Rajasthan Nikay Chunav Result 2026 : राजस्थान में 309 नगरीय निकायों के पार्षद पदों के लिए सोमवार सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू हो गई। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से तय किए गए मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। केंद्रों के अंदर और बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। केवल अधिकृत लोगों को ही मतगणना केंद्रों में प्रवेश दिया जा रहा है।
10,245 पार्षद सीटों पर हो रहा फैसला
इन निकाय चुनावों में कुल 10,245 पार्षद पदों के परिणाम सामने आएंगे। चुनाव 10 नगर निगमों, 51 नगर परिषदों और 248 नगर पालिकाओं समेत कुल 309 नगरीय निकायों में कराया गया था। करीब 1.44 करोड़ से अधिक पंजीकृत मतदाताओं को मतदान का अधिकार मिला था। परिणामों से राज्य के शहरी इलाकों में राजनीतिक रुझान का भी संकेत मिलेगा।
शुरुआती रुझानों में भाजपा की बढ़त
मतगणना के शुरुआती रुझानों में कई प्रमुख निकायों में भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला देखने को मिल रहा है। 47 नगर परिषदों में से 28 के रुझान सामने आए हैं, जिनमें 15 में भाजपा और 13 में कांग्रेस आगे चल रही है। वहीं 252 नगर पालिकाओं में से 234 के रुझान प्राप्त हुए हैं। इनमें भाजपा 119, कांग्रेस 100 और अन्य उम्मीदवार 15 निकायों में बढ़त बनाए हुए हैं।
बड़े नगर निगमों में भी कांटे की टक्कर
अजमेर नगर निगम के 80 वार्डों में से 77 के रुझान सामने आए हैं। इनमें भाजपा 37, कांग्रेस 31 और अन्य उम्मीदवार 9 वार्डों में आगे हैं। भरतपुर नगर निगम के 65 में से 31 वार्डों के रुझान आए हैं, जहां भाजपा 17 और कांग्रेस 13 वार्डों में आगे है, जबकि एक वार्ड में अन्य उम्मीदवार बढ़त पर हैं।
जयपुर में भाजपा ने बनाई बढ़त
राज्य के सबसे बड़े नगर निगम जयपुर में कुल 150 वार्डों की मतगणना हो रही है। अब तक 105 वार्डों के रुझान सामने आए हैं। इनमें भाजपा 59 वार्डों में आगे है, जबकि कांग्रेस 38 और अन्य उम्मीदवार 8 वार्डों में बढ़त बनाए हुए हैं। जयपुर में 24 लाख से अधिक मतदाता पंजीकृत हैं, इसलिए यहां का परिणाम खास महत्व रखता है।
उदयपुर में भाजपा-कांग्रेस बराबरी पर
उदयपुर नगर निगम के 80 वार्डों में से 60 के रुझान सामने आए हैं। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक भाजपा और कांग्रेस दोनों 25-25 वार्डों में आगे चल रही हैं। बाकी वार्डों में अन्य उम्मीदवारों की स्थिति देखी जा रही है। दूसरी ओर जोधपुर नगर निगम के 100 वार्डों में से 95 के रुझान आ चुके हैं, जिनमें भाजपा 56, कांग्रेस 32 और अन्य 7 वार्डों में आगे हैं।
दो चरणों में हुआ था मतदान
राजस्थान निकाय चुनाव के लिए मतदान दो चरणों में कराया गया था। पहले चरण में 9 सितंबर को 162 नगरीय निकायों के लिए वोटिंग हुई थी, जिसमें 76.42 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। दूसरे चरण में 11 सितंबर को बाकी 147 निकायों में मतदान कराया गया और 70.68 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
भाजपा-कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा का चुनाव
2028 के विधानसभा चुनाव से पहले इन निकाय चुनावों को भाजपा और कांग्रेस के लिए अहम राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा है। दिसंबर 2023 में विधानसभा चुनाव जीतकर भाजपा ने राजस्थान में सरकार बनाई थी और भजनलाल शर्मा मुख्यमंत्री बने थे। अब करीब तीन साल बाद हो रहे ये चुनाव शहरी मतदाताओं के रुख को समझने का महत्वपूर्ण मौका हैं।
प्रमुख नेताओं ने किया था जोरदार प्रचार
चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा समेत कई बड़े नेताओं ने अपने-अपने प्रत्याशियों के लिए प्रचार किया था। दोनों दलों ने निकायों में बोर्ड बनाने के लिए पूरी ताकत झोंकी।
स्थानीय मुद्दे बन सकते हैं निर्णायक
निकाय चुनावों में राजनीतिक दलों के साथ स्थानीय मुद्दों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। साफ-सफाई, सड़क, पेयजल, सीवरेज और स्थानीय विकास जैसे मुद्दे मतदाताओं के बीच चर्चा में रहे। कई वार्डों में भाजपा और कांग्रेस के बागी तथा निर्दलीय प्रत्याशी भी मजबूत स्थिति में हैं। ऐसे उम्मीदवार आगे चलकर बोर्ड गठन में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
21 सितंबर को होगा मेयर और अध्यक्ष का चुनाव
पार्षदों के परिणाम घोषित होने के बाद निकायों के गठन की अगली प्रक्रिया शुरू होगी। 21 सितंबर को महापौर, मेयर और अध्यक्ष पदों के लिए चुनाव कराया जाएगा। इसके अगले दिन यानी 22 सितंबर को उप-महापौर और उपाध्यक्ष पदों के लिए मतदान होगा। ऐसे में मौजूदा रुझानों के बाद बोर्ड गठन को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
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