Bihar Flood News: बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। राज्य के 15 जिलों में करीब 49.72 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं। कई इलाकों में पानी भरने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है और बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों तथा राहत केंद्रों का सहारा लेना पड़ा है। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान लगातार चलाया जा रहा है।
पटना समेत इन जिलों में सबसे ज्यादा असर
बाढ़ प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया शामिल हैं। प्रशासन के अनुसार बाढ़ का असर 88 प्रखंडों, 575 ग्राम पंचायतों, 2,642 गांवों और 21 शहरी निकायों तक पहुंचा है। करीब 55 हजार हेक्टेयर भूमि भी प्रभावित हुई है।
कई नदियां अब भी खतरे के निशान के ऊपर
बिहार में गंगा, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन, बागमती और घाघरा समेत कई नदियों का जलस्तर अलग-अलग स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 1.71 मीटर ऊपर दर्ज किया गया। लगातार बढ़े जलस्तर ने नदी किनारे बसे इलाकों में चिंता बढ़ाई है।
कम बारिश के बावजूद बिहार में क्यों आई भीषण बाढ़
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि इस साल बिहार में अब तक सामान्य से काफी कम बारिश हुई है, फिर भी राज्य बाढ़ की गंभीर स्थिति से गुजर रहा है। उनके अनुसार पड़ोसी राज्यों और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के कारण गंगा, सोन और गंडक जैसी नदियों का जलस्तर बढ़ा है।
राहत शिविरों और कम्युनिटी किचन से मदद
बाढ़ प्रभावित लोगों तक भोजन और जरूरी सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रशासन की ओर से कम्युनिटी किचन और राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। 15 सितंबर की उपलब्ध प्रशासनिक जानकारी के मुताबिक 1,200 से अधिक कम्युनिटी किचन चल रहे थे, जबकि 13 राहत शिविरों में लोगों के रहने, भोजन और चिकित्सा जैसी सुविधाओं की व्यवस्था की गई थी।
भोजन की गुणवत्ता और समय पर आपूर्ति बनी चुनौती
हालांकि राहत व्यवस्था के तहत भोजन उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन कुछ प्रभावित इलाकों में लोगों को समय पर भोजन मिलने और उसकी गुणवत्ता को लेकर शिकायतें भी सामने आई हैं। बाढ़ के कारण घरों से दूर रह रहे परिवारों के लिए भोजन, पीने का पानी, दवाइयां और अन्य रोजमर्रा की जरूरतें बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।
8.27 लाख परिवारों के खाते में पहुंची राहत राशि
बिहार सरकार ने 15 सितंबर को 8,27,472 बाढ़ प्रभावित परिवारों के बैंक खातों में सीधे 579.23 करोड़ रुपये की सहायता राशि ट्रांसफर की। प्रत्येक पात्र परिवार को 7,000 रुपये दिए गए हैं। सरकार ने राहत वितरण में पात्र परिवारों की पहचान और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।
नुकसान की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को बाढ़ से हुए नुकसान की विस्तृत और तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसमें फसल, सड़क और अन्य क्षति का आकलन शामिल किया जाना है। केंद्र की टीम भी बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने के लिए बिहार पहुंचने वाली है।
राहत और बचाव के साथ पुनर्वास पर भी जोर
बाढ़ के बीच राहत और बचाव अभियान जारी है, लेकिन प्रभावित परिवारों की रोजमर्रा की जरूरतें अब बड़ी चिंता बन गई हैं। प्रशासन के सामने चुनौती सिर्फ लोगों को सुरक्षित निकालने की नहीं, बल्कि उन्हें भोजन, पानी, स्वास्थ्य सेवाएं और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की भी है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी प्रभावित लोगों तक राहत और बचाव सहायता जल्द पहुंचाने की अपील की है।
बिहार में हालात पर प्रशासन की लगातार नजर
फिलहाल बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन की निगरानी जारी है। नदियों के जलस्तर, राहत वितरण और प्रभावित परिवारों की जरूरतों पर लगातार नजर रखी जा रही है। आने वाले दिनों में जलस्तर और मौसम की स्थिति के आधार पर राहत एवं बचाव अभियान का दायरा और बढ़ाया जा सकता है।
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