Chhattisgarh Crime : छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में बीए प्रथम वर्ष की 19 वर्षीय छात्रा अंतरा शाह की आत्महत्या के मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। इस मामले में पुलिस ने एनएसयूआई नेता ज्ञान तिवारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में छात्रा को कथित तौर पर ब्लैकमेल किए जाने की बात सामने आई है। मामले के बाद शहर में छात्र संगठनों और राजनीतिक नेताओं की ओर से निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।
मोबाइल चैट और वीडियो के नाम पर ब्लैकमेलिंग का आरोप
पुलिस के अनुसार, आरोपित छात्र नेता कथित तौर पर मृतका को उसके मोबाइल में कुछ चैट या वीडियो होने की बात कहकर लगातार परेशान और ब्लैकमेल कर रहा था। बताया जा रहा है कि इस कथित दबाव के कारण छात्रा मानसिक रूप से काफी परेशान थी। पुलिस ने शिकायत और उपलब्ध जानकारी के आधार पर ज्ञान तिवारी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, अभी तक आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
दीदी-जीजा के घर रहकर पढ़ाई करती थी अंतरा
अंतरा शाह अंबिकापुर में अपनी पढ़ाई कर रही थी और वह अपने दीदी-जीजा के घर रह रही थी। वह बीए प्रथम वर्ष की छात्रा थी। शनिवार सुबह घर के बाथरूम में उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी सामने आने के बाद परिवार में मातम छा गया। छात्रा की मौत की खबर फैलते ही स्थानीय स्तर पर भी लोगों में आक्रोश देखने को मिला।
बाथरूम में फांसी लगाने से हुई छात्रा की मौत
जानकारी के मुताबिक, शनिवार सुबह अंतरा ने घर के बाथरूम में फांसी लगा ली। घटना के बाद परिजनों और आसपास के लोगों को मामले की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। छात्रा की मौत के कारणों की जांच के दौरान कथित ब्लैकमेलिंग का एंगल सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने संबंधित व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।
स्वजन और ABVP नेताओं ने थाने का घेराव किया
घटना के बाद छात्रा के स्वजन और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी ABVP से जुड़े छात्र नेताओं में नाराजगी देखी गई। शनिवार शाम को बड़ी संख्या में लोगों ने गांधीनगर थाने पहुंचकर घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान मामले की गंभीरता से जांच करने और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से छात्रा को कथित तौर पर परेशान करने वाले व्यक्ति की जल्द गिरफ्तारी की मांग भी उठाई।
पुलिस जांच में सामने आएंगे आत्महत्या के कारण
पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि छात्रा को किस तरह और कितने समय से कथित तौर पर ब्लैकमेल किया जा रहा था। मोबाइल फोन, चैट, वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्य इस जांच में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी भी आरोप को अंतिम तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।
टीएस सिंहदेव ने निष्पक्ष जांच की मांग की
पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता टीएस सिंहदेव ने इस घटना पर चिंता जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को सभी पहलुओं की बारीकी से जांच करनी चाहिए। साथ ही, यदि जांच में कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने भी दोषी पर कार्रवाई की मांग की
भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया ने भी छात्रा की मौत की घटना को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि घटना से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाया जाना चाहिए और यदि किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसे कानून के अनुसार दंडित किया जाना चाहिए। फिलहाल पुलिस की जांच और आरोपित की गिरफ्तारी पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
गिरफ्तारी और जांच की कार्रवाई पर सबकी नजर
अंतरा शाह की आत्महत्या के मामले में FIR दर्ज होने के बाद अब पुलिस की अगली कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आरोपित ज्ञान तिवारी की गिरफ्तारी अभी नहीं हुई है। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। मामले में जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि छात्रा को कथित रूप से किस तरह परेशान किया गया और उसकी मौत के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।
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