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े निर्माण कार्यों को भी अहम मुद्दा माना जा रहा है। परिसर के चारों ओर करीब चार किलोमीटर लंबी बाहरी सुरक्षा दीवार के निर्माण को लेकर विशेष चर्चा होने की संभावना है। इसके निर्माण से परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के साथ श्रद्धालुओं की आवाजाही तथा भविष्य की व्यवस्थाओं को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिल सकती है।
15 सितंबर को रामकथा संग्रहालय में होगी मुख्य बैठक
तीन दिवसीय बैठक का सबसे महत्वपूर्ण चरण 15 सितंबर को रामकथा संग्रहालय में आयोजित किया जाएगा। इस बैठक में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नवनियुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र पहली बार शामिल होंगे। उनकी नियुक्ति को मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक कामकाज को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पहली औपचारिक बैठक में CEO को दी जाएगी पूरी जानकारी
62 वर्षीय जितेंद्र मिश्र के साथ नृपेंद्र मिश्र की पहली औपचारिक बैठक दिल्ली से लौटने के बाद 15 सितंबर को होगी। इस दौरान उन्हें मंदिर प्रशासन, निर्माण परियोजनाओं, मौजूदा व्यवस्थाओं और भविष्य में प्रस्तावित कार्यों से संबंधित विस्तृत जानकारी दी जाएगी। माना जा रहा है कि नई प्रशासनिक व्यवस्था के तहत मंदिर से जुड़े कार्यों के संचालन और निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
राम मंदिर की पूजा व्यवस्था में भी हुए महत्वपूर्ण बदलाव
निर्माण कार्यों के साथ राम मंदिर की पूजा व्यवस्था में भी कुछ नए नियम लागू किए गए हैं। जन्माष्टमी के बाद से आरती की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। इसके अलावा मंदिर के पुजारियों के लिए विशेष पोशाक निर्धारित की गई है। पूजा और दर्शन व्यवस्था को अधिक अनुशासित तथा व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से इन बदलावों को लागू किया गया है।
गर्भगृह में मोबाइल और बाहरी सामान पर पूरी तरह रोक
राम मंदिर के गर्भगृह की मर्यादा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मोबाइल फोन तथा बाहरी सामान ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। इस नियम का उद्देश्य पूजा प्रक्रिया के दौरान अनुशासन बनाए रखना और गर्भगृह की गरिमा को सुरक्षित रखना है। नए नियमों के साथ मंदिर प्रशासन श्रद्धालुओं और पूजा व्यवस्था के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
निर्माण से प्रशासन तक राम मंदिर में बदलाव का दौर
अयोध्या में चल रही यह बैठक मंदिर परिसर के निर्माण, सुरक्षा, प्रशासन और धार्मिक व्यवस्थाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एक तरफ निर्माण कार्यों को अंतिम रूप देने की तैयारी चल रही है, वहीं दूसरी ओर नए CEO की नियुक्ति और पूजा व्यवस्था में बदलाव से प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की कोशिश दिखाई दे रही है। 15 सितंबर की बैठक में आने वाले समय की कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर अंतिम स्तर की चर्चा होने की उम्मीद है।
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