CG Weather Today : छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, कुछ जिलों में बारिश का असर ज्यादा रहा, जबकि कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश होती रही। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की समस्या भी देखने को मिली। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश जारी रहने की संभावना जताई है।
दंतेवाड़ा के बड़े बचेली में सबसे ज्यादा बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में दंतेवाड़ा जिले के बड़े बचेली में सबसे ज्यादा 6 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा कोरबा जिले के करतला, गरियाबंद के देवभोग, रायगढ़ के छाल और सक्ती जिले के नया बाराद्वार में 3-3 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। कवर्धा और कटेकल्याण में भी बारिश का असर रहा, जहां दोनों स्थानों पर 2-2 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।
जगदलपुर में बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव
बस्तर संभाग के जगदलपुर में भी बारिश के बाद जनजीवन प्रभावित हुआ। यहां पिछले 24 घंटे में 14.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद शहर के इंदिरा वार्ड, गंगामुंडा, शहीद पार्क और नयापारा समेत कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। कुछ स्थानों पर नालियों का पानी सड़कों पर बहता दिखाई दिया, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बकावंड में भी करीब 1 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।
अगले दो दिनों तक बारिश और बिजली गिरने की संभावना
मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले दिन कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान जताया है। इस दौरान एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात यानी आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है। अगले दो दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग ने गरज-चमक के दौरान लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
मानसून द्रोणिका बनी बारिश की प्रमुख वजह
मौसम विभाग के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में बारिश के पीछे कई मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं। वर्तमान में मानसून द्रोणिका सक्रिय बनी हुई है। इसके अलावा दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और उससे लगे उत्तरी गुजरात के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इससे जुड़ी द्रोणिका मध्य प्रदेश और उत्तरी छत्तीसगढ़ से होते हुए झारखंड तक फैली हुई है।
बंगाल की खाड़ी में भी सक्रिय मौसमी सिस्टम
इसके साथ ही उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है। इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश में नमी का प्रवाह बढ़ रहा है, जिसके कारण कई क्षेत्रों में बादल छाने और बारिश होने की स्थिति बन रही है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इन सिस्टम के प्रभाव से आने वाले दिनों में भी छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में बारिश देखने को मिल सकती है।
किसानों और निचले इलाकों में रहने वालों को सतर्क रहने की जरूरत
बारिश के इस दौर से जहां किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं लगातार बारिश वाले इलाकों में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है। निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचना चाहिए। मौसम विभाग के आगामी अपडेट पर नजर रखना भी जरूरी होगा।
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