US Iran War : नई दिल्ली में हाल ही में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान अमेरिका के साथ जल्द से जल्द किसी समझौते पर पहुंचना चाहता है। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका ईरान के साथ बातचीत के विकल्प को पूरी तरह खारिज नहीं कर रहा है, लेकिन अंतिम फैसला खुद वही करेंगे। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर यह बात कही।
ट्रंप बोले- बातचीत का फैसला अमेरिका करेगा
ट्रंप ने अपने पोस्ट में दावा किया कि ईरान तेजी से किसी डील के लिए इच्छुक है। उन्होंने ईरान को एक ऐसे देश के रूप में पेश किया जो मुश्किल दौर से गुजर रहा है और अमेरिका के साथ समझौता करना चाहता है। हालांकि, ट्रंप ने स्पष्ट किया कि बातचीत में अमेरिका शामिल होगा या नहीं, इसका फैसला उनकी सरकार करेगी। उन्होंने कहा कि अमेरिका बातचीत के विचार के लिए खुला है और परिस्थितियों के अनुसार आगे कदम उठाया जाएगा।
महंगाई के लिए बाइडन प्रशासन पर साधा निशाना
ईरान को लेकर बयान देने के अलावा ट्रंप ने अमेरिका में बढ़ती कीमतों के मुद्दे पर भी पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन और उनके प्रशासन को निशाने पर लिया। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका में महंगाई और कीमतों में बढ़ोतरी के लिए उनकी सरकार जिम्मेदार नहीं है। उन्होंने इसके लिए बाइडन प्रशासन की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान भी तेल समेत कई जरूरी वस्तुओं की कीमतें काफी अधिक थीं।
ट्रंप का दावा- ईरान को परमाणु हथियार से रोका
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि उनके प्रशासन ने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए। ट्रंप के मुताबिक, मौजूदा परिस्थितियों में तेल को छोड़कर अन्य कई कीमतों में अस्थायी रूप से गिरावट देखने को मिल रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ईरान के साथ सैन्य संघर्ष समाप्त होने के बाद तेल की कीमतों में भी तेज गिरावट आ सकती है।
तेल कीमतों पर ट्रंप ने जताया बड़ा दावा
ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ सैन्य टकराव ज्यादा लंबा नहीं चलेगा। उनका दावा है कि संघर्ष समाप्त होते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों पर दबाव कम होगा और कीमतें तेजी से नीचे आ सकती हैं। हालांकि, ईरान से जुड़े तनाव और क्षेत्रीय सुरक्षा परिस्थितियों के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार पर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।
होर्मुज की सुरक्षा पर दूसरे देशों से मांगा भुगतान
ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा को लेकर भी दुनिया के कई देशों से भुगतान की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से फायदा उठाने वाले देशों को इसकी सुरक्षा की लागत में योगदान देना चाहिए। ट्रंप का तर्क है कि अमेरिका इस रणनीतिक मार्ग की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए इससे लाभ लेने वाले देशों को आर्थिक जिम्मेदारी भी उठानी चाहिए।
अमेरिका की मदद नहीं करने वाले देशों पर हमला
ट्रंप ने लगातार सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दूसरे देशों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान के साथ जारी सैन्य टकराव के दौरान कई देशों ने अमेरिका की कोई मदद नहीं की। इसके बावजूद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल की आवाजाही जारी है। ट्रंप ने कहा कि संघर्ष समाप्त होने के बाद उन देशों को अमेरिका को भुगतान करना चाहिए, जिन्हें इस समुद्री मार्ग से आर्थिक लाभ मिलता है।
होर्मुज बना अंतरराष्ट्रीय चिंता का बड़ा केंद्र
ट्रंप के बयान ऐसे समय सामने आए हैं, जब ईरान के साथ सैन्य तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा और वहां से होने वाली तेल आपूर्ति पूरी दुनिया के लिए अहम मुद्दा बनी हुई है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का लंबा व्यवधान अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और कई देशों की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।
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