UPI Charges : देश में डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने 2000 रुपये तक के UPI ट्रांजैक्शन पर किसी भी तरह का चार्ज या फीस वसूलने पर रोक लगा दी है। सरकार के इस फैसले से आम यूजर्स के साथ-साथ छोटे दुकानदारों और कारोबारियों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा RuPay डेबिट कार्ड से किए जाने वाले 2000 रुपये तक के भुगतान को भी पूरी तरह शुल्क-मुक्त रखा गया है।
छोटे दुकानदारों और कारोबारियों को मिलेगा फायदा
UPI आज देश में रोजमर्रा के छोटे-बड़े भुगतान का प्रमुख माध्यम बन चुका है। चाय की दुकान से लेकर किराना स्टोर, मेडिकल शॉप, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबार तक बड़ी संख्या में लोग UPI के जरिए भुगतान स्वीकार करते हैं। ऐसे में सरकार का यह फैसला खास तौर पर छोटे व्यापारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे कम राशि वाले डिजिटल लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने की संभावना खत्म हो जाएगी।
सरकार ने जारी किया आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन
केंद्र सरकार ने इस फैसले को औपचारिक रूप देने के लिए सोमवार को गजट नोटिफिकेशन जारी किया है। गजट नोटिफिकेशन किसी महत्वपूर्ण सरकारी फैसले या नियम की आधिकारिक सूचना होती है। इसे कानूनी और प्रशासनिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाता है। सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के बाद संबंधित संस्थाओं के लिए इस व्यवस्था का पालन करना जरूरी होगा।
वित्त मंत्रालय ने अधिसूचना में क्या कहा
वित्त मंत्रालय ने गजट नोटिफिकेशन के जरिए इस संबंध में जानकारी दी। अधिसूचना में पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007 की धारा 10A का उल्लेख किया गया है। इसके तहत केंद्र सरकार ने बैंकों और सिस्टम प्रोवाइडर्स को UPI तथा RuPay डेबिट कार्ड के माध्यम से 2000 रुपये तक के भुगतान या प्राप्ति पर किसी भी व्यक्ति से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शुल्क वसूलने से रोक दिया है।
UPI से 2000 रुपये तक का भुगतान रहेगा फ्री
सरकार के इस फैसले का सीधा असर UPI से होने वाले छोटे ट्रांजैक्शन पर पड़ेगा। 2000 रुपये तक की राशि भेजने या प्राप्त करने वाले यूजर्स से किसी भी तरह की फीस नहीं ली जा सकेगी। यानी ग्राहक किसी दुकानदार या अन्य व्यक्ति को UPI के जरिए भुगतान करता है तो उस लेनदेन के लिए अलग से चार्ज लगाने की अनुमति नहीं होगी।
बैंक और पेमेंट ऐप भी नहीं लगा सकेंगे शुल्क
इस व्यवस्था के तहत बैंक और पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर भी 2000 रुपये तक के UPI ट्रांजैक्शन पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शुल्क नहीं वसूल सकेंगे। इसमें डिजिटल पेमेंट की सुविधा देने वाले प्रमुख प्लेटफॉर्म भी शामिल हैं। इसका उद्देश्य छोटे डिजिटल भुगतानों को आसान, सस्ता और अधिक प्रोत्साहित करना है। इससे UPI के इस्तेमाल को और बढ़ावा मिलने की संभावना है।
RuPay डेबिट कार्ड से भुगतान भी रहेगा शुल्क-मुक्त
सरकार ने सिर्फ UPI ही नहीं, बल्कि RuPay डेबिट कार्ड से होने वाले 2000 रुपये तक के लेनदेन को भी शुल्क-मुक्त रखने का फैसला किया है। इसका मतलब है कि इस सीमा तक RuPay कार्ड से भुगतान करने या भुगतान प्राप्त करने वाले व्यक्ति से कोई शुल्क नहीं लिया जा सकेगा। बैंक या संबंधित सिस्टम प्रोवाइडर इस लेनदेन पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष चार्ज नहीं लगा पाएंगे।
डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने की दिशा में कदम
सरकार का यह फैसला देश में डिजिटल भुगतान व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कम राशि वाले भुगतान पर शुल्क का डर खत्म होने से ग्राहक और व्यापारी दोनों डिजिटल माध्यमों को प्राथमिकता दे सकते हैं। खासकर छोटे दुकानदारों के लिए यह व्यवस्था डिजिटल लेनदेन को आसान बनाने के साथ-साथ रोजमर्रा के भुगतान में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद कर सकती है।
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